रजत गुप्ता

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Rajat Gupta
Rajat Kumar Gupta - WEF Davos 2009.jpg
जन्म 2 दिसम्बर 1948 (1948-12-02) (आयु 64)
[New Delhi]
व्यवसाय Consultant, Management expert
जीवनसाथी Anita Mattoo Gupta

रजत गुप्ता (हिंदी: रजत कुमार गुप्ता , जन्म 2 दिसम्बर 1948) वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष सलाहकार (मैनेजमेंट रिफॉर्म्स - प्रबंधन सुधार) के रूप में कार्यरत हैं. वे इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष, गोल्डमैन साक्स के स्वतंत्र निदेशक,[1] शिकागो विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के सदस्य तथा अमेरिकन इंडियन फाउन्डेशन के सह-अध्यक्ष भी हैं.[2]

अनुक्रम

प्रारंभिक जीवन[संपादित करें]

रजत गुप्ता, अश्विनी कुमार गुप्ता और प्राण कुमारी गुप्ता के पुत्र हैं, जिनकी तीन और संतानें हैं. उनके पिता आनंद बाजार पत्रिका समूह में एक पत्रकार थे. वे एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे और कई बार जेल जा चुके थे. उसकी माँ मोंटेसरी स्कूल में पढ़ाती थीं.

पांच वर्ष की आयु में उनका परिवार दिल्ली आ गया जहां उनके पिता ने हिन्दुस्तान स्टेंडर्ड की शुरुआत की. रजत जब सोलह वर्ष के थे, उनके पिता की मृत्यु हो गयी और अट्ठारह वर्ष की आयु में उनकी माँ भी चल बसीं.

वे दिल्ली पब्लिक स्कूल में एक उत्कृष्ट छात्र थे. उन्होंने भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान, दिल्ली से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में प्रोद्योगिकी स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और हार्वर्ड बिज़नस स्कूल से एम.बी.ए. किया है.[3]

करियर[संपादित करें]

रजत गुप्ता 1973 में मैकिन्से एंड कंपनी में शामिल हो गए और प्रबंध निदेशक के पद तक पहुँचने वाले ऐसे प्रथम व्यक्ति बने जिसका जन्म अमेरिका से बाहर हुआ था; इस प्रतिष्ठित पद पर उन्होंने अपने तीन कार्यकालों को सफलतापूर्वक पूर्ण किया.[4] रजत गुप्ता 1981 में स्कैंडिनेवियाई कार्यालयों और 1990 में शिकागो कार्यालय के प्रमुख बने. 1994 में उन्हें प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया. रजत गुप्ता को व्यापक रूप से किसी पश्चिमी कंपनी में शीर्ष पद तक पहुँचने वाला प्रथम भारतीय होने का श्रेय दिया जाता है.

उन्होंने 1989 में वहाँ कार्यालय प्रबंधक की भूमिका ग्रहण की, 1994 में फर्म के प्रबंध निदेशक बने और दो बार फिर से चुने गए, एक बार 1997 में और दूसरी बार 2000 में. फर्म में शामिल होने के बाद से रजत गुप्ता की देखरेख में कई परियोजनाओं को शुरू किया गया है जिनका उद्देश्य कंपनियों को नए उत्पादों/बाजार रणनीतियों को विकसित करने और पुनर्गठित होने में मदद करना है ताकि उनकी प्रभावकारिता तथा संचालन क्षमताओं में सुधार लाया जा सके. उनके पास दूरसंचार, ऊर्जा, और उपभोक्ता वस्तुओं सहित विभिन्न प्रकार के उद्योगों को परामर्श प्रदान करने का व्यापक अनुभव है. 2000 में रजत गुप्ता को विश्व के 10 सर्वश्रेष्ठ सलाहकारों की श्रेणी में स्थान दिया गया था.[5]

रजत गुप्ता हार्वर्ड बिजनेस स्कूल तथा नॉर्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय के केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के सलाहकार बोर्डों के सदस्य हैं.[6] वे हैदराबाद, भारत[7] स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिज़नस के बोर्ड के अध्यक्ष होने के साथ-साथ एड्स, टीबी और मलेरिया के प्रति धन मुहैया करवाने वाले दी ग्लोबल फंड के भी अध्यक्ष हैं. वे कई अन्य पेशेवर और व्यावसायिक संस्थाओं से भी जुड़े हुए हैं, जैसे कि: पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल के लौडर इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट & इंटरनेशनल स्टडीज के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के साथ; हार्वर्ड बिज़नस स्कूल के बोर्ड ऑफ एसोसिएट्स के अध्यक्ष; और एमआईटी स्लोअन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के डीन की सलाहकार परिषद.

इसके अलावा, रजत गुप्ता अमेरिकन एयरलाइंस इंक के बोर्ड पर भी हैं (ऑडिट कमिटी के निदेशक और सदस्य), जेनपैक्ट लिमिटेड (नामांकन और प्रशासन समिति के अध्यक्ष और सदस्य), प्रॉक्टर एंड गैंबल कंपनी (निदेशक), गोल्डमैन साक्स ग्रुप इंक (स्वतंत्र निदेशक) और स्बेरबैंक (सुपरवाइजरी काउंसिल के स्वतंत्र सदस्य).[8] [9] रजत गुप्ता अमेरिकन इंडियन फाउन्डेशन (एआईएफ) के सह-अध्यक्ष भी हैं, जिसका उद्देश्य भारत में सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन में तेजी लाना है. वे विशेष रूप से एआईएफ के सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी कार्यों में अधिक रूचि रखते हैं और भारत में एचआईवी/एड्स के खिलाफ लड़ाई पर अधिक जोर देते हैं.

रजत गुप्ता को हाल ही संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान के विशेष सलाहकार (प्रबंधन सुधार) के रूप में भी नियुक्त किया गया था.[10] 1 जुलाई 2010 को वे इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स (अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य मंडल) के अध्यक्ष बने. 10 नवम्बर 2006 को उन्हें गोल्डमैन साक्स में स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया. वे शिकागो विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज में भी शामिल हैं, बिल एंड मेलिंडा गेट्स एड्स फाउंडेशन तथा उनकी वैश्विक स्वास्थ्य पहल के लिए मैकिन्से के काम के लिए सलाह दे चुके हैं, और वर्तमान में रॉकफेलर फाउन्डेशन के बोर्ड पर ट्रस्टी के रूप में कार्यरत हैं. 19 मार्च 2010 को यह घोषणा की गयी कि रजत कुमार गुप्ता ने 2010 की शेयरधारकों की वार्षिक बैठक में गोल्डमैन साक्स के बोर्ड ऑफ डाइरेक्टर्स के के लिए पुनः खड़े न होने का फैसला किया है.

15 अप्रैल 2010 को वाल स्ट्रीट जर्नल ने खबर दी कि संयुक्त राज्य अमेरिका के संघीय अभियोजक, वित्तीय संकट के दौरान गैलियोन हेज-फंड के संस्थापक राज राजरत्नम को उनके द्वारा कथित तौर पर अंदरूनी जानकारी दिए जाने की जांच कर रहे हैं.[11] सितम्बर 2010 तक रजत गुप्ता के खिलाफ जांच अनिर्णायक ही साबित हुई है.

2009 के बाद से रजत गुप्ता ने भारत में शिक्षा सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में और अधिक सुधार की दिशा में अपने ध्यान को केंद्रित करना शुरू कर दिया है. 2010 में उन्होंने "ट्रांस्फौर्मिंग दी नेशंस लॉजिस्टिक इन्फ्रास्ट्रक्चर" नामक रिपोर्ट जारी की जिसमे उन्होंने कहा कि घटिया बुनियादी सुविधाओं के चलते 2020 तक भारत को अपने जीडीपी में 100 बिलियन डॉलर तक का नुकसान सहना पड़ सकता है.[12] वे हैदराबाद स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिज़नस में प्रबंधन शिक्षा को और अधिक बेहतर बनाने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं.[13]

जुलाई 2010 में रजत गुप्ता ने इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला.[14]

व्यक्तिगत जीवन[संपादित करें]

रजत गुप्ता ने आईआईटी में श्रीनगर, कश्मीर की अनीता मट्टू से विवाह किया.[15] वे एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और उनके (रजत गुप्ता के) अनुसार उनसे "कहीं ज्यादा बेहतर छात्रा" हैं. उन दोनों की मुलाकात कॉलेज में आयोजित बहस (डिबेट) और नाटकों के दौरान हुई थी.

वे वर्तमान में वेस्टपोर्ट, कनेक्टिकट में अपनी पत्नी और चार बेटियों - गीतांजलि, मेघा, अदिति, और दीपाली के साथ रहते हैं.

संदर्भ[संपादित करें]

बाह्य कड़ियां[संपादित करें]