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रत्नावलीहर्ष द्वारा रचित एक संस्कृतनाटक जिसमें राजा उदयन और राजकुमारी रत्नावली की कहानी वर्णित है। यह चार अंकों की एक नाटिका है। इस नाटिका में होली मनाये जाने का सबसे प्रथम उल्लेख मिलता है।