मुस्लिम लीग (अंग्रेजी: All India Muslim League, उर्दू: مسلم لیگ) ब्रिटिश भारत में एक राजनैतिक दल था जिसके प्रयास से 1947 में भारत का विभाजन और मुस्लिम-बहुल पाकिस्तान की स्थापना हुई। मुस्लिम लीग की स्थापना 1906 में ढाका में हुई थी। शुरु में यह भारत में मुसलमानों के हितों की रक्षा पर केन्द्रित रही और सर सय्यद अहमद खान की सलाह पर ब्रिटिश सरकार का समर्थन करने पर ज़ोर देती रही। 1913 में जब बंगाल के विभाजन को ख़ारिज कर दिया गया तो मुस्लिम लीग ने इसे भारत के मुसलमानों के प्रति विश्वासघात माना और भारत की स्वतंत्रता की माँग उठानी शुरु की। 1930 में प्रख्यात शायर मुहम्मद इक़बाल के नेतृत्व में मुस्लिम लीग ने पहली बार मुसलमानों के लिए अलग राज्य की माँग उठाई। मुहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व से इसे और बल मिला और अंततः भारत का विभाजन कराने में सफल हुई। स्वतंत्रता के बाद भारत के केरल प्रांत में यह अब भी सक्रिय है। पाकिस्तान में मुस्लिम लीग के विभाजन से बने दल कई साल सत्तारूढ़ रहे हैं। मुस्लिम लिग कि स्थापना नवाब सलिमुल्ला खान ऑर आगा खान नै 1906 मै धाका(बन्गलादेश्)कि थि