मूल मंत्र
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सिख धर्म में मूल मंत्र (गुरुमुखी : ਮੂਲ ਮੰਤਰ, 'मूल मंतर) गुरु ग्रंथ साहब का प्रथम छन्द है और इसके अलावा पूरे ग्रंथ में सौ से भी अधिक बार आया है।
मूल मंत्र निम्नलिखित है-
ੴ सति नामु करता पुरखु निरभउ निरवैरु अकाल मूरति अजूनी सैभं गुर प्रसादि ॥
( ੴ == इक ओंकार )
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