मित्र तारा

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मित्र मंडल के तीन तारों और हमारे सूरज के आकारों और रंगों की आपस में तुलना
शक्तिशाली दूरबीन के ज़रिये मित्र तारे का एक दृश्य (बीच का सब से रोशन तारा)
मित्र "बी" की परिक्रमा करते ग़ैर-सौरीय ग्रह का काल्पनिक चित्रण

मित्र या अल्फ़ा सॅन्टौरी, जिसका बायर नाम α Centauri या α Cen है, नरतुरंग तारामंडल का सब से रोशन तारा है।[1] यह पृथ्वी से दिखने वाले तारों में से चौथा सब से रोशन तारा भी है।

पृथ्वी से एक दिखने वाला मित्र तारा वास्तव में तीन तारों का बहु तारा मंडल है। इनमें से दो तो एक द्वितारा मंडल में हैं और इन्हें मित्र "ए" और मित्र "बी" कहा जाता है। तीसरा तारा इनसे कुछ दूरी पर है और उसे मित्र "सी" या "प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी" का नाम मिला है। सूरज को छोड़कर, प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी हमारी पृथ्वी का सब से नज़दीकी तारा है और हमसे 4.24 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर है। फिर भी प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी इतना छोटा है के बिना दूरबीन के देखा नहीं जा सकता।

अक्तूबर २०१२ में वैज्ञनिकों ने घोषणा करी कि मित्र तारा मंडल के एक तारे (मित्र "बी") के इर्द-गिर्द एक ग़ैर-सौरीय ग्रह परिक्रमा करता हुआ पाया गया है। इस ग्रह का नाम 'मित्र बी-बी' (Alpha Centauri Bb) रखा गया और यह पृथ्वी से सब से नज़दीकी ज्ञात ग़ैर-सौरीय ग्रह है लेकिन यह अपने तारे के बहुत पास है और वासयोग्य क्षेत्र में नहीं पड़ता।[2]

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

अंग्रेज़ी में मित्र को "अल्फ़ा सॅन्टौरी" (Alpha Centauri) और मित्र "सी" को "प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी" (Proxima Centauri) बोलते हैं। मित्र के कई अन्य पारम्परिक नाम हैं जैसे की राइजिल कॅन्टौरस (Rigil Kentaurus) और टोलिमान (Toliman)। सोचा जाता है के टोलिमान का नाम अरबी भाषा के "अल-ज़ुल्मान" (الظلمان) शब्द से आया है, जिसका अर्थ है "शुतुरमुर्ग़"।

तारों का ब्यौरा[संपादित करें]

  • मित्र "ए" (अल्फ़ा सॅन्टौरी A) - यह मित्र "बी" के साथ द्वितारा मंडल में बंधा हुआ है और उस मंडल का मुख्य तारा है। मित्र "ए" एक G2V श्रेणी का मुख्य अनुक्रम तारा है और हमरे सूरज की तरह का पीला-सफ़ेद रंग रखता है। यह हमारे सूरज के द्रव्यमान (मास) से ज़रा ज़्यादा द्रव्यमान रखता है (1.1 गुना) और सूरज की चमक (निरपेक्ष कान्तिमान) से थोड़ा ज़्यादा चमकीला (1.52 गुना) है। इसका व्यास (डायामीटर) सूरज के व्यास का 1.23 गुना है। इसकी आयु 4.85 अरब साल अनुमानित की जाती है जो हमारे सूरज की आयु से लगभग 25 करोड़ वर्ष अधिक है।
  • मित्र "बी" (अल्फ़ा सॅन्टौरी B) - यह मित्र "ए" के साथ द्वितारा मंडल में बंधा हुआ है और उसका छोटा साथी तारा है। मित्र "बी" एक K1V श्रेणी का मुख्य अनुक्रम तारा है और इसका रंग नारंगी-पीला है। यह हमारे सूरज के द्रव्यमान से ज़रा कम द्रव्यमान रखता है (0.91 गुना) और सूरज की चमक से आधा चमकीला (0.5 गुना) है। इसका व्यास (डायामीटर) भी सूरज के व्यास से ज़रा कम (0.87 गुना) है। मित्र "ए" की तरह, इसकी आयु भी 4.85 अरब साल अनुमानित की जाती है जो हमारे सूरज की आयु से लगभग 25 करोड़ वर्ष अधिक है।
  • मित्र "सी" (अल्फ़ा सॅन्टौरी C या प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी) - यह एक M5Ve या M5VIe श्रेणी का तारा है जिसका अर्थ है के या तो यह एक छोटा मुख्य अनुक्रम तारा है या फिर एक उपबौना तारा है। सूरज की तुलना में यह काफ़ी छोटा है - द्रव्यमान के हिसाब से सौर द्रव्यमान का 0.12 गुना और व्यास के हिसाब से सौर व्यास का 0.14 गुना।

ग़ैर-सौरीय ग्रह[संपादित करें]

मित्र "बी" तारे के इर्द-गिर्द एक ग़ैर-सौरीय ग्रह परिक्रमा करता हुआ पाया गया है। इसका नामकरण 'मित्र बी-बी' (Alpha Centauri Bb) करा गया। इस ग्रह का आकार (द्रव्यमान और व्यास) लगभग पृथ्वी के बराबर है लेकिन यह अपने सूरज से केवल ६० लाख किमी दूर है (जबकि पृथ्वी सूरज से १५ करोड़ किमी दूर है)। इस कारण से इसपर तापमान बहुत ऊँचा होने की सम्भावना है - [[खगोलशास्त्री] अनुमान लगते हैं कि यह १,२०० डिग्री सेन्टीग्रेड से भी ऊँचा होगा, यानि इसपर पत्थर लावा की तरह पिघले हुए होंगे। इस नज़दीकी के कारण यह अपने तारे की एक परिक्रमा भी केवल ३.२ दिनों में पूरी कर लेता है। फिर भी ऐसा देखा गया है कि जब इतने कम आकार का ग्रह हो तो ऐसे मंडल में अक्सर अन्य ग्रह भी होते हैं। वैज्ञानिक कहते हैं कि संभव है कि इस तारे में अन्य ग्रह भी हों जो वासयोग्य क्षेत्र में हैं।[2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Indian journal of history of science: Volume 42, National Commission for Compilation of History of Sciences in India, Indian National Science Academy, National Institute of Sciences of India, 2007, "... stars a Centauri and beta Centauri are known as Mitra and Mitrak respectively ..."
  2. Alien planet at Alpha Centauri closest ever found to Earth, Mike Wall, 16 अक्टूबर 2012, NBC News, Accessed: 19 अक्टूबर 2012, ... Astronomers detected the alien planet around the sunlike star Alpha Centauri B, which is part of a three-star system just 4.3 light-years away from us. The newfound world is about as massive as Earth, but it's no Earth twin; its heat-blasted surface may be covered with molten rock, researchers said ...