रबड़
विकिपीडिया, एक मुक्त ज्ञानकोष से
रबड़ के वृक्ष भूमध्य रेखीय सदाबहार वनों में पाए जाते हैं, इसके दूध, जिसे लेटेक्स कहते हैं से रबड़ तैयार किया जाता हैं। सबसे पहले यह अमेजन बेसिन में जंगली रूप में उगता था, वहीं से यह इंगलैण्ड निवासियों द्वारा दक्षिणी-पूर्वी एशिया में ले जाया गया। पहले इसका प्रयोग पेन्सिल के निशान मिटाने के लिये किया जाता था। आज यह विश्व की महत्वपूर्ण व्यावसायिक फसलों में से है। इसका प्रयोग मोटर के ट्यूब, टायर, वाटर प्रूफ कपड़े, जूते तथा विभिन्न प्रकार के दैनिक उपयोग की वस्तुओं में होता है। थाईलैंड, इण्डोनेशिया, मलेशिया, भारत, चीन तथा श्रीलंका प्रमुख उत्पादक देश है। भारत का विश्व उत्पादन में चौथा स्थान है परन्तु घरेलु खपत अधिक होने के कारण यह रबर का आयात करता है।
अनुक्रम |
[संपादित करें] भौगोलिक दशाएं
- रबड़ उष्ण कटिबन्धीय पौधा हैं ।
[संपादित करें] तापमान
- २५0 से 300 से. मी. ।
[संपादित करें] वर्षा
- 150 से 200 से. मी. ।
[संपादित करें] विश्व वितरण
- मलेशिया
- इन्डोनेशिया
- भारत