मालवन

मुक्त ज्ञानकोष विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
मालवन (मालवण)
—  नगर  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य महाराष्ट्र
ज़िला सिंधुदुर्ग
जनसंख्या 18,675 (2001 के अनुसार )
आधिकारिक भाषा(एँ) मराठी, और स्थानीय भाषा मालवनी
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• 5 मीटर (16 फी॰)
आधिकारिक जालस्थल: sindhudurg.nic.in

Erioll world.svgनिर्देशांक: 16°3′24″N 73°28′8″E / 16.05667, 73.46889

मालवन या मालवण (मराठी:मालवण),भारत के राज्य महाराष्ट्र में दक्षिण में स्थित सिंधुदुर्ग जिले, का एक कस्बा है। सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यह कस्बा सिंधुदुर्ग जिले का एक तालुका भी है। मालवन शिवाजी द्वारा निर्मित सिंधुदुर्ग और मालवनी भोजन के लिए मशहूर है। यह स्थान आमों की विभिन्न किस्मों जैसे कि अलफांसो और मालवनी हापुस के लिए भी प्रसिद्ध है। इसके साथ ही यहाँ बनने वाली मिठाइयां जैसे कि मालवनी खेजा और मालवनी लड्डू पूरे महाराष्ट्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में प्रसिद्ध हैं।

पौराणिक कहानियों पर आधारित नाटक, मालवनी दशावतार, मालवनी संस्कृति का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रसिद्ध नाटककार और टीवी अभिनेता श्री मछीन्द्र कांबली मालवन से आते हैं।

अनुक्रम

नामोत्पत्ति [संपादित करें]

मालवन के नाम की उत्पत्ति से संबंधित कई मनगढ़ंत और कुछ विश्वास योग्य कहानियां प्रचलित हैं। एक प्रचलित कहानी के अनुसार मालवन क्षेत्र में बड़ी मात्रा में नमक का उत्पादन किया जाता था। नमक उत्पादक इस क्षेत्र को नमक की अधिकता के चलते "महालवण" कह कर संबोधित करते थे। दूसरी एक संभावना के अनुसार मालवन शब्द मालवनी बोली के दो शब्दों "मद" यानि नारियल और "बन" यानि कि बाग के ध्वन्यात्मक मेल से मिल कर बना है और जिसका अर्थ है वो बाग जहाँ नारियल के पेड़ बहुतायत में मिलते हैं।

जनसाँख्यिकी [संपादित करें]

भारत की जनगणना 2001 के अनुसार मालवन की जनसंख्या 18675 थी जिसमें पुरुषों का प्रतिशत 51 और महिलायों का प्रतिशत 49 था। मालवन की साक्षरता दर 81% थी जिसमें 85% पुरुष और 77% महिलायें साक्षर थीं। मालवन की 9% जनसंख्या 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों की थी।

चित्र दीर्घा [संपादित करें]

संदर्भ [संपादित करें]