विद्यार्थी

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गणित की कक्षा में कुछ विद्यार्थी।

विद्यार्थी वह व्यक्ति होता है।जो कोई चीज सीख रहा होता है। विद्यार्थी किसी भी आयुवर्ग का हो सकता है। बालक, किशोर, युवा, या वयस्क। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है। कि वह कुछ सीख रहा होना चाहिए। जिसे किसी विद्यालय या संस्थान से सीखना पड़े। विद्यार्थी वह होता है।जो दुसरे से ज्ञान प्राप्त करता है। विद्यार्थी का अर्थ यह होता है।कि अपने से बरो का कैसे आदर करना चाहिए। यह नहीं कि मैं पढ लिख कर बडा हो जाता है। तो बरो का सम्मान नहीं करना चाहिए। विद्यार्थी जीवन बहुत ही महत्वपुर्ण होता है। आज के समय में विद्यार्थी का बहुत बडा देश के लिए अपना योगदान देरा रहा है।विद्यार्थी को शिक्षा सही तरह से लेना चाहिए। क्योंकि विद्यार्थी का काम है। शिक्षा ग्रहण करना होता है।जो भी विद्यार्थी चाहता है। कि अच्छी शिक्षा के द्वारा ही अपनी भविष्य में आगे बढ सकता है। शुरु आती दौर से ही विद्यार्थी का शिक्षा पर अधिक ध्यान देना चाहिए।विद्यार्थी का सबसे पहले अपने अधिकार होता है कि शिक्षा को प्राथमिकता देना है। किसी भी अधिकार होता है तो पहले विद्यार्थी का शिक्षा का होता है।और विद्यार्थी अपने आने वाले भविष्य में शिक्षा को अच्छी तरह से जानना चाहिए। विद्यार्थी अपना नामांकन जैसे- प्राथमिक विद्यालय,मध्य विद्यालय,उच्च विद्यालय,महाविद्यालय,विश्वविद्यालय आदि से शिक्षा देते है।विद्यार्थी का अर्थ होता है। कि किसी भी संस्था के द्वारा अपना शिक्षा ग्रहण करना चाहिए।विद्यार्थी का काम है। पढना और पढ लिख कर नौकरी करना है। और देश की सेवा करना है।हरेक विद्यार्थी को होता है। कि मै अच्छी शिक्षा लेकर अच्छा बनने के लिए सोचता रहता है। विद्यार्थी का काम हि पढ लिख कर अपने गाँव समाज का नाम ऊँचा करना हि नहीं बल्कि अपने परिवार से साथ अच्छा से जीवन बिताना होता है। विद्यार्थी का कष्ट मै जीवन होता है। लेकिन आगे चल कर वही अच्छा भी होता है।अपने परिवार के साथ कही पर सुखमय जीवन बिता सकते है।और अपनी मेहनत के द्वारा हि विद्यार्थी मंजिल तक पहुँचता है।विद्यार्थी वह होता है जो अपने सभी प्रयास करते रहते है।कि अपनी लक्ष्य की प्राप्ति कर सकुँ।और विद्यार्थी अपने प्रयास के बल पर आगे बढता रहता है।विद्यार्थी को अपने आप में गर्व होता रहता है। कि मैं पढ लिख कर अच्छा करुंगा।अपने गाँव समाज जिला राज्य और देश के लिए।मैं सेवा कर सकुँ।