राम गोपाल बजाज

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राम गोपाल बजाज-भारतीय रंगमंच निदेशक ,हिन्दी फिल्म अभिनेता और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के पूर्व निदेशक है। राम गोपाल बजाज को 1996 में थिएटर में उनके योगदान के लिए पद्मश्री और 2003 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है ।

ऊन्होने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के साथ कई नाटकों का निर्देशन किया । सूर्य की अन्तिम किरण से, सूर्य की पहली किरण तक (1974), जयशंकर प्रसाद की स्कंदगुप्त(1977 ), केदे हेयात (1989 ),मोहन राकेश का आश़ाड् का एक दिन(1992)प्रमुख है । राम गोपाल बजाज ने गिरीश कर्नाड के रक्त् कल्याण (Taledanda) का हिन्दी अनुवाद भी किया है। जिसका निर्देशन इब्राहीम अलकाजी ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (१९९२) और अरविन्द गौड़ ने अस्मिता नाट्य संस्था (१९९५) के लिये किया ।[1]

उन्होंने उत्सव(1984) और गोधूलि (1977) जैसी कला फिल्मों में एक सहायक निर्देशक के रूप मै काम भी किया और बाद में मासूम (1983),मिर्च मसाला (1985), चांदनी (1989) परजानिया,गुरु जैसी फिल्मों मै काम किया । वह वर्तमान में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली की अकादमिक परिषद के एक सदस्य है।

संदर्भ[संपादित करें]