माधव कुमार नेपाल

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माधव कुमार नेपाल

माधव कुमार नेपाल (जन्म १२ मार्च १९५३) नेपाल के एक राजनेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री हैं। इसके पहले वे १५ वर्ष तक नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के महासचिव रह चुके हैं।

जीवनी[संपादित करें]

श्री माधव का जन्म दक्षिणी नेपाल के गौर जिले में ६ मार्च सन् १९५३ को हा था। उनके पिताजी का नाम मंगल कुमार उपाध्याय तथा उनकी माताजी का नाम दुर्गादेवी उपाध्याय था। माधव कुमार पढ़ाई के लिए बिहार के सीतामढ़ी आ गए थे लेकिन बीमारी के चलते कुछ समय बाद ही उन्हें अपने देश लौटना पड़ा।

उन्होंने 1973 में त्रिभुवन विश्वविद्यालय से स्नातक किया और पूर्णकालिक राजनेता बनने से पहले बैंकिंग और लोकसेवा के क्षेत्र में काम किया। मातृभाषा नेपाली के अलावा अंग्रेजी, हिंदी, मैथिली और भोजपुरी के जानकार माधव कुमार 1978 में सीपीएन यूएमएल के संस्थापक सदस्य और पोलित ब्यूरो के सदस्य रहे।

नेपाल में 1969 से लेकर कम्युनिस्ट आंदोलन में शामिल रहे। उन्हें भारत के जाने-माने विद्वान राहुल सांकृत्यायन और रूस के क्रांतिकारी लेखक गोर्की से प्रेरित माना जाता है। माधव कुमार नेपाल जहाँ 1993 से लेकर 2008 तक नेपाल की उदारवादी कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी के मुखिया रहे वहीं उनके पास वर्षों का राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव भी है।

वे 1994 में सीपीएन यूएमएल की नौ महीने तक चली अल्पमत वाली सरकार में उप प्रधानमंत्री रहे। वे राष्ट्रीय असेंबली में नेता विपक्ष भी रहे। संविधान सभा के चुनाव में मिली हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए नेपाल ने 12 अप्रैल 2008 को पार्टी प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया था। अब उन्होंने राजनीति में वापसी की है।

उन्होंने यूनाइटेड लेफ्ट फ्रंट के बैनर तले लोकतंत्र की बहाली के लिए 1990 में चले आंदोलन में भी भाग लिया। वे 2006 में नेपाल नरेश की हुकूमत खत्म करने के लिए चले जनांदोलन में सक्रिय रहे। वे उन नेताओं में से एक थे जिन्होंने नवंबर 2005 में माओवादियों और राजनीतिक दलों के बीच 12 सूत्री समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]