रवीन्द्रनाथ ठाकुर की कृतियाँ

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
रबीन्द्रनाथ ठाकुर

रवीन्द्रनाथ ठाकुर का सृष्टिकर्म काव्य, उपन्यास, लघुकथा, नाटक, प्रबन्ध, चित्रकला और सङ्गीत आदि अनेकानेक क्षेत्रों फैला हुआ है।

उपन्यास[संपादित करें]

उपन्यास रचनाकाल अन्य तथ्य
बौ-ठाकुराणीर हाट १८८३ रवीन्द्रनाथ ठाकुर का प्रथम ग्रन्थ रूप में प्रकाशित उपन्यास। यशोर के राजा प्रतापादित्य और बाकला के जमींदार रामचन्द्र के विवाद को आधार बनाकर ऐतिहासिक उपन्यास। १३१६ बङ्गाब्द में बौ-ठाकुराणीर हाट को आधार बनाकर उनका प्रायश्चित्त नाटक रचित है। प्रायश्चित्त १३३६ बङ्गाब्द में पुनर्लिखित होकर परित्राण नाम से मुद्रित हुआ।
राजर्षि १८८७ त्रिपुरा के राजपरिवार के इतिहास को लेकर रचित ऐतिहासिक उपन्यास। १२९७ बङ्गाब्द में इस उपन्यास के प्रथमांश के आधार पर बिसर्जन नामक नाटक की रचना हुई।
चोखेर बालि १९०३ सामाजिक-मनस्तात्त्बिक उपन्यास। रबीन्द्रनाथेर अन्यतम श्रेष्ठ उपन्यास। २००३ साले ऋतुपर्ण घोष एइ उपन्यास अबलम्बने चोखेर बालि चलच्चित्रटि निर्माण करेन।
नौकाडुबि १९०६ सामाजिक उपन्यास। १३१०-११ बङ्गाब्दे बङ्गदर्शन पत्रिकाय प्रकाशित हय।
प्रजापतिर निर्बन्ध १९०८ हास्यरसात्मक उपन्यास। १३११ बङ्गाब्दे रबीन्द्र-ग्रन्थाबली ('हितबादीर उपहार') संकलने चिरकुमार सभा नामे प्रकाशित हय। परे चिरकुमार सभा नामे एइ उपन्यासेर नाट्यरूपटि १३३२ बङ्गाब्दे प्रकाशित हय।
गोरा १९१० एपिक उपन्यास। रबीन्द्रनाथेर दीर्घतम उपन्यास। देश पत्रिकार बिचारे बिंश शताब्दीर श्रेष्ठ बांला उपन्यास।
घरे बाइरे १९१६ राजनैतिक उपन्यास। चलित भाषाय लेखा रबीन्द्रनाथेर प्रथम उपन्यास। १९८४ साले सत्यजित् राय एइ उपन्यास अबलम्बने घरे बाइरे चलच्चित्रखानि निर्माण करेन।
चतुरङ्ग १९१६ सामाजिक-मनस्तात्त्बिक उपन्यास। साधुभाषाय लिखित रबीन्द्रनाथेर सर्बशेष उपन्यास। रबीन्द्रनाथेर अन्यतम श्रेष्ठ उपन्यास बले बिबेचित हय। २००८ साले सुमन मुखोपाध्याय एइ उपन्यास अबलम्बने चतुरङ्ग चलच्चित्रखानि निर्माण करेन।
योगायोग १९२९ सामाजिक-मनस्तात्त्बिक उपन्यास। बिचित्रा मासिकपत्रे धाराबाहिकरूपे प्रकाशित हय (आश्बिन, १३३४ - चैत्र, १३३५)। पत्रिकाय प्रकाशकाले नाम छिल तिन-पुरुष
शेषेर कबिता १९२९ रोम्यान्टिक-मनस्तात्त्बिक काब्यिक उपन्यास। रबीन्द्रनाथेर अन्यतम श्रेष्ठ उपन्यास।
मालञ्च १९३४ सामाजिक-मनस्तात्त्बिक उपन्यास। नरनारीर जटिल सम्पर्क निये रचित रबीन्द्रनाथेर एकटि संक्षिप्त उपन्यास।
चार अध्याय १९३४ राजनैतिक उपन्यास। एइ उपन्यासे रबीन्द्रनाथ सशस्त्र बिप्लबबादेर बिरुद्धे बितृष्णा प्रकाश कराय बितर्केर सृष्टि हय। उत्पल दत्त उपन्यासटिर नाट्यरूप मञ्चायन करेछिलेन।

कविता[संपादित करें]

लघुकथा[संपादित करें]

गीतिनाट्य, नाटक, नृत्यनाट्य[संपादित करें]

प्रबन्ध समूह[संपादित करें]

भ्रमण कथा[संपादित करें]

जीबनीमूलक[संपादित करें]

पत्र-साहित्य[संपादित करें]

सङ्गीत[संपादित करें]

चित्रकला[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]


बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

साँचा:रवीन्द्रनाथ ठाकुर