मिल्क (फिल्म)

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Milk
चित्र:Milkposter08.jpg
Theatrical release poster
निर्देशक Gus Van Sant
निर्माता Dan Jinks
Bruce Cohen
लेखक Dustin Lance Black
अभिनेता Sean Penn
Emile Hirsch
Josh Brolin
Diego Luna
Alison Pill
Victor Garber
and James Franco
संगीतकार Danny Elfman
छायाकार Harris Savides
संपादक Elliot Graham
स्टूडियो Focus Features
वितरक Universal Pictures
प्रदर्शन तिथि(याँ) November 26, 2008
(limited)
January 30, 2009
(wide)
कार्यावधि 129 minutes
लागत $20 million
कुल कारोबार $54,501,383 (worldwide)

मिल्क 2008 की अमेरिकी, जीवनी आधारित फिल्म है जो समलैंगिक अधिकारों के कार्यकर्ता तथा राजनीतिज्ञ हार्वे मिल्क के जीवन पर आधारित है, जो कैलिफोर्निया के एक सार्वजनिक कार्यालय में चुना जाने वाला पहला सर्वविदित समलैंगिक व्यक्ति था, और जो संयुक्त राज्य अमेरिका में समग्र रूप से प्रथम तीन में से एक था जो सैन फ्रांसिस्को पर्यवेक्षक बोर्ड का सदस्य था. गस वान संत द्वारा निर्देशित तथा डस्टिन लांस ब्लैक द्वारा लिखित इस फिल्म में, शॉन पेन ने मिल्क के रूप में तथा जोश ब्रोलीन ने डैन व्हाइट के रूप में अभिनय किया है. फिल्म के जारी किये जाने पर इसे काफी प्रशंसा मिली तथा इसने फिल्म आलोचकों और संघों से काफी सराहना अर्जित की. अंततः, इसे सर्वश्रेष्ठ फिल्म सहित अकादमी पुरस्कार का आठ नामांकन प्राप्त हुआ, जिसमें से इसने दो जीता, जो मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए पेन को तथा सर्वश्रेष्ठ मूल पटकथा के लिए ब्लैक को दिया गया.

मिल्क के जीवन पर फिल्म बनाने के प्रयासों के बाद, 1984 में उनके जीवन पर तथा उनकी हत्या के परिणामों पर एक वृत्तचित्र बनाया गया जिसने ऑस्कर जीता, जिसका शीर्षक द टाइम्स ऑफ़ हार्वे मिल्क था तथा जो आंशिक तौर पर रैंडी श्लीतस की जीवनी द मेअर ऑफ़ कास्त्रो स्ट्रीट पर आधारित था. 1990 के दशक के पूर्वार्ध में विभिन्न पटकथाओं पर विचार किया गया, पर 2007 तक विभिन्न कारणों से परियोजनाएं विफल होती रहीं. मिल्क का ज्यादातर फिल्मांकन कास्त्रो स्ट्रीट तथा सैन फ्रांसिस्को के अन्य जगहों पर किया गया, जिसमें कास्त्रो कैमरा भी शामिल है जो पूर्व में मिल्क के स्टोर का अगला भाग था.

मिल्क , हार्वे मिल्क के 40वें जन्मदिन से शुरू होती है, जब वह न्यू यॉर्क सिटी में रहता था और तब तक सैन फ्रांसिस्को में नहीं बसा था. यह उसके शहरी राजनीति में प्रवेश, और उसके द्वारा कास्त्रो के आस-पास और साथ ही साथ सम्पूर्ण शहर में छेड़ी गई विभिन्न लड़ाइयों का ऐतिहासिक विवरण प्रस्तुत करती है, और उन राजनीतिक अभियानों को भी दर्शाती है जिसे 1977 और 1978 में समलैंगिक लोगों के अधिकारों को सीमित करने के लिए अनीता ब्रायंट और जॉन ब्रिग्स द्वारा चलाया गया था. उसके रोमानी और राजनीतिक संबंधों को भी संबोधित किया गया है, जैसाकि परेशान पर्यवेक्षक डैन व्हाइट के साथ उसकी तुच्छ संबद्धता है; फिल्म का अंत व्हाइट के द्वारा मिल्क तथा मेयर जॉर्ज मोस्कन की दुहरी हत्याओं से होता है. फिल्म ने जब चुनाव से दो सप्ताह पहले अपना प्रीमियर कास्त्रो थियेटर में मनाया, तब इसके प्रदर्शन को, 2008 के समलैंगिक विवाह पर आधारित कैलिफोर्निया मतदाता जनमत संग्रह, प्रस्ताव 8 के साथ सम्बन्धित किया गया.

कथावस्तु[संपादित करें]

मिल्क का आरम्भ 1950 और 1960 के दौरान पुलिस के अभिलेखीय फुटेज के साथ होता है जब वह समलैंगिक बारों पर छापा मारती है और संरक्षकों को पकड़ती है, तथा इसके बाद ही, 27 नवम्बर 1978 को दाईं फेंस्तें प्रेस में यह घोषणा करते हैं कि मिल्क और मोस्कन दोनों की हत्या हो गई है. मिल्क पूरी फिल्म में, अपनी हत्या से नौ दिन पहले (18 नवम्बर, 1978) अपनी वसीयत की रिकॉर्डिंग करता हुआ नजर आता है. फिल्म, तब वापस अतीत में, 1970 में न्यू यॉर्क शहर में चली जाती है, जब मिल्क का 40वां जन्मदिन है और प्रेमी स्कॉट स्मिथ के साथ उसकी पहली मुलाकात है, जो उससे उम्र में काफी कम है.

अपने जीवन से असंतुष्ट तथा एक बदलाव की जरूरत के कारण, मिल्क तथा स्मिथ अपने रिश्ते को एक बड़ी स्वीकृति मिलने की आशा में सैन फ्रांसिस्को जाने का फैसला करते हैं. वे यूरेका घाटी के बीचों-बीच कास्त्रो कैमरा खोलते हैं, यह श्रमिक वर्गों का एक ऐसा प्रतिवेश है जो विकास की प्रक्रिया के दौरान मुख्यतः एक समलैंगिक प्रतिवेश बन जाता है तथा जिसे द कास्त्रो के नाम से जाना जाता है. एक बार आयरिश कैथोलिक प्रतिवेश में हुए विरोध से हताश होकर, मिल्क समलैंगिक कार्यकर्ता बनने के लिए अपनी व्यापारिक पृष्ठभूमि का इस्तेमाल करता है, तथा अंततः क्लीव जोन्स के लिए एक संरक्षक बन जाता है. इससे पहले, स्मिथ मिल्क के अभियान प्रबंधक के रूप में कार्य करता है, लेकिन मिल्क की राजनीतिक निष्ठा के कारण उसकी हताशा बढ़ जाती है, और वह उसे छोड़ देता है. मिल्क बाद में जैक लीरा से मिलता है, जो मृदु स्वाभाव का परन्तु एक असंतुलित युवा है. स्मिथ के समान, लीरा भी मिल्क की राजनीतिक सक्रियता के प्रति निष्ठा को बर्दाश्त नहीं कर पाता और अंततः खुद को फांसी पर लटका लेता है.

शहर पर्यवेक्षक बनने के क्रम में, 1973 तथा 1975 में दो असफल राजनीतिक अभियानों के बाद तथा तीसरा 1976 में, कैलिफोर्निया विधानसभा के लिए असफल होने के बाद मिल्क अंततः 1977 में, जिला 5 के लिए, सैन फ्रांसिस्को पर्यवेक्षक बोर्ड में एक सीट पर जीत हासिल कर लेता है. उसकी जीत उसे पहली बार सर्वविदित एक ऐसा समलैंगिक पुरुष बनाती है जिसे कैलिफोर्निया के एक प्रमुख सरकारी कार्यालय के लिए मत दिया जाता है तथा जो समग्र अमेरिका में शीर्ष तीन में से एक है. मिल्क बाद में साथी पर्यवेक्षक डैन व्हाइट से मिलता है जो एक वरिष्ठ वियतनामी, एक पूर्व पुलिस अधिकारी तथा अग्निशामक है. व्हाइट, जो राजनीतिक और सामाजिक तौर पर एक रूढ़िवादी है, के मिल्क के साथ कटु सम्बन्ध हैं, और जब मिल्क, व्हाइट की विभिन्न परियोजनाओं को विफल कर देता है तब उसमें मिल्क के लिए असंतोष बढ़ जाता है.

मिल्क और व्हाइट के बीच काम का एक जटिल रिश्ता बन जाता है. व्हाइट, मिल्क को अपने पहले बच्चे के नामकरण पर आमंत्रित करता है, वहां जाने पर व्हाइट अपने जिले में एक मनोरोग अस्पताल के खुलने को रोकने के लिए मिल्क का सहयोग मांगता है, तथा सम्भवतः इसके बदले, शहर भर में मिल्क के समलैंगिक अधिकारों के अध्यादेश का समर्थन देने की बात करता है. जब मिल्क, युवाओं पर इसके नकारात्मक प्रभाव की वजह से इसका समर्थन देने से इनकार करता है, तब व्हाइट खुद को छला हुआ महसूस करता है और अंततः समलैंगिक अधिकार अध्यादेश के खिलाफ एकमात्र मत देता है. मिल्क नवम्बर 1978 में, प्रस्ताव 6 को पराजित करने के एक प्रयास का भी आरम्भ करता है जो कैलिफोर्निया राज्य मतपत्र के लिए एक पहल बन जाती है. ऑरेंज काउंटी के एक रूढ़िवादी राज्य विधायक, जॉन ब्रिग्स द्वारा प्रायोजित, प्रस्ताव 6 सभी समलैंगिकों को ( तथा साथ में वे सभी जो इसका समर्थन करते हैं ) कैलिफोर्निया के पब्लिक स्कूलों में काम करने से रोकने की चेष्टा करता है. यह राष्ट्रव्यापी रूढ़िवादी आंदोलन का भी भाग है जो फ्लोरिडा के डेड काउंटी में, स्थानीय समलैंगिक अधिकारों के एक अध्यादेश को निरस्त करने के लिए, अनीता ब्रायंट तथा उनकी संस्था सेव आवर चिल्ड्रेन के सफल अभियान से शुरू होता है.

7 नवंबर, 1978 को, मिल्क और उसके समर्थक, प्रस्ताव 6 के खिलाफ अथक कार्य करने के बाद उसके पराजित होने पर आनन्दित होते हैं. व्हाइट जो अत्यधिक अस्थिर है, पर्यवेक्षकों के वेतन वृद्धि के पक्ष में है, लेकिन उसे अधिक समर्थन प्राप्त नहीं होता है, और शीघ्र ही प्रस्ताव का समर्थन करने के बाद वह बोर्ड से त्यागपत्र दे देता है. बाद में वह अपना मन परिवर्तित कर लेता है और दुबारा बहाली की बात पूछता है. मिल्क द्वारा पैरवी किये जाने के बाद, महापौर मोसक्न उसके अनुरोध को इंकार कर देते हैं.

27 नवम्बर, 1978 की सुबह को, व्हाइट एक बंदूक को धातु डिटेक्टरों से छुपाकर रखने के लिए, एक तहखाने की खिड़की के माध्यम से सिटी हॉल में प्रवेश करता है. वह मोसक्न से दुबारा बैठक के लिए अनुरोध करता है, जो उसकी पुनः नियुक्ति के अनुरोध को बुरी तरह से नकार देता है. क्रोधित व्हाइट, मोसक्न को उसके कार्यालय में गोली मारता है और तब वह मिल्क से मिलने जाता है, जहाँ घातक बंदूक से वह उसे काफी नजदीक से मार डालता है. यह फिल्म बताती है की मिल्क का ऐसा विश्वास था कि व्हाइट गोपनीय तौर पर एक बंद कमरे में रहने वाला समलैंगिक व्यक्ति था.[1]

अंतिम दृश्य में, मिल्क और मोस्कन के लिए पूरे शहर की गलियों में, हजारों द्वारा मोमबत्ती की रोशनी में रतजगा किया गया है. फिल्म में वास्तविक लोगों के चित्र को दर्शाया गया है तथा उनके जीवन का संक्षिप्त सारांश बताया गया है. इसमें यह नोट शामिल है की डैन व्हाइट के वकीलों ने कुख्यात त्विन्की बचाव का इस्तेमाल किया जिसमे व्हाइट के आरोप को स्वैच्छिक नरहत्या में बदल दिया गया, ऐसा आरोप जो बाद की पटकथा में व्हाइट के रात के दंगों (व्हाईट नाईट रायट्स) के बारे में बताता है.

पात्र[संपादित करें]

2008 में मिल्क का फिल्मांकन करते हुए शॉन पेन
  • हार्वे मिल्क के रूप में शॉन पेन
  • क्लीव जोन्स के रूप में एमिली हिरश्च
  • डैन व्हाइट के रूप में जोश ब्रोलीन
  • जैक लीरा के रूप में डिएगो लुना
  • स्कॉट स्मिथ के रूप में जेम्स फ्रेंको
  • ऐनी क्रोनेंबेर्ग के रूप में ऐलिसुं पिल
  • मेयर जॉर्ज मोस्कन के रूप में विक्टर गार्बेर
  • डेनिस ओ हेयर राज्य सिनेटर जॉन ब्रिग्स के रूप में
  • डिक पविच के रूप में यूसुफ क्रॉस
  • रिक स्टोक्स के रूप में स्टीफन स्पीनेल्ला
  • डैनी निकोलेट्टा के रूप में लुकास ग्राबील
  • आर्ट ऐग्नौस के रूप में जेफ कून्स
  • दाईं फेंस्तें के रूप में ऐशली टेम्पल
  • कैरल रुथ सिल्वर के रूप में वेंडी त्रेमोंट किंग
  • गॉर्डन लाउ के रूप में केल्विन हान यी
  • डेविड गोल्दसीन के रूप में हावर्ड रोजन्मान्न
  • डेनिस पेरोन के रूप में टैड जैन रॉबर्ट्स
  • फिलिप बर्टन के रूप में रॉबर्ट चिमेंतो
  • बिल क्रॉस के रूप में जाचरी क्ल्ब्रत्स्न
  • सिलवेस्टर के रूप में मार्क मार्टिनेज

मिल्क के सहयोगियों की एक संख्या जिसमे भाषनलेखक फ्रैंक एम.रॉबिन्सन , जानवरों को हांकनेवाला एलन बायर्ड, और नेता बना एक स्कूल शिक्षक टॉम अम्मिअनो शामिल हैं, ने फिल्म में अपने आपको दर्शाया. साथ ही, कैरल रुथ सिल्वर, जो मिल्क के साथ पर्यवेक्षक बोर्ड पर काम करता था, थेल्मा के रूप में एक छोटा सा किरदार निभाता है. डोन अमाडोर के रूप में क्लीव जोन्स की भी एक छोटी सी भूमिका है. ऐनी क्रोनेंबर्ग की एक आशुलिपिक के रूप में एक लघु भूमिका है.

निर्माण[संपादित करें]

1991 के आरम्भ में, ओलिवर स्टोन, मिल्क के जीवन पर[2] निर्देशन नहीं, परन्तु एक फिल्म निर्माण करने की योजना बना रहा था; उसने द मेयर ऑफ़ कास्त्रो स्ट्रीट [3] नामक फिल्म की एक पटकथा लिखी. जुलाई 1992 में, निर्देशक गस वान संत ने रॉबिन विलियम्स को मुख्य भूमिका में लेकर जीवनी को निर्देशित करने के लिए, वार्नर ब्रोस के साथ हस्ताक्षर किया.[4] अप्रैल 1993 तक, वान संत रचनात्मक मतभेद का हवाला देकर स्टूडियो से अलग हो गए.[5] उस समय हार्वे मिल्क की भूमिका के लिए जिन अन्य कलाकारों पर विचार किया गया उनमें रिचर्ड गेरे, डैनियल डे लुईस, अल पचीनो तथा जेम्स वुड्स थे. अप्रैल 2007 में, निर्देशक ने डस्टिन लांस ब्लैक की पटकथा पर आधारित जीवनी निर्देशित करने की मांग की, जबकि उसी समय, निर्देशक ब्रायन सिंगर, द मेयर ऑफ़ कास्त्रो स्ट्रीट का विकास कर रहे थे, जोकि विकास के गर्त में था.[6] अगले सितम्बर तक शॉन पेन, हार्वे मिल्क की भूमिका के लिए तथा मैट डैमन, मिल्क के हत्यारे डैन व्हाइट की भूमिका के लिए संलग्न किये गये.[7] बाद में समयबद्धन में मतभेद के कारण, डैमन सितम्बर में बाहर निकल गया.[8] नवम्बर तक, फोकस फीचर, वान संत के निर्माण, मिल्क , के साथ आगे बढ़ी, जबकि सिंगर की परियोजना लेखकों के हड़ताल के कारण मुसीबत में आ गयी.[9] दिसंबर 2007 में, अभिनेता जोश ब्रोलीन, एमिली हिरश्च, ऐलिसुं पिल और जेम्स फ्रेंको, मिल्क में शामिल हुए, जिसमे ब्रोलीन ने डैन व्हाइट के रूप में डैमन की जगह ली.[10] मिल्क का फिल्मांकन जनवरी 2008 में, सैन फ्रांसिस्को में शुरू हुआ.[11]

फिल्म निर्माताओं ने शहर के समलैंगिक अभिलेखों में सैन फ्रांसिस्को के इतिहास पर शोध किया और मिल्क को जानने वाले लोगों से बात की ताकि उस युग के प्रति वे अपने दृष्टिकोण को आकार दे सकें. वे कास्त्रो स्ट्रीट पर स्थित मिल्क के कैमरे की दुकान पर भी दुबारा गये तथा गली को इस तरह तैयार किया जिससे वह फिल्म की 1970 की सेटिंग के अनुरूप लगे. कैमरे की दुकान, जो एक उपहार की दुकान बन गई थी, फिल्म निर्माताओं द्वारा दो महीनों के लिए खरीद ली गयी ताकि निर्माण में उसका इस्तेमाल किया जा सके. कास्त्रो स्ट्रीट के निर्माण ने कास्त्रो रंगमंच को भी पुनर्जीवित किया, जिसके अग्र-भाग को दुबारा रंगा गया, और जिसके नीयन के खेमे को दुबारा बनाया गया. फिल्म का फिल्मांकन सैन फ्रांसिस्को के सिटी हॉल में भी किया गया, जबकि व्हाइट के कार्यालय को, जहाँ मिल्क की हत्या हुई थी, कहीं और दुबारा बनाया गया क्योंकि सिटी हॉल के कार्यालय काफी आधुनिक हो गये थे. व्हाइट के कार्यालय के डिजाइन को दुबारा बनाने के पीछे फिल्म निर्माताओं का यह भी उद्देश्य था की वो सैन फ्रांसिस्को ओपेरा हाउस के दृश्य को दिखा सकें.[12] मार्च 2008 में, फिल्मांकन समाप्त हो गया.[13]

रिलीज़[संपादित करें]

जिस महीने मिल्क रिलीज़ हुई, फोकस फीचर ने फिल्म को सभी फिल्म फ़ेस्टिवल तथा मिडिया स्क्रीनिंग से प्रतिबंधित रखा ताकि इससे उत्पन्न मौखिक विवाद तथा पक्षपात से दूर रहा जा सके. मिल्क का प्रीमियर सैन फ्रांसिस्को में, 28 अक्टूबर 2008 को हुआ, तथा फिल्म के विषय के सन्दर्भ में फोकस फीचर को जो संघर्ष करना पड़ा, इसकी वजह से शुरुआत में ही विपणन सम्बन्धित एक दुबिधा हुई. स्टूडियो ने, चल रहे आम चुनावों की राजनीति से उपर रहने क़ी आशा की, खास तौर पर कैलिफोर्निया के समलैंगिक विवाह विरोधी प्रस्ताव 8 के, जो समलैंगिक अधिकार विरोधी प्रस्ताव 6 के समानांतर है तथा जिसे फिल्म में दिखाया गया है.[14]

बावजूद इसके, कई समीक्षकों तथा पंडितों ने यह उल्लेख किया कि इस अत्यधिक प्रशंसित फिल्म ने प्रस्ताव 8 के सफलतापूर्वक पारित हो जाने के बाद एक नई महत्ता को प्राप्त किया, जो एक ऐसे प्रमुख राजनीतिक तथा ऐतिहासिक शख्सियत को सम्मानित करने का प्रेरण बिंदु बनी जिसने इस विधेयक का कड़ा विरोध किया होता.[15][16] समलैंगिक कार्यकर्ताओं ने फोकस फीचर को बुलाया जिससे बहिष्कार की श्रृंखलाओं के अंतर्गत, फिल्म को सिनेमार्क थिएटरस की कड़ी से खींचा जा सके, क्योंकि सिनेमार्क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलन स्टॉक ने अभियान 8 की सहमती पर 9,999 डॉलर दान दिया.[17][18]

बॉक्स ऑफिस[संपादित करें]

संयुक्त राज्य अमेरिका में, मिल्क को 26 नवंबर, 2008 में, आंशिक तौर पर रिलीज कर दिया गया, तथा अगले प्रत्येक सप्ताहांत में इसे अन्य थिएटरों में विस्तृत किया गया और अधिकतम 882 स्क्रीनों पर दिखाया गया. आरम्भिक सप्ताहांत में इस फिल्म ने 36 थिएटरों में 1.4 मिलियन डॉलर की कमाई के साथ बॉक्स ऑफिस की 10 सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त किया.[19]

घरेलू मीडिया[संपादित करें]

मिल्क डीवीडी और ब्लू रे पर 10 मार्च 2009, को जारी की गयी.[20] यह डीवीडी, हटाए गये दृश्यों तथा तीन विशेषताओं के साथ आई:रिमेम्बरिंग हार्वे , हॉलीवुड कम्स टु सैन फ्रांसिस्को , तथा मार्चिंग फॉर इक्वेलिटी .

16 अगस्त, 2009 तक फिल्म की डीवीडी रिलीज ने आकलित 600,413 इकाइयों को बेचा जिसके परिणामस्वरूप 10 ,618 ,012 डॉलर के राजस्व की प्राप्ति हुई.[21] ब्लू रे की रिलीज का आकलन उपलब्ध नहीं हैं.

आलोचनात्मक स्वीकार्यता[संपादित करें]

मिल्क ने फिल्म आलोचकों से व्यापक प्रशंसा प्राप्त की.[22] रौटन टोमैटोस ने रिपोर्ट दिया कि 8.0/10 के एक औसत स्कोर के साथ 94% आलोचकों ने फिल्म की सकारात्मक समीक्षा दी जो 209 नमूनों पर आधारित था .[23] मेटाक्रिटिक में, जो मुख्यधारा आलोचकों की समीक्षाओं को 100 में से एक प्रसामान्यीकृत रेटिंग देता है, फिल्म ने 39 समीक्षाओं पर आधारित 84 का औसत अंक प्राप्त किया है.[22]

वेराइटी के टोड म्ककार्ति ने फिल्म को,"दक्षतापूर्वक तथा नम्रता से अवलोकित", "कुशलतापूर्वक संचालित" तथा "शॉन पेन द्वारा सर्वाधिक उल्लेखनीय, अत्यधिक सफल और विस्मयकारी प्रदर्शन" कहा. उन्होंने यह भी कहा, "मिल्क निर्विवाद तौर पर कई अनिवार्य दृश्यों से चिन्हित है... आकांक्षा से जीत तथा जीत से त्रासदी के रास्ते में किसी तरह की पटकथा सम्बन्धित रुकावट की बजाय, लेखन की गुणवत्ता, अभिनय तथा निर्देशन ने उन दृश्यों को वास्तविकता तथा विश्वसनीय व्यक्तिगत विनिमय से निवेशित किया है. और ऐसी परियोजना जिसमे यह क्षमता है कि वो कार्यप्रेरित राजनीतिक प्रचार में आ जाये तथा जो उसके लिए सबसे बड़ा खतरा है, फिल्म निर्माताओं ने आंशिक आपूर्ति के साथ काफी महत्वपूर्ण तरीके से कहानी के चरित्रों में नम्रता तथा मानवोचित गुणों को डाला है.[24]

हॉलीवुड रिपोर्टर के कर्क हनिकुत ने कहा, "फिल्म एक मानव वृतचित्र के रूप में किसी भी शैली से अधिक श्रेष्ठ है और जो सबसे पहले लोगों को आशान्वित करने की आवश्यकता को स्पर्श करती है", उसने यह भी कहा, "फिल्म काफी अच्छे तरीके से बनाई गयी है, तथा यह, एक लम्बे समय, लोगों, तथा युगचेतना को बिना किसी व्यपगत उर्जा तथा घटनाओं की उपेक्षा के आवृत करती है." ब्लैक की पटकथा मूलतः उसके खुद के अनुसंधान और साक्षात्कार पर आधारित है, और यह दिखाती है कि: फिल्म बड़े पैमाने पर उपाख्यानात्मक घटनाओं और विवरण से सुगंधित है. मिल्क का आगमन ऐसे समय में होता है जो वास्तविक जीवन पर आधारित फिल्मों से परिपूर्ण है, लेकिन यह पहली ऐसी फिल्म है जो अपने विषय के साथ एक अंतरंगता दर्शाती है.[25]

द न्यू यॉर्क टाइम्स के ए ओ स्कॉट ने मिल्क को "एक चमत्कार" कहा और लिखा कि "यह फिल्म एक आकर्षक, बहुस्तरित ऐतिहासिक पाठ है." अपने पैमाने और दृश्यों की विविधता में यह ओलिवर स्टोन की एक ऐसी शांत फिल्म लगती है जिससे अत्युक्ति और इडिपल अतिशयोक्ति को हटा दिया गया है. लेकिन यह ऐसी फिल्म भी है जो वान संत की हाल की दूसरी फिल्मों की तरह—तथा साथ ही दिलचस्प तौर पर डेविड फिनचर की जोडिआक की तरह, सैन फ्रांसिस्को पर आधारित 1970 की दूसरी कहानी है जो मनोवैज्ञानिक तथा समाजशास्त्रीय व्याख्याओं की सीमाओं का सम्मान करती है.[26]

एक वृहत इसाई धर्म प्रचारक पत्रिका क्रिस्चैनिटी टुडे ने फिल्म के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दी.[15] इसने यह कहा, "मिल्क एक ऐसे व्यक्ति की प्रेरणादायक कहानी है जो अपने समुदाय को आशान्वित करने के लिए अपनी पहचान की वैधता की खोज में है, इस क्रम में इस फिल्म ने वह प्राप्त किया जो इसका उद्देश्य था. मुझे पता नही की बड़े शहरों के बाहर यह फिल्म कितना अच्छा प्रदर्शन करेगी, या इसे लेकर कोई राजनीतिक मुद्दा उठेगा या नही, परन्तु यह काफी दिलेर तथा मानवोचित है." इसने यह भी कहा की डैन व्हाइट का चित्रण काफी निष्पक्ष तथा मानवोचित था तथा एक परम्परागत 'विशिष्ट पागल खलनायक ईसाई' की बजाय दोषों से परिपूर्ण एक दुखद चरित्र की तरह इसका चित्रण किया गया है.[15]

इसके विपरीत, एक रुढ़िवादी पत्रिका वीकली स्टैंडर्ड के जॉन पोधोरेत्ज ने हार्वे मिल्क के चित्रण पर विस्फोट करते हुए कहा,"एक स्मार्ट, आक्रामक, उद्देश्यपूर्ण आक्रमणकारी और प्रेस की समझ रखने वाले कार्यकर्त्ता को टेडी भालू की तरह इस्तेमाल किया गया है." पोधोरेत्ज ने यह भी तर्क दिया कि फिल्म मिल्क के अनेक अन्तरंग प्रेमपूर्ण सम्बन्धों को दिखाती है; यह मिल्क को आज के समलैंगिक अधिकारों के कार्यकर्ताओं से अलग करती है जो एक लिंगीय तथा एक विवाह की बात करते हैं.[27]

पटकथा लेखक और पत्रकार रिचर्ड डेविड बॉयल, जिसने अपने आपको मिल्क का पूर्व राजनीतिक जोड़ी कहा, के अनुसार फिल्म ने युग को पुनर्निर्मित करने का एक विश्वसनीय प्रयास किया. उन्होंने यह भी लिखा कि पेन ने मिल्क की मुस्कान, मानवता तथा समलैंगिकता को लेकर उसके परिहास की समझ को कैद कर लिया. बॉयल ने अपनी आलोचना को वहां सीमित कर लिया जहाँ उसने यह महसूस किया कि फिल्म, मिल्क के चुनाव तथा निधन की पूरी कहानी बताने में असमर्थ है.[28]

द मंथली के ल्युक डेविस ने फिल्म के "वातावरण, आशा तथा युद्ध की समझ, ध्वनि डिजाइन जिसमे गली के शोर की हलचल है, की सराहना की है तथा जो फिल्म की कहानी में एक कम्पन को जोड़ता है," लेकिन फिल्म के संदेश को लेकर यह कहते हुए उसकी आलोचना की है कि, "फिल्म वैसे तो एक राजनीतिक कहानी है जिसे ऐतिहासिक ढंग से कहा गया है लेकिन मिल्क कि हत्या न तो राजनीतिक हत्या है और न ही यह समलैंगिकता के प्रति डर या गुस्से में आकर की गयी है. बल्कि, यह एक बदले की कहानी है जो कथित खामियों और सार्वजनिक अपमान के कारण ली जाती है," डेविस यह भी कहते हैं कि इस बात की सम्भावना है कि मिल्क की हत्या तब भी होती अगर वह इतरलैंगिक होता. इसलिए फिल्म एक राजनीतिक शहीद क़ी वीर गाथा नही हो सकती जो हमे थाम कर रखे और हमारी सांसों को रोक ले. यह एक आदमी की सरल कहानी है, जिसने एक असाधारण राजनीतिक लड़ाई लड़ी और जिसे बिना किसी कारण मनमाने ढंग से मार डाला गया. हालांकि डेविस के अनुसार पेन द्वारा मिल्क का चित्रण काफी हृदयस्पर्शी है, वह यह भी कहता है कि, "सूक्ष्म तौर पर एक तकलीफदायक नोट के साथ कई बार ऐसा प्रतीत होता है कि पेन का इस फिल्म में समलैंगिक अभिनय काफी हद तक उसकी फिल्म आइ एम सैम में उसके अनूठे बालसुलभ ( पढो:मेंटली रिटारटेड ) अभिनय से मिलता जुलता है." अपनी सभी आलोचनाओं को एक तरफ रखते हुए डेविस ने निष्कर्ष देते हुए कहा,"चाहे फिल्म बहुत अच्छी न हो परन्तु यह आनंदित करने वाली है और फिल्म का हृदय, मिल्क की उदारता के चित्रण में निहित है."[29]

द एडवोकेट ने सामान्य तौर पर फिल्म का समर्थन करते हुए, पेन के इस चुनाव का विरोध किया जब उसने देश में समलैंगिक अधिकार विरोधी रिकॉर्ड रहने के बावजूद क्यूबा की सरकार का समर्थन किया.[30] मानवाधिकार फाउंडेशन के अध्यक्ष थोर हलवोरसीन ने लेख में कहा,"शॉन पेन को किसी के द्वारा भी सम्मानित किया जा सकता है, यहाँ तक की समलैंगिक समुदाय को अलग छोड़ दिया जाये, लेकिन एक तानाशाह के साथ खड़े होना जो समलैंगिकों को कौनसंट्रेशन कैंप में डाल देता है, मस्तिस्क के लिए काफी आपतिजनक है.[30] लास एंजिल्स टाइम्स के फिल्म समीक्षक पैट्रिक गोल्डस्टीन ने विवाद पर प्रतिक्रिया करते हुए टिप्पणी की, "मैं अपनी सांस को रोककर नहीं रख रहा कि कोई पेन के पैर आग में डाले हुए है."[30]

शीर्ष दस सूचियां[संपादित करें]

2008 की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में, यह फिल्म कई आलोचकों की दस शीर्ष सूचियों में आई.[31] फिल्म सिटी समाचार से पता चलता है कि विभिन्न आलोचकों की 286 सूचियों के सर्वेक्षण के बाद, फिल्म 131 विभिन्न शीर्ष दस सूचियों में आई, जिसमें से चौथा, 2008 में जारी फिल्मों की दस सूची में सबसे ऊपर उल्लेखित है.[32]

  • 1 - माइकल रेचशाफ्फें, हॉलीवुड रिपोर्टर [31]
  • 1 - पीटर ट्रावर्स, रॉलिंग स्टोन [31]
  • 2 - एला टेलर, ला वीकली [31]
  • 2 - फ्रैंक शेक, हॉलीवुड रिपोर्टर [31]
  • 2 - लिसा श्वार्ज्बौम, एंटरतेनमेंत वीकली [31]
  • 2 - मिक लासाले, सैन फ्रांसिस्को क्रॉनिकल [31]
  • 3 - अन होर्नादे , द वाशिंगटन पोस्ट [31]
  • 3 - लोउ लुमेनिक, द न्यूयॉर्क पोस्ट [31]
  • 3 - मारजोरी बौमगारतें, द ऑस्टिन क्रॉनिकल [31]
  • 3 - रॉबर्ट मोंदेलो, एन पी आर [31]
  • 3 - बेन लैओंस, एट द मूवीस
  • 4 - अन्द्रिया ग्रोंवाल, शिकागो रीडर [31]
  • 4 - पीटर हार्तलौब, सैन फ्रांसिस्को क्रॉनिकल [31]
  • 4 -स्टीफन होल्डेन, द न्यूयॉर्क टाइम्स [31]
  • 4 - टी बर्र , द बोस्टन ग्लोब [31],
  • 4 -बेन मान्ग्किहविट्स, एट द मूवीस
  • 5 -मार्क डोयले, मेटाक्रितिक [31]
  • 5 - रिचर्ड कोर्लिस, टाइम मैगजीन[31]
  • 5 - स्टीफन फार्बर, द हॉलीवुड रिपोर्टर [31]
  • 6 - कैरी रिकी , द फिलाडेल्फिया इन्क्वैरर [31]
  • 6 - कीथ फिप्स , द ए वी क्लब [31]
  • 6 - कर्क हनिकट, द हॉलीवुड रिपोर्टर [31]
  • 7 - दाना स्टीवेंस, स्लेट [31]
  • 7 - डेविड देंबी, द न्यू यॉर्कर [31]
  • 7 - वेसले मॉरिस, द बोस्टन ग्लोब [31]
  • 8 - ए ओ स्कॉट, द न्यूयॉर्क टाइम्स [31]
  • 9 - लॉरेंस तोप्प्मैन, द शार्लोट ऑब्जर्वर [31]
  • 9 - लियम लेसी, द ग्लोब एंड मेल [31]
  • 9 - नोएल मर्रे , द ए वी क्लब [31]
  • 9 - ओवेन ग्लीबर्मन, एंटरटेंमेंट वीकली [31]
  • 9 - शॉन ऐक्स्मेकर, सिएटल पोस्ट ईंटेलिजेंसर [31]
  • 10 -नाथन राबिन, द ए वी क्लब [31]
  • सूचीबद्ध - रोजर एबर्ट शिकागो सन टाइम्स [31] (एबर्ट ने वर्णमाला क्रम में बिना रैंकिंग के शीर्ष 20 की सूची दी तथा अपनी वेबसाइट पर घोषणा की कि ऑस्कर में जाने योग्य 2008 के "सर्वश्रेष्ठ चित्रों" में से यह सबसे योग्य नामांकन है.

समोआ प्रतिबंध[संपादित करें]

मार्च 2009 के अंत में, समोआ सेंसरशिप बोर्ड ने बिना किसी कारण फिल्म के वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया.[33] सामोन मानवाधिकार कार्यकर्ता, केन मोआला ने प्रतिबंध के विरुद्ध जाते हुए टिप्पणी की, "यह वास्तव में अहानिकर है, मैं नहीं जानता कि यह प्रतिबंध सामोन जीवन शैली को कैसे प्रभावित करेगा. यह पूरी तरह से अलग है और यहां लागू नहीं है, यह वास्तव में काफी घरेलू है."[33] द पैसेफिक फ्रीडम फोरम संस्करण ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा,"पूरे विश्व में समोआ एकमात्र ऐसा देश है जहाँ सेंसर ने विशेष रूप से कई अकादमी पुरस्कार प्राप्त इस फिल्म को प्रतिबंधित किया है, इस कारण समोआवासियों को पायरेटेड संस्करण या तस्करी पर सीमित रहना पड़ता है.[34] अमेरिकन समोअन मोनिका मिलर, जो फोरम की सह अध्यक्ष हैं, ने कहा, "पर्यवेक्षकों को सेंसरशिप के मानकों पर आश्चर्य है जो ऐसे देश में लागू किया जा रहा है जहाँ फा'फाफाइन को एक स्थापित तथा सम्मानित भूमिका दी जा रही है."[34] फा'फाफाइन ऐसे जीव विज्ञानी पुरुष हैं जो बड़े होकर महिला लिंग की भूमिका धारण करते हैं, इस प्रकार ये सामोन समाज द्वारा स्वीकृत एक तीसरे लिंग बन जाते हैं. फा'फाफाइन एसोसिएशन ने भी प्रतिबंध लगाने की आलोचना की तथा इसका वर्णन "समलैंगिकता के भाव के प्रति अस्वीकृति"[35] के रूप में किया है.

30 अप्रैल को, मुख्य सेंसर लेइआतौआ निउआपू ने प्रतिबंध का कारण जारी किया और यह कहा, "फिल्म अनुपयुक्त और ईसाई विश्वासों तथा सामोन संस्कृति के विपरीत है": फिल्म समलैंगिको के मानवाधिकारों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है. फिल्म के कुछ दृश्य सेक्स सम्बन्धों के लिहाज से काफी अनुचित हैं, तथा यह समोआ जीवन के काफी विपरीत है.[36] बीबीसी के शब्दों में, सामोन समाज,"गहरा रूढ़िवादी और धर्मनिष्ठ ईसाई है."[37]

पुरस्कार और नामांकन[संपादित करें]

मिल्क ने कई फिल्म आलोचक संगठनों से प्रशंसा प्राप्त की.

  • 9 दिसंबर, 2008, फिल्म ने समालोचकों के च्वाइस पुरस्कार का आठ नामांकन जीता, जिसमें सर्वश्रेष्ठ फिल्म तथा सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार संलग्न है.
  • 11 दिसंबर, 2008 को शॉन ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए गोल्डन ग्लोब का एक नामांकन प्राप्त किया जो फिल्म का एकमात्र नामांकन है.
  • 18 दिसंबर, 2008, स्क्रीन अभिनेता श्रेणी ने मिल्क को तीन श्रेणियों के लिए नामांकित किया: सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता, तथा 15वें स्क्रीन अभिनेता श्रेणी पुरस्कारों के लिए मोशन पिक्चर में सर्वश्रेष्ठ भूमिका; शॉन पेन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के रूप में चुना गया था.
  • 5 जनवरी, 2009, फिल्म निर्माताओं ने 20वें निर्माता श्रेणी के अमेरिकी पुरस्कारों के लिए, वर्ष के निर्माता के लिए नामांकन प्राप्त किया.
  • 8 जनवरी 2009, गस वान संत ने उत्कृष्ट निर्देशकीय उपलब्धि के लिए, 61वें निर्देशक श्रेणी के अमेरिकी पुरस्कारों के लिए नामांकन प्राप्त किया.
  • फिल्म ने 62वें लेखक श्रेणी के अमेरिकी पुरस्कारों के लिए, सर्वश्रेष्ठ मूल पटकथा का पुरस्कार जीता.
  • फिल्म ने 62वें ब्रिटिश अकादमी फिल्म पुरस्कार के लिए सर्वश्रेष्ठ फिल्म समेत चार बाफ्टा पुरस्कारों का नामांकन प्राप्त किया.
  • 22 जनवरी, 2009, इस फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ फिल्म समेत अकादमी पुरस्कार का आठ नामांकन प्राप्त किया, और सर्वश्रेष्ठ मूल पटकथा तथा मुख्य भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (शॉन पेन) का दो पुरस्कार जीता.