लेपचा (जनजाति)

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लेपचा, रोंग
Bundesarchiv Bild 135-S-02-11-39, Tibetexpedition, Lepscha.jpg
एक लेपचा जनजाति के व्यक्ति
कुल जनसंख्या

46,000 ( 2011 )

ख़ास आवास क्षेत्र
Flag of India.svg भारत (सिक्किम और दार्जिलिंग जिला)
Flag of Nepal.svg नेपाल (लाम जिल्ला)
Flag of Bhutan.svg भूटान (सम्त्से जिला और चुखा जिला )
Flag of the People's Republic of China.svg चीन (तिब्बत क्षेत्र)
भाषाएँ
लेप्चा,सिक्कीमी,नेपाली आदि
धर्म
मुन और बौद्ध

लेपचा (जनजाति), जिसे रोंग भी कहते हैं । ये भारत के प्रमुख जनजातियों मे से एक हैं ।[1][2][3]

निवास क्षेत्र[संपादित करें]

यह पूर्वी नेपाल, पश्चिमी भूटान,तिब्बत के कुछ क्षेत्र तथा भारत के सिक्किम और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के प्रमुख निवासी हैं । एक अनुमान के मुताबिक इनकी संख्या 46 हजार है । अर्थात भारत के अन्य क्षेत्रों में 11 हजार, सिक्किम मे 25हजार और भूटान मे 10 हजार के आसपास, तिब्बत और नेपाल में इनकी संख्या नगण्य है।[4]

समाज[संपादित करें]

ये सिक्किम के सबसे पुराने निवासी माने जाते हैं, लेकिन इन्होने 14 वीं शताब्दी और उसके बाद आए भूटिया लोगों की संस्कृति के कई तत्वों को अपना लिया है । भूटिया मुख्यत: ऊंचे पहाड़ों के पशुपालक होते हैं, जबकि लेपचा सामान्यत: दूरस्थ घाटियों में रहते हैं । जहां इन दोनों समूह में कुछ अंतर्विवाह हुये हैं वहीं वे अलग रहने और अपनी भाषाएँ बोलने का प्रयास करते हैं, जो तिब्बत भाषा की बोलियाँ है । किसी भी समूह का नेपाली हिन्दू अधिवासियों से कोई संबंध नहीं है, जो 18 वीं शताब्दी में सिक्किम में आए और 20 वीं शताब्दी के अंत में जनसंख्या का दो-तिहाई भाग हो गए थे ।[5]

संस्कृति[संपादित करें]

लेपचा मुख्यत: एक ही विवाह करते हैं, हालांकि एक विवाहित पुरुष अपने छोटे अविवाहित भाई को अपने साथ रहने के साथ-साथ अपने खेत और अपनी पत्नी की साझेदारी हेतु निमंत्रित कर सकता है । कभी-कभी एक पुरुष की एक या अधिक पत्नियाँ भी हो सकती है । लेपचा अपना मूल पितृवंश के आधार पर मानते हैं और उनके बड़े पितृसत्तात्मक वंश होते हैं ।

धर्म[संपादित करें]

लेपचा, भूटिया द्वारा तिब्बती बौद्ध धर्म में परिवर्तित किए गए थे , लेकिन अब भी लेपचा लोग आत्माओं के कूलोन व उनके ओझाओं की अपनी पुरानी मान्यता को मानते हैं, जो रोगों का उपचार करती है, देवताओं से मध्यस्थता करती है और जन्म-विवाह तथा मृत्यु के समय की जाने वाली रस्मों में प्रधान होती है ।

भाषा/बोली[संपादित करें]

लेपचा भारत में रहने वाली एक प्रमुख जनजाति है और इस जनजाति के द्वारा बोली जाने वाली जनजातिय भाषा लेप्चा कहलाती है ।

भोजन[संपादित करें]

परंपरागत रूप से शिकारी और भोजन संग्राहक लेपचा जनजातीय लोग अब कृषि व पशुपालन में भी संलग्न है ।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Plaisier 2007, प॰ 1–2.
  2. SIL 2009.
  3. NIC-Sikkim.
  4. Debnath, Sailen. Essays on Cultural History of North Bengal. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9788186860427. 
  5. Debnath, Sailen. The Dooars in Historical Transition. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9788186860441. 

बाह्य सूत्र[संपादित करें]