मनोहर पर्रीकर

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मनोहर पार्रीकर
मनोहर पर्रीकर

पदस्थ
कार्यभार ग्रहण 
9 नवम्बर 2014
प्रधान  मंत्री नरेन्द्र मोदी
पूर्व अधिकारी अरूण जेटली
निर्वाचन क्षेत्र उत्तर प्रदेश, (राज्य सभा)

गोवा के मुख्यमंत्री
कार्यकाल
2012-2014
उत्तराधिकारी लक्ष्मीकांत पारसेकर

जन्म 13 दिसम्बर 1955 (1955-12-13) (आयु 59)
मापुसा, गोवा
राजनैतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी

मनोहर पार्रीकर (जन्म १३ दिसम्बर, १९५५, वर्तमान मेँ भारत के रक्षा मंत्री है तथा उत्तर प्रदेश राज्य से राज्य सभा के सांसद है। गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके है। उन्होंने सन १९७८ मे आई.आई.टी. मुम्बई से स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण करी. भारत के किसी राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले वह पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने आई.आई.टी. से स्नातक किया। उन्हेँ सन 2001 मेँ आई.आई.टी. मुम्बई द्वारा विशिष्ट भूतपूर्व छात्र की उपाधि भी प्रदान की गयी।

परिचय[संपादित करें]

भारतीय जनता पार्टी से गोआ के मुख्यमंत्री बनने वाले वह पहले नेता हैं। १९९४ में उन्हें गोआ की द्वितीय व्यवस्थापिका के लिये चयनित किया गया था। जून १९९९ से नवम्बर १९९९ तक वह विरोधी पार्टी के नेता रहा. २४ अक्टूबर् २००० को वह गोआ के मुख्यमन्त्री बने किंतु उनकी सरकार २७ फ़रवरी २००२ तक ही चल पायी. जून २००२ में वह पुनः सभा के सदस्य बने तथा जून ५, २००२ को पुनः गोआ के मुख्यमन्त्री पद के लिये चयनित हुए.

बी.जे.पी. को गोआ की सत्ता में लाने का श्रेय उन्हीं को जाता है। इसके अतिरिक्त भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव को अकेले गोआ लाने का तथा किसी भी अन्य सरकार से कम समय मे एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर की मूलभूत संरचना खड़ी करने का श्रेय भी उन्ही को जाता है। कई समाज सुधार योजनाओं जैसे दयानन्द सामाजिक सुरक्षा योजना जो कि वृद्ध नागरिकों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, साइबरएज योजना, सी.एम. रोजगार योजना इत्यादि में भी उनका प्रमुख योगदान रहा है। उन्हें कई प्रतिष्ठित प्रतिभाओं जैसे डॉ॰ अनुपम सराफ तथा आर. सी. सिन्हा इत्यादि को सरकार में सलाहकार के तौर पर शामिल करने का श्रेय[1] भी जाता है। प्लानिंग कमीशन ऑफ इन्डिया तथा इंडिया टुडे के द्वारा किय गए सर्वे़क्षण के अनुसार उनके कार्यकाल में गोआ लगातार तीन साल तक भारत का सर्वश्रेष्ठ शासित प्रदेश रहा. कार्यशील तथा सिद्धांतवादी श्री पारिकर को गोआ में मि. क्लीन के नाम से जाना जाता है।

जनवरी २९, २००५ को ४ बी.जे.पी. नेताओं के इस्तीफा देने के कारण उनकी सरकार अल्पमत में आ गयी। श्री पारिकर ने दावा किया कि वह अपना बहुमत साबित करेंगे तथा फरवरी २००५ में ऐसा हुआ भी. किंतु बाद मे किसी कारणवश उन्हें अपना पद खोना पड़ा. लगातार विवादों के पश्चात मार्च २००५ में गोआ में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया किंतु जून २००५ में विरोधी नेता प्रताप सिंह राणे गोआ के मुख्यमंत्री बना दिये गये।

संदर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

साँचा:भारत के रक्षा मंत्री