मरियम उज़-ज़मानी

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मरियाम उज़-ज़मानी बेग़म साहिबा
مریم الزمانی بیگم صاحبہ
मुगल महारानी
Jodhbai.jpg
मरियम उज़-ज़मानी उर्फ हरखाबाई का कलात्मक चित्रण
पूरा नाम राजकुमारी हीरा कुँवारी
समाधी मरियम ज़मानी की छतरी
जीवन संगी जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर
राजवंश मुग़ल
पिता राजा भारमल
संतान जहाँगीर
धर्म PARSE

जोधाबाई आमेर के राजा भारमल की पत्नी ( जो जोधपुर की राजकुमारी थी ) के साथ आई एक दासी की पुत्री थी जो राजा भारमल के विवाह के समय ही दहेज़ में अपनी माता ( जो जोधपुर की राजकुमारी की दासी थी ) के साथ आई थी ,जिसे आमेर के राजा भारमल जी ने अकबर के साथ विवाह किया था क्योंकि वह एक परसियन यानि पारसी लड़की थी उसका जीवन बेकार न हो इस कारन राजा भारमल ने उसका कन्यादान किया था इस नाते वह उनकी धर्म पुत्री थी ,, न की वह कोई क्षत्रिय कन्या ( कछवाहा राजकुमारी नहीं थी ) ,,,,,,

जीवनी [संपादित करें]

जोधाबाई आमेर के राजा भारमल की पत्नी ( जो जोधपुर की राजकुमारी थी ) के साथ आई एक दासी की पुत्री थी जो राजा भारमल के विवाह के समय ही दहेज़ में अपनी माता ( जो जोधपुर की राजकुमारी की दासी थी ) के साथ आई थी ,जिसे आमेर के राजा भारमल जी ने अकबर के साथ विवाह किया था क्योंकि वह एक परसियन यानि पारसी लड़की थी उसका जीवन बेकार न हो इस कारन राजा भारमल ने उसका कन्यादान किया था इस नाते वह उनकी धर्म पुत्री थी ,, न की वह कोई क्षत्रिय कन्या ( कछवाहा राजकुमारी नहीं थी ) ,,,,,,

सन्दर्भ [संपादित करें]

जोधाबाई आमेर के राजा भारमल की पत्नी ( जो जोधपुर की राजकुमारी थी ) के साथ आई एक दासी की पुत्री थी जो राजा भारमल के विवाह के समय ही दहेज़ में अपनी माता ( जो जोधपुर की राजकुमारी की दासी थी ) के साथ आई थी ,जिसे आमेर के राजा भारमल जी ने अकबर के साथ विवाह किया था क्योंकि वह एक परसियन यानि पारसी लड़की थी उसका जीवन बेकार न हो इस कारन राजा भारमल ने उसका कन्यादान किया था इस नाते वह उनकी धर्म पुत्री थी ,, न की वह कोई क्षत्रिय कन्या ( कछवाहा राजकुमारी नहीं थी ) ,,,,,,