मस्सा
मस्सा (wart) शरीर पर कहीं कहीं काले रंग का उभरा हुआ मांस का छोटा दाना जो चिकित्साविज्ञान के अनुसार एक प्रकार का चर्मरोग माना जाता है। यह प्रायः सरसों अथवा मूँग के आकार से लेकर बेर तक के आकार का होता है। यह प्रायः हाथों और पैर पर होता है किन्तु शरीर के अन्य अंगों पर भी हो सकता है।
मस्से विषाणु संक्रमण से पैदा होते हैं। प्रायः 'मानव पेपिल्लोमैविरस' नामक विषाणु की कोई प्रजाति इसका कारण होती है। लगभग दस प्रकार के मस्से होते हैं। मस्से संक्रमण (छुआछूत) से हो सकते हैं और शरीर में वहाँ प्रवेश करते हैं जहाँ त्वचा कटी-फटी हो। प्रायः ये कुछ माह में स्वयं समाप्त हो जाते हैं किन्तु कभी-कभी वर्षों तक बने रह सकते हैं या पुनः हो सकते हैं।
[संपादित करें] उपचार
मस्से के कई उपचार हैं। इनमें से सलिसिलिक अम्ल (salicylic acid) का मस्से पर प्रयोग सबसे कारगर पाया गया है। अन्य उपचार हैं - क्रायोथिरैपी (cryotherapy) तथा प्लेसिबो (placebo)।
दवा लगाने पर मस्से हट जाते हैं किन्तु वे फिर से प्रकट हो सकते हैं - यही मुख्य जटिलता है।
[संपादित करें] बाहरी कड़ियाँ
- मस्सा (स्वास्थ्यरक्षक सखा)
- Wart photo library, Dermnet
