राकेश शर्मा

मुक्त ज्ञानकोष विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
राकेश चक्रधारी
राकेश शर्मा
अंतरकॉस्मोस अंतरिक्ष यात्री
राष्ट्रीयता भारतीय
जन्म १३ जनवरी १९४९
लुधियाना, पंजाब, भारत
अन्य व्यवसाय परीक्षण पायलट
पद स्क्वाड्रन लीडर (विंग कमांडर सेवानिवृत्त), भारतीय वायुसेना
अंतरिक्ष में बीता समय ७ दिन २१ घंटे ४० मिनट
चयन १९८२
मिशन सोयूज़ टी-११

राकेश शर्मा (जन्म १३ जनवरी १९४९) भारत के पहले और विश्व के १३८वें अन्तरिक्ष यात्री हैं। १९८४ में भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान संगठन और सोवियत संघ के इंटरकॉंसमॉस कार्यक्रम के एक संयुक्त अंतरिक्ष अभियान के अंतर्गत राकेश शर्मा आठ दिन तक अंतरिक्ष में रहे। ये उस समय भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर और विमानचालक थे। २ अप्रैल १९८४ को दो अन्य सोवियत अन्तरिक्षयात्रियों के साथ सोयूज़ टी-११ में राकेश शर्मा को लांच किया गया। इस उड़ान में और साल्युत ७ अन्तरिक्ष केन्द्र में उन्होंने उत्तरी भारत की फोटोग्राफी की और गुरुत्वाकर्षण-हीन योगाभ्यास किया।

उनकी अन्तरिक्ष उड़ान के दौरान भारत की प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी ने राकेश शर्मा से पूछा कि ऊपर से अन्तरिक्ष से भारत कैसा दिखता है। राकेश शर्मा ने उत्तर दिया- "सारे जहाँ से अच्छा"। भारत सरकार ने उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया। विंग कमाण्डर के पद पर सेवा-निवृत्त होने पर राकेश शर्मा ने हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड में परीक्षण विमानचालक के रूप में काम किया। नवम्बर २००६ में इन्होंने भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान संगठन की एक समिति में भाग लिया जिसने एक नए भारतीय अन्तरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को स्वीकृति दी।