लहरतख़्ता

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समुद्र के किनारे पड़े कुछ लहरतख़्ते
एक छोटा तख़्ता
एक लम्बा तख़्ता (यह सन् १९२० में ली गई प्रसिद्ध लहरबाज़ ड्यूक काहानामोकू की तस्वीर है)

लहरतख़्ता या सर्फ़बोर्ड (अंग्रेज़ी: surfboard) उस फट्टे को कहते हैं जिसका प्रयोग लहरबाज़ी (सर्फ़िन्ग) के खेल में समुद्र की लहरों पर सवारी करने के लिए किया जाता है। लहरतख़्ते हलके होते हैं ताकि लहरबाज़ उन्हें आसानी से उठा सकें और अगर सवारी करते हुए वे गिर जाएँ तो तख़्ते की ठोकर से अधिक चोट न लगे। इस हल्केपन के बावजूद वे मज़बूत भी होते हैं ताकि सवार हुए लहरबाज़ का भार उठा सकें।

इतिहास[संपादित करें]

लहरबाज़ी का आविष्कार हवाई में हुआ था, लेकिन वहाँ के आदिवासी कोआ जैसे स्थानीय पेड़ों की लकड़ी से लहरतख़्ते बनाते थे। हवाईयाई भाषा में इन तख़्तों को पापा हेए नालू (papa he‘e nalu) बुलाया जाया था। यह १५ फ़ुट से भी अधिक लम्बे और बहुत ही भारी होते थे। जब से लहरबाज़ी दुनिया भर में लोकप्रीय हुई है लहरतख़्तों में बहुत सुधार हुआ है। अब इनका अंदरूनी भाग पॉलीयुरीथेन या पॉलीस्टाइरीन का बना होता है जो एक प्रकार का बहुत ही हल्का प्लास्टिक है। इसके ऊपर फ़ाइबरग्लास, कपड़े और पॉलीऍस्टर की परतें होती हैं जिन्हें ईपोक्सी घने (रॅज़िन) की गोंद से जोड़ा होता है। ईपोक्सी एक दफ़ा सूख जाए तो बहुत ही सख़्त होता है और पानी के लिए बिलकुल बंद हो जाता है। ऐसे फट्टे अत्यंत हलके, सख़्त और मज़बूत होते हैं। सवारी करते हुए लहरबाज़ों को अधिक नियंत्रण देने के लिए आधुनिक लहरतख़्तों के नीचे फ़िन (पत्ते) भी लगे होते हैं।[1]

लहरतख़्तों के प्रकार[संपादित करें]

लहरतख़्ते दो मुख्य क़िस्मों के होते हैं:

  • छोटे तख़्ते (shortboard, शॉर्टबोर्ड) - यह ५ से ७ फ़ुट लम्बे और आगे से थोड़े अधिक नोकीले होते हैं। लहरबाज़ी करते हुए इनकी रफ़्तार कम होती है और लहरबाज़ का नियंत्रण अधिक होता है। कम सतह होने की वजह से यह लहरों को भी अधिक मुश्किल से पकड़ते हैं जिस कारणवश इनके साथ अधिक शक्तिशाली लहरों पर ही अच्छी सवारी मिलती है। इनका प्रयोग अधिकतर वही लोग करते हैं जो लहरबाज़ी में माहिर हों।[2]
  • लम्बे तख़्ते (longboard, लॉन्गबोर्ड) - यह ९ से १४ फ़ुट लम्बे होते हैं और इनका इस्तेमाल नौसिखिये और माहिर लहरबाज़ दोनों करते हैं। यह आगे से ज़्यादा गोल होते हैं और इनके नीचे एक फ़िन होता है। इनके साथ छोटी लहरों पर भी सवारी की जा सकती है क्योंकि अधिक सतह होने से यह लहरों को आसानी से पकड़ लेते हैं।[3]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Surf's Up: The Girl's Guide to Surfing, Louise Southerden, Random House Digital, Inc., 2005, ISBN 978-0-345-47661-6, ... From longboards to shortboards In 1960, foam-core surfboards (like today's surfboards) replaced the old wooden boards. This was a major innovation in design for two reasons: foam is much lighter than timber, and it is easier to cut into shape ...
  2. Longboarder's Start-Up: A Guide to Longboard SurfingIssue 6 of Start-Up Sports series, Doug Werner, Tracks Pub., 1996, ISBN 978-1-884654-06-0, ... shortboarding requires mostly weight shifts, with very little footwork. Since the turning radius on a longboard is so much greater than a shortboard, maneuvers on a longboard are more drawn out ...
  3. The Encyclopedia of Surfing, Matt Warshaw, Houghton Mifflin Harcourt, 2005, ISBN 978-0-15-603251-3, ... the longboard's buoyancy allows users to paddle faster and catch waves earlier than surfers on shortboards, and because the easy-riding longboard brought more bodies into the water ...