मुंबई बंदरगाह

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मुंबई बंदरगाह
—  पड़ोस  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य महाराष्ट्र

Erioll world.svgनिर्देशांक: 18°58′N 72°51′E / 18.96, 72.85

शहर के पूर्व बंदरगाह

मुंबई बंदरगाह (मराठी: मुंबई बंदर), या फ्रंट बे, उल्हास नदी के दक्षिणी भाग का मुहाना है, जिसके उत्तरी (और संकरे) हिस्से को ठाणे कोल कहा जाता है। एलिफेंटा का ऐतिहासिक द्वीप इस बंदरगाह के अंतर्गत आने वाले छह द्वीपों में से एक है। यह मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (मुंबई पत्तन न्यास) का आवास-स्थल है, जो बंदरगाह के पश्चिमी छोर के दक्षिणी भाग में अवस्थित है।

बंदरगाह का आधिकारिक नाम Front Bay (फ्रंट बे) है, यह नाम इसलिए पड़ा क्योंकि मुंबई, बंदरगाह की ओर मुंह किये एक छोटी-सी बस्ती के रूप में विकसित हुई थी। मूल व्यवस्थापन के पीछे का जलाधार, [पूर्व] कोलाबा के द्वीप और बंबई द्वीप के बीच मालाबार हिल के उच्च अंतरीप या प्रायद्वीप तक एक वृत्त-खंड बनाता है, जिसे इसी तरह बैक बे कहा जाता है।

जवाहर लाल नेहरू पोर्ट और नवी मुंबई (नई मुंबई) मुख्य भूमि के पूर्व में अवस्थित है, और मुंबई शहर (पहले बम्बई) साल्सेट द्वीप के पश्चिम में बसी है। बंदरगाह अरब सागर के दक्षिण की ओर खुलता है। एलीफेंटा जाने के लिए अपनी जेट्टी (घाट) के साथ गेटवे ऑफ़ इंडिया, साथ ही साथ जिसके मार्ग में भारतीय नौसेना पोत विक्रांत का समुद्री संग्रहालय भी है, एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बन गया है.

मुंबई उपनगरीय रेलवे प्रणाली की हार्बर लाइन बंदरगाह के पश्चिमी किनारे से होकर गुजरती है।

पर्यावरणीय परिस्थिति[संपादित करें]

कच्छ वनस्पति के दलदलों की पंक्ति अधिकतर बंदरगाह के पश्चिमोत्तर और पूर्वी तट की ओर चली गयी है, और यह मराल जैसे हजारों प्रवासी पक्षियों सहित वन्य प्राणियों के लिए प्राकृतिक पर्यावरण सम्पन्न प्रवास प्रदान करती हैं।

प्रदूषण[संपादित करें]

मुंबई महानगरीय क्षेत्र की विशाल जनसंख्या के दबाव और अत्यंत व्यस्त समुद्री व्यापार के कारण, मुंबई हार्बर को भयंकर रूप से प्रदूषित माना जाता है।

बंदरगाह से सटे नालों में भारी धातुओं के प्रवाह का पाया जाना अधिकांश प्रदूषकों के लिए नाबदान (सिंक) के रूप में बंदरगाह का व्यवहार प्रदूषण की इस रिपोर्ट में भी शामिल है।[1]

मुंबई पोर्ट ट्रस्ट[संपादित करें]

बंदरगाह का एक दृश्य.छवि का केन्द्र उत्तर पश्चिम है।

मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (MbPT) (18° अक्षांश 56.3 उत्तर', 72 देशांतर° 45.9'पूर्व) के मध्य भारत के पश्चिम तट पर अवस्थित है और इसके पास 400 km2 गहरा एक प्राकृतिक बंदरगाह है, जिसका पूर्वी भाग कोंकण की मुख्य भूमि से तथा पश्चिमी हिस्सा मुंबई द्वीप से संरक्षित है.[2]

यह मुंबई शहर के पूर्वी छोर से सटा मुंबई हार्बर के पश्चिमी तट पर अवस्थित है. बंदरगाह दक्षिण दिशा में अरब सागर की ओर खुलता है.

मुंबई शहर के बढ़ते हुए विकास ने, मुम्बई पोर्ट के विकास के पथ में अवरोध खड़ा कर दिया, जिसने 1992 में नवी मुंबई में जेएनपीटी (JNPT) की स्थापना को दिशा दी.

2007-2008 के दौरान MbPT (मुम्बई पोर्ट ट्रस्ट) ने 57 लाख टन से अधिक कार्गो का बोझ संभाला. क्रूज लाइनर आमतौर पर MbPT (मुम्बई पोर्ट ट्रस्ट) की बेलार्ड पियर गोदी में मुंबई का दौरा करता है.

इतिहास[संपादित करें]

MbPT (मुम्बई पोर्ट ट्रस्ट) की स्थापना 26 जून 1873 को, बॉम्बे ट्रस्ट पोर्ट के रूप में की गयी थी.[3] कर्नल जे.ए. बेलार्ड इसके प्रथम अध्यक्ष थे.

तब से, यह भारत के लिए प्रवेश द्वार (गेटवे टू इंडिया), और भारत की वाणिज्यिक राजधानी के रूप में मुंबई के उद्भव में योगदान कारक रहा है.

सुविधायें[संपादित करें]

MbPT (मुम्बई पोर्ट ट्रस्ट) से संलग्न तीन जलाशय डॉक्स (गोदियां) हैं:

  • इंदिरा डॉक्स
  • राजकुमार डॉक्स (1885 साल में बनाया गया)
  • विक्टोरिया डॉक्स (1891 साल में बनाया गया)

कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को मुम्बई बंदरगाह के एक द्वीप जवाहर द्वीप पर बनी चार जेटियों (jetties),से संभाला जाता है, और रसायनों को पीरपाऊ (Pirpau) से नियंत्रित किया जाता है.

MbPT (मुम्बई पोर्ट ट्रस्ट) 63 लंगरवानी विराम-विन्दुओं की सुविधा मुहैया करता है. निवल 100 टन से अधिक के सभी जहाजों के लिए एक पायलट का होना अनिवार्य है.[4]

संदर्भ[संपादित करें]

बाहरी लिंक्स[संपादित करें]

साँचा:Islands of Mumbai harbour