मुरुदेश्वर

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मुरुदेश्वर
—  town  —
विश्व की दूसरी सबसे ऊंची शिव मूर्ति
विश्व की दूसरी सबसे ऊंची शिव मूर्ति
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य कर्नाटक
ज़िला उत्तर कन्नड़

Erioll world.svgनिर्देशांक: 14°05′40″N 74°29′04″E / 14.0943°N 74.4845°E / 14.0943; 74.4845 मुरुदेश्वर (कन्नड़: ಮುರುಡೇಶ್ವರ) दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य में उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल तहसील स्थित एक कस्बा है। यह हिन्दू भगवान शिव के एक नाम पर पड़ा है। यहां विश्व में भगवान की दूसरी सबसे ऊंची मूर्ति स्थित है। यह कस्बा अरब सागर के तट पर स्थित है और मेंगलोर से १६५ किलो मीटर दूर अरब सागर के बहुत ही सुन्दर एवं शांत तट के किनारे बना हुआ है। मुरुदेश्वर सागरतट कर्णाटक के सब से सुन्दर तटों में से एक है। पर्यटकों के लिए यहाँ आना दोगुना लाभप्रद रहता है, जहां एक ओर इस धार्मिक स्थल के दर्शन होते हैं, वहीं दूसरी तरफ प्राकृतिक सुन्दरता का आनंद भी मिलता है।

पौराणिक संदर्भ[संपादित करें]

कन्दुका पहाड़ी पर, तीन ओर से पानी से घिरा यह मुरुदेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यहाँ भगवान शिव का आत्म लिंग स्थापित है, जिस की कथा रामायण काल से है। अमरता पाने हेतु रावण जब शिव जी को प्रसन्न करके उनका आत्मलिंग अपने साथ लंका ले जा रहा था। तब रास्ते में इस स्थान पर आत्मलिंग धरती पर रख दिए जाने के कारण स्थापित हो गया था। गुस्से में रावण ने इसे नष्ट करने का प्रयास किया उस प्रक्रिया में, जिस वस्त्र से आत्म लिंग ढका हुआ था वह म्रिदेश्वर जिसे अब मुरुदेश्वर कहते हैं में जा गिरा। इस की पूरी कथा शिव पुराण में मिलती है। राजा गोपुरा या राज गोपुरम विश्व में सब से ऊँचा गोपुरा माना जाता है। यह २४९ फीट ऊँचा है। इसे एक स्थानीय व्यवसायी ने बनवाया था। द्वार पर दोनों तरफ सजीव हाथी के बराबर ऊँची हाथी की मूर्तियाँ देखी जा सकती हैं।[1]

मुरुदेश्वर मंदिर के बाहर बनी शिव भगवान की मूर्ति विश्व की दूसरी सबसे ऊँची शिव मूर्ति है और इसकी ऊँचाई १२३ फीट है। अरब सागर में बहुत दूर से इसे देखा जा सकता है। इसे बनाने में दो साल लगे थे और शिवमोग्गा के काशीनाथ और अन्य मूर्तिकारों ने इसे बनाया था। इसका निर्माण उसी स्थानीय श्री आर एन शेट्टी ने करवाया और लगभग ५ करोड़ भारतीय रुपयों की लागत आई थी। मूर्ति को इस तरह बनवाया गया है कि सूरज की किरणे इस पर पड़ती रहें और यह चमकती रहे।


चित्र दीर्घा[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. मुरुदेश्वर मंदिर कर्णाटक- ताऊ.इन। सु. अल्पना वर्मा। १९ अप्रैल २०१०

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]


साँचा:कर्नाटक में पर्यटन