राबड़ी देवी

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राबड़ी देवी बिहार में आयोजित एक कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलित करती हुई

राबड़ी देवी (जन्म: 1959 गोपालगंज) स्वतन्त्र भारत में बिहार प्रान्त की पहली महिला मुख्य मन्त्री थीं।[1] राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी 25 जुलाई 1997 को बिहार की मुख्यमन्त्री उस समय बनीं जब बहुचर्चित चारा घोटाला काण्ड में उनके पति को जेल जाना पड़ा। मुख्यमन्त्री के रूप में उनका पहला कार्यकाल सिर्फ़ 2 साल का रहा जो 12 फ़रवरी 1999 को समाप्त हुआ। दूसरी बार उन्होंने मुख्यमन्त्री के तौर पर पाँच साल का कार्यकाल पूरा किया। सन् 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में राबड़ी राधोपुर क्षेत्र से निर्वाचित हुईं। राबड़ी का जन्म शिवप्रसाद चौधरी के घर बिहार के गोपालगंज जिले में हुआ था। 14 साल की उम्र में उनका विवाह सन् 1973 में लालू प्रसाद यादव के साथ हुआ।[1] राबड़ी के सात बेटियाँ और दो बेटे हैं। बिहार के मुख्यमन्त्री रहते हुए उन पर दफ्तर न जाने और विधानसभा में सवालों का जवाब न देने का आरोप लगता रहा।[2][3] पन्द्रहवीं लोकसभा के लिये हो रहे चुनाव प्रचार के दौरान एक आम सभा में राबड़ी देवी ने बिहार के मुख्यमन्त्री नीतीश कुमार और जदयू के प्रदेश अध्यक्ष लल्लन सिंह के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की। मीडिया में इसको लेकर उनकी खूब किरकिरी हुई। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह ने पटना के सीजेएम कोर्ट में राबड़ी देवी के खिलाफ 13 अप्रैल 2009 को मानहानि का मुकदमा दायर किया। राबड़ी के खिलाफ आदर्श चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप भी लगा।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]


राजनीतिक कार्यालय
पूर्वाधिकारी
लालू प्रसाद यादव
बिहार के मुख्यमंत्री
1997
उत्तराधिकारी
राष्ट्रपति शासन