भारत भवन
भारत भवन, भारत के प्रान्त मध्य प्रदेश में स्थित एक विविध कला संग्रहालय है | इसमें आर्ट्स गैलरी , ललित कला संग्रह, इनडोर/आउटडोर ओडोटोरियम, रिहर्सल रूम, भारतीय कविताओं की पुस्तकालय आदि कई चीजें शामिल हैं | यह भोपाल के बड़े तालाब के निकट स्थित है | इस भवन के सूत्रधार चार्ल्स कोर्रा [1] का कहना है -
"यह कला केन्द्र एक बहुत ही सुंदर स्थान पर स्थित है, पानी पर झुका हुआ एक पठार जहाँ से तालाब और ऐतिहासिक
शहर दिखाई देता है"
श्यामला हिल्स पर स्थित भारत भवन राजधानी भोपाल के लिए कला का केंद्र है। इसका उद्घाटन ललित कलाओं की राष्ट्रीय संस्था के रूप में 13 फरवरी को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था। भारत भवन के पांच अंग हैं। इनमें से 'रूपंकर' ललित कला का संग्रहालय है, 'रंगमंडल' का सम्बन्ध रंगमंच से है,'वागर्थ' कविताओं का केन्द्र है, 'अनहद' शास्त्रीय और लोक संगीत का केन्द्र है जबकि 'छवि' सिनेमा से जुड़ी गतिविधियों के लिए है। अपनी स्थापना के समय से ही भारत भवन कला के केंद्र के रूप में पहचाना जाता रहा है। भारत भवन अपनी कला से जुड़ी गतिवधियों के साथ ही अपनी स्थापत्य कला और प्रकृातिक दृश्यों के लिए भी मशहूर है। इसकी डिजाइन चाल्र्स कोरिया ने बनाई थी और यह किसी ऊंची उठी बिल्डिंग के बजाए जमीन के समानांतर है। इसकी खासियत यह भी है कि इसे किसी एक स्थान से पूरा नहीं देखा जा सकता है। यहां तीन ऑडिटोरियम हैं जहां समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और रंगदर्शनियों में चित्रों की प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता रहता है। किसी भी तरह की कलाओं से जुड़ाव रखने वाले कला प्रेमियों के बीच यह जगह काफी प्रचलित है।
[संपादित करें] विभिन्न इकाइयाँ
- रूपंकर (ललित कला का संग्रहालय)
- रंगमंडल (प्रदर्शनों की सूची)
- वागर्थ (भारतीय कविताओं का केन्द्र )
- अनहद (शास्त्रीय और लोक संगीत का केन्द्र)
- छवि - सिनेमा के लिए
[संपादित करें] सन्दर्भ
[संपादित करें] बाहरी कड़ियाँ
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