मान्छु लिपि

मुक्त ज्ञानकोष विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
मान्छु लिपि में 'मान्छु' (मान्जु') शब्द लिखा हुआ
एक पुरानी फ़्रांसिसी पुस्तक में मान्छु वर्णमाला

मान्छु लिपि पूर्वोत्तर एशिया में बासनी वाले मान्छुओं की मान्छु भाषा को लिखने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह एक वर्णमाला भी है। ठीक ऐसी ही लिपि का प्रयोग सुदूर-पश्चिमी चीन के शिनजियांग प्रान्त में बसने वाले शिबू लोग भी अपनी भाषा (जो मान्छु की एक अन्य क़िस्म है) के लिए करते हैं। यह लिपि प्राचीन मंगोल लिपि में थोड़ा फेर-बदल कर के ली गई है। इसकी एक बड़ी ख़ासियत है कि इसे ऊपर-से-नीचे की ओर लिखा जाता है और इसकी पंक्तियाँ बाएँ से दाएँ चलती हैं। तुलना के लिए देवनागरी में लिखी गई हिंदी को बाएँ-से-दाएँ लिखा जाता है और इसकी पंक्तियाँ ऊपर से नीचे चलती हैं। मान्छु भाषा को भाषावैज्ञानिक ख़तरे में मानते हैं और मान्छु लिपि अब ज़्यादा ऐतिहासिक ग्रंथों-किताबों, इमारतों और धार्मिक लिखाइयों पर ही नज़र आती है।[1]

[संपादित करें] इन्हें भी देखें

[संपादित करें] सन्दर्भ

  1. Manchu: a textbook for reading documents, Gertraude Roth Li, University of Hawaii Press, 2000, ISBN 9780824822064
वैयक्तिक औज़ार
नामस्थान

संस्करण
क्रियाएं
परिभ्रमण
योगदान
सहायता
उपकरण
मुद्रण/निर्यात
अन्य भाषाएँ