मूल तारा

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मूल तारा (λ Sco) वॄश्चिक तारामंडल में ठीक बिच्छु की काल्पनिक आकृति के डंक पर स्थित "λ" के निशान वाला तारा है

मूल या शौला, जिसका बायर नाम "लाम्डा स्कोर्पाए" (λ Scorpii या λ Sco) है, वॄश्चिक तारामंडल का दूसरा सब से रोशन तारा है। यह पृथ्वी से दिखने वाले पच्चीसवा सब से रोशन तारा है। मूल तारा एक बहु तारा मंडल है जिसके तीन हिस्से दिखते हैं।

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

अंग्रेज़ी में मूल तारे को "शौला" (Shaula) कहते हैं जो अरबी भाषा के "अल-शौला" (الشولاء) से लिया गया है। वॄश्चिक (यानि बिच्छु) में "अल-शौला" उसकी डंग-वाली उठी हुई पूँछ को कहते हैं।

विवरण[संपादित करें]

मूल तारा वास्तव में एक बहु तारा मंडल हैं जिसके तीन हिस्से दिखते हैं -

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Interpretation of the variability of the β Cephei star λ Scorpii. I. The multiple character, K. Uytterhoeven, B. Willems, K. Lefever, C. Aerts, J. H. Telting, and U. Kolb, Astronomy and Astrophysics 427 (2004), 581–592. Abstract on ADSABS
  2. Orbital elements, masses and distance of λ Scorpii A and B determined with the Sydney University Stellar Interferometer and high-resolution spectroscopy, W. J. Tango, J. Davis, M. J. Ireland, C. Aerts, K. Uytterhoeven, A. P. Jacob, A. Mendez, J. R. North, E. B. Seneta, and P. G. Tuthill, Monthly Notices of the Royal Astronomical Society 370 (2006) 884–890. Abstract on ADSABS