राजन्य तारा

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राजन्य और सूरज के आकारों की तुलना - सूरज बाएँ पर है

राजन्य या राइजॅल, जिसका बायर नाम "बेटा ओरायोनिस" (β Orionis या β Ori) है, शिकारी तारामंडल का सब से रोशन तारा है। यह पृथ्वी से दिखने वाले तारों में से छठा सब से रोशन तारा भी है। इसकी चमक (या सापेक्ष कान्तिमान) 0.18 मैग्निट्यूड पर मापी गयी है। यह पृथ्वी से 700-900 प्रकाश वर्ष की दूरी पर है। राजन्य एक नीला महादानव तारा है जो हमारे सूरज के द्रव्यमान से 17 गुना द्रव्यमान (मास) है। इसकी अंदरूनी चमक (या निरपेक्ष कान्तिमान) हमारे सूरज की चमक की 85,000 गुना है।[1]

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

राजन्य को अंग्रेज़ी में "राइजॅल" (Rigel) कहते है, जो अरबी भाषा के मूल नाम "रिज्ल अल-जब्बार" (رجل الجبار) से आया है, जिसका अर्थ है "भीमकाय आदमी का बायाँ पाऊँ"।

वास्तव में तीन तारे[संपादित करें]

वैज्ञानिकों को सन् 1831 में पता चला के राजन्य एक दोहरा तारा है, जिनके नाम "राजन्य ए" (Rigel A) और "राजन्य बी" (Rigel B) रखे गए। इन दोनों में 2,200 खगोलीय इकाइयों की दूरी है और, जहाँ तक ज्ञात है इन दोनों का आपस का गुरुत्वाकर्षक सम्बन्ध बहुत कमज़ोर है या है ही नहीं। "राजन्य बी" की रोशनी "राजन्य ए" से इतनी ज़्यादा फीकी है के मामूली दूरबीनों से यह अलग नज़र ही नहीं आता। बाद में यह भी ज्ञात हुआ के वास्तव में "राजन्य बी" स्वयं एक द्वितारा है जिसके दोनों तारे अपने द्रव्यमान केन्द्र के इर्द-गिर्द हर 9.8 दिनों में एक परिक्रमा पूरी कर लेते हैं। इन दोनों की श्रेणी B9V है और दोनों मुख्य अनुक्रम तारे हैं (यानि बौने तारे हैं)। इनमें से बड़ा वाला तारा सूरज का 2.5 गुना द्रव्यमान रखता है और दूसरा वाला 1.9 गुना द्रव्यमान रखता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]