रामनगर, उत्तराखण्ड

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रामनगर, उत्तराखण्ड, भारत के नैनीताल ज़िले में स्थित एक कस्बा और नगर निगम बोर्ड है। यह जिला मुख्यालय नैनीताल से ६५ किमी और देश की राजधानी दिल्ली से लगभग २६० किमी की दूरी पर स्थित है।

रामनगर, जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान के लिए प्रसिद्ध है। यह कस्बा इस राष्ट्रीय उद्यान का प्रवेशद्वार है। आसपास के अन्य प्रसिद्ध स्थल हैं गर्जिया देवी मन्दिर और सीता बनी मन्दिर।

इतिहास[संपादित करें]

रामनगर की स्थापना और बसासत वहां के आयुक्त एच रामसे द्वारा १८५६-१८८४ में की गयी थी। ये क़स्बा जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान का प्रवेश द्वार भी है जहां प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक आते है। उत्तर भारत के प्रसिद्ध हिल स्टेशन नैनीताल से निकट होने के कारण भी यहाँ बहुत से पर्यटक आते हैं। रामनगर, हल्द्वानी के साथ-साथ उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मण्डल का प्रवेश द्वार भी है।

रामनगर रेल और सड़क दोनों से पहुँचा जा सकता है। राजधानी दिल्ली से चलने वाली रानीखेत एक्सप्रेस २२.३५ (रात्रि १०.३५) बजे प्रस्थान करती है और रात भर की यात्रा के बाद प्रातः ४.५५ पर रामनगर पहुँच जाती है। रामनगर से लगभग १५ किमी की दूरी पर स्थित है गर्जिया देवी मन्दिर जो यहां का एक प्रसिद्द मन्दिर भी है। ये मन्दिर कोसी नदी के तट पर बसा है और एक छोटी पहाड़ी पर स्थित है। <>रामनगर के निकटवर्ती ग्राम है <>पटकोट,<>कोटाबाग,<>भालौन,<>आमगढ़ी, <>पेरूमादरा,<>टाण्डा,<>हल्दुआ;<>बोहराकोट, <>धिकाला,<>मोहान।<> हल्दुआ<>गोजनी<>चौरपानी <> करनपुर<>धनकोला<>लछमपुर ठेरी<>घनपुर<>हीम्तपुर ==लीची==रामनगर से १० कि०मी० की दूरी पर ढिकाला मार्ग पर गर्जिया नामक स्थान पर देवी गिरिजा माता के नाम से प्रसिद्ध हैं।

वर्तमान में इस मंदिर में गर्जिया माता की ४.५ फिट ऊंची मूर्ति स्थापित है, इसके साथ ही सरस्वती, गणेश जी तथा बटुक भैरव की संगमरमर की मूर्तियां मुख्य मूर्ति के साथ स्थापित हैं।
 देवी गिरिजा जो गिरिराज हिमालय की पुत्री तथा संसार के पालनहार भगवान शंकर की अर्द्धागिनी हैं, कोसी (कौशिकी) नदी के मध्य एक टीले पर यह मंदिर स्थित है।    

>< * लछमपुर ठेरी रामनगर नेनीताल >< * ठेरी के नजदीक के गांव सेमलखलिया बासिटील त्ला कानीया घनपुर उमेदपुर >< * भाषा गढवाली कुमाउं , हिन्दी, पंजाबी आदि का परीयोग की जाती हैः >< * लछमपुर ठेरी भारतया उत्तराखण्ड राज्यया कुमाँउ मण्डलया <> * नैनीताल जनपदया रामनगर तहसीलया पूर्व : पश्चिम : उत्तर : दक्षिण: >< * गाँव का कोड: 50070101014 गाँव का नाम: लछमपुर ठेरी >< * लछमपुर ठेरी, रामनगर तहसील. में भारत के उत्तराखण्ड राज्य के अन्तर्गत कुमाऊँ मण्डल के नैनीताल जिले का एक गाँव है। >< * ठेरी का सोत ओंर सावल्दे रोखड के रस्ते होते हुई लिप्टीस के साल्ब्नी और सागोंन का जगंल सुरु में प्राचीन कालुस्त बाबा का मन्दिर स्थापित है

भूगोल[संपादित करें]

रामनगर २९.४०° उ ७९.१०° पू अक्षांश पर स्थित है। समुन्द्रतल से इसकी ऊँचाई ३४५ मीटर (१,१३२ फ़ुट) है। हिमालय की तलहटी में कोसी नदी के किनारे ये कस्बा बसा हुआ है। यह कस्बा जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान के प्रवेशद्वार के रूप में ख्यात है और इस कारण यहां बहुत से देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। उत्तर भारत का एक प्रमुख पहाड़ी पर्यटन स्थल नैनीताल भी यहां से केवल ६५ किमी दूर है जिस कारण यह और भी अधिक लोकप्रिय है। रामनगर पहाड़ियों की तलहटी में बसा हुआ है और यह पश्चिमी कुमाऊँ के लिए प्रवेशद्वार भी है। कुमाऊँ की पहाड़ियां भी यहीं से आरम्भ होती हैं।

रामनगर "लीची की खेती" के लिए भी प्रसिद्ध है।

<>रामनगर के निकटवर्ती ग्राम है <>पटकोट,<>कोटाबाग,<>भालौन,<>आमगढ़ी, <>पेरूमादरा,<>टाण्डा,<>हल्दुआ;<>बोहराकोट, <>धिकाला,<>मोहान।<> हल्दुआ<>गोजनी<>चौरपानी <> करनपुर<>धनकोला<>लछमपुर ठेरी<>घनपुर<>हीम्तपुर ==लीची==रामनगर से १० कि०मी० की दूरी पर ढिकाला मार्ग पर गर्जिया नामक स्थान पर देवी गिरिजा माता के नाम से प्रसिद्ध हैं।

वर्तमान में इस मंदिर में गर्जिया माता की ४.५ फिट ऊंची मूर्ति स्थापित है, इसके साथ ही सरस्वती, गणेश जी तथा बटुक भैरव की संगमरमर की मूर्तियां मुख्य मूर्ति के साथ स्थापित हैं।
 देवी गिरिजा जो गिरिराज हिमालय की पुत्री तथा संसार के पालनहार भगवान शंकर की अर्द्धागिनी हैं, कोसी (कौशिकी) नदी के मध्य एक टीले पर यह मंदिर स्थित है।    

>< * लछमपुर ठेरी रामनगर नेनीताल >< * ठेरी के नजदीक के गांव सेमलखलिया बासिटील त्ला कानीया घनपुर उमेदपुर >< * भाषा गढवाली कुमाउं , हिन्दी, पंजाबी आदि का परीयोग की जाती हैः >< * लछमपुर ठेरी भारतया उत्तराखण्ड राज्यया कुमाँउ मण्डलया <> * नैनीताल जनपदया रामनगर तहसीलया पूर्व : पश्चिम : उत्तर : दक्षिण: >< * गाँव का कोड: 50070101014 गाँव का नाम: लछमपुर ठेरी >< * लछमपुर ठेरी, रामनगर तहसील. में भारत के उत्तराखण्ड राज्य के अन्तर्गत कुमाऊँ मण्डल के नैनीताल जिले का एक गाँव है। >< * ठेरी का सोत ओंर सावल्दे रोखड के रस्ते होते हुई लिप्टीस के साल्ब्नी और सागोंन का जगंल सुरु में प्राचीन कालुस्त बाबा का मन्दिर स्थापित है

परिवहन[संपादित करें]

वायु[संपादित करें]

रामनगर से निकटतम हवाई अड्डा उधम सिंह नगर जिले में स्थित पन्तनगर में है जो यहां से ५० किमी दूर है। प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय अड्डा दिल्ली का इन्दिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है।

रेल[संपादित करें]

सन १९०७ में ब्रिटिश काल में यहां रेलमार्ग बिछाया गया था। वर्तमान में रामनगर रेलमार्गों द्वारा देश की राजधानी दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य प्रमुख नगरों से जुड़ा हुआ है। रामनगर का अपना रेलवे स्टेशन भी है।[1]

सड़क[संपादित करें]

रामनगर का बस अड्डा यहां के रेलवे स्टेशन के निकट ही स्थित है। रामनगर से क्षेत्र के अन्य स्थानों जैसे नैनीताल और काशीपुर के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त दिल्ली और अन्य निकटवर्ती नगरों के लिए भी अच्छी बस सुविधा उपलब्ध है जिनका सञ्चालन राज्य परिवहन निगम और निजी बस ऑपरेटर दोनोण द्वारा किया जाता है। राष्ट्रीय महामार्ग १२१ जो काशीपुर में आरम्भ होकर बुबाखाल, उत्तराखण्ड तक है, रामनगर से होकर जाता है।

निकटवर्ती क्षेत्र[संपादित करें]

<>रामनगर के निकटवर्ती ग्राम है <>पटकोट,<>कोटाबाग,<>भालौन,<>आमगढ़ी, <>पेरूमादरा,<>टाण्डा,<>हल्दुआ;<>बोहराकोट, <>धिकाला,<>मोहान।<> हल्दुआ<>गोजनी<>चौरपानी <> करनपुर<>धनकोला<>लछमपुर ठेरी<>घनपुर<>हीम्तपुर ==लीची==रामनगर से १० कि०मी० की दूरी पर ढिकाला मार्ग पर गर्जिया नामक स्थान पर देवी गिरिजा माता के नाम से प्रसिद्ध हैं।

वर्तमान में इस मंदिर में गर्जिया माता की ४.५ फिट ऊंची मूर्ति स्थापित है, इसके साथ ही सरस्वती, गणेश जी तथा बटुक भैरव की संगमरमर की मूर्तियां मुख्य मूर्ति के साथ स्थापित हैं।
 देवी गिरिजा जो गिरिराज हिमालय की पुत्री तथा संसार के पालनहार भगवान शंकर की अर्द्धागिनी हैं, कोसी (कौशिकी) नदी के मध्य एक टीले पर यह मंदिर स्थित है।    

[en:Ramnagar, Uttarakhand]]
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