लालजी सिंह

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

डॉ लालजी सिंह हैदराबाद स्थित 'कोशिकीय एवं आणविक जीवविज्ञान केन्द्र' (CCMB) के भूतपूर्व निदेशक हैं। सम्प्रति वे बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति हैं। वह भारत के नामी नू-जीवविज्ञानी हैं। लिंग निर्धारण का आणविक आधार, डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, वन्यजीव संरक्षण, रेशमकीट जीनोम विश्लेषण, मानव जीनोम एवं प्राचीन डीएनए अध्ययन आदि उनकी रुचि के प्रमुख विषय हैं।

जीवन परिचय[संपादित करें]

उत्तर प्रदेश में जौनपुर जिले के सदर तहसील एवं सिकरारा थाना क्षेत्र के कलवारी गांव के निवासी स्व. ठाकुर सूर्य नारायण सिंह के पुत्र के रूप में पांच जुलाई 1947 को डॉ॰ लालजी सिंह का जन्म हुआ था। इण्टरमीडियेट तक शिक्षा जिले में लेने के बाद उच्च शिक्षा के लिये 1962 में श्री सिंह बीएचयू गये जहां पर उन्होंने बीएससी एमएससी व पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। वर्ष 1971 में पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने के बाद वे कोलकाता गये जहां पर साइंस में 1974 तक एक फोलोशिप के तहत रिसर्च किया। इसके बाद वे छह माह की फोलोशिप पर यू॰के॰ गये और तीन माह की बढोत्तरी लेकर नौ माह बाद वापस भारत आये। जून 1987 में सीसीएमबी हैदराबाद में वैज्ञानिक पद पर कार्य करने लगे और 1998 से 2009 तक वहां का निदेशक रहे।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]