ललितामहल
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ललिता महल, मैसूर |
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| इमारत | |
| स्थापत्य शैली | पुनर्जागरण वास्तुकला |
| ढांचा प्रणाली | पत्थर निर्माण संगमर्मर आवरण |
| शहर | मैसूर |
| देश | भारत |
| क्लाइंट | कृष्णराज वोडेयार चतुर्थ, मैसूर राज्य |
| निर्देशांक | |
| निर्माण | |
| आरम्भ | १९२१ |
| पूर्ण | बीसवीं शताब्दी |
| कीमत | १३ लाख |
| निर्माणकर्ता समूह | |
| वास्तुकार | ई.डब्लु.फ़्रिचलेय |
ललिता महल मैसूर का दूसरा सबसे बड़ा महल है। यह चामुंडी हिल के निकट, मैसूर शहर के पूर्वी ओर कर्नाटक राज्य में स्थित है। इस महल का निर्माण १९२१ में मैसूर के तत्कालीन महाराजा कृष्णराज वोडेयार चतुर्थ के आदेशानुसार हुआ था। इस महल के निर्माण का प्रमुख उद्देश्य तत्कालीन भारत के वाइसरॉय को मैसूर यात्रा के दौरान ठहराना था। [1] वर्तमान में ललितामहल भारत का अतिथिगृह एवं आईटीडीसी होटल है। [2]
[संपादित करें] चित्र दीर्घा
[संपादित करें] संदर्भ
- ↑ "About Lalitha Mahal". http://www.lalithamahalpalace.in/. अभिगमन तिथि: 2010-01-02.
- ↑ राजा-रजवाड़ों के दौर में अतिथि का स्वागत काफी अहमियत रखता था।
[संपादित करें] बाहरी सूत्र
| विकिमीडिया कॉमन्स पर ललिता महल से सम्बन्धित मीडिया है। |