यमामाह

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अरबी इतिहासकार अल-हमदानी (१०वीं सदी) और याक़ूत (१३वीं सदी) के अनुसार यमामाह क्षेत्र का सर्वाधिक विस्तार

यमामाह, जिसे अरबी विधि में अल-यमामाह कहते हैं (अंग्रेज़ी: Yamamah, अरबी: اليمامة) अरबी प्रायद्वीप के मध्य के नज्द पठार से पूर्व में स्थित एक ऐतिहासिक क्षेत्र है। कभी-कभी यह नाम केवल जौ अल-यमामाह (Jaww Al-Yamamah) के प्राचीन गाँव के लिए भी इस्तेमाल होता था जो आधुनिक अल-ख़र्ज शहर के पास स्थित है और जिसके पीछे पूरे क्षेत्र का नाम पड़ा था।[1]

वैसे तो अरबी इतिहास में यमामाह में संगठित राज्य कम ही उभरे लेकिन पैग़म्बर​ मुहम्मद की मृत्यु के बाद हुए 'रिदा युद्धों' में इस क्षेत्र की काफ़ी भूमिका थी। इन युद्धों में प्रथम ख़लीफ़ा अबु बकर ने उन क़बीलों के विरुद्ध अभियान चलाए जो इस्लाम की मुख्य धारा से टूटकर अपनी अलग शाखाएँ बनाने पर अग्रसर थे। धीरे-धीरे यमामाह का इलाक़ा नज्द क्षेत्र का हिस्सा समझा जाने लगा हालांकि कुछ लोग अभी भी इसके ऐतिहासिक महत्त्व के कारण इसके सन्दर्भ में बात करते हैं। उदाहरण के लिए राजधानी रियाद में सउदी अरब की राष्ट्रीय सरकार के मुख्यालय को 'अल-यमामाह महल' कहा जाता है।[2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. E.J. Brill's First Encyclopaedia of Islam, 1913-1936, Martijn Theodoor Houtsma, pp. 1154, BRILL, 1987, ISBN 978-90-04-08265-6, ... The name of Yamama is said to go back to the seeress Zarka' al-Yamama, who plays a prominent part in the story of the decline of the tribes of Tasm and Djadis. The district was first of all called after her Djaww al-Yamama, then simply al-Yamama ...
  2. The Ruling Enemy, Jahangir Satti, pp. 58, Nanopathy, ... He boasts at least 12 royal palaces, raging from the $2.5 billion Al-Yamamah Palace Complex in Riyadh to a "cottage" four times the size of the White House in, Marbella, Spain ...