भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण

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भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण
आधार लोगो
आधार लोगो
संस्था अवलोकन
स्थापना जनवरी 2009
अधिकार क्षेत्र भारत सरकार
मुख्यालय नई दिल्ली
संस्था कार्यपालकगण नंदन निलेकणी, चेयरमैन
 
विजय मदान, महानिदेशक
वेबसाइट
uidai.gov.in
आधार कार्ड का एक नमूना

भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (Unique Identification Authority of India) सन २००९ में गठित भारत सरकार का एक प्राधिकरण है जिसका गठन भारत के प्रत्येक नागरिक को एक बहुउद्देश्यीय राष्ट्रीय पहचान पत्र उपलब्ध करवाने की भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना के अन्तर्गत किया गया। भारत के प्रत्येक निवासियों को प्रारंभिक चरण में पहचान प्रदान करने एवं प्राथमिक तौर पर प्रभावशाली जनहित सेवाऐं उपलब्ध कराना इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य था।[1]

इस बहुउद्देश्यीय राष्ट्रीय पहचान पत्र (Multipurpose National Identity Card) का नाम "आधार" रखा गया।[2]

स्थापना[संपादित करें]

इस प्राधिकरण की स्थापना 28 जनवरी 2009 को एक अधिसूचना के द्वारा योजना आयोग के संबद्ध कार्यालय के रूप में 115 अधिकारियों और स्टाफ की कोर टीम के साथ की गई। अधिसूचना के अधीन 3 पद (महानिदेशक, उपमहानिदेशक, सहायक महानिदेशक) मुख्यालय हेतु एवं विशिष्ट पहचान आयुक्तों के 35 पद प्रत्येक राज्यों हेतु स्वीकृत किये गये हैं। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि बंगलुरु, चंडीगढ़, दिल्ली, हैदराबाद, गौहाटी, लखनऊ, मुम्बई एवं रांची में क्षेत्रीय कार्यालय खोले जायें। एक तकनीकी केन्द्र बंगलूरू में स्थापित किया गया।[3]

संगठन[संपादित करें]

वर्तमान में, श्री नंदन निलेकणि, केबिनेट मंत्री के दर्जे के साथ, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के अध्यक्ष हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री विजय एस. मदान, ने 1 अप्रैल 2013 को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के महानिदेशक एवं मिशन निदेशक के रूप में ज्वाइन किया है। इनसे पहले श्री रामसेवक शर्मा इस पद पर कार्यरत थे।

आधार कार्ड[संपादित करें]

आधार 12 अंकों की एक विशिष्ट संख्या है जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (भा.वि.प.प्रा.) सभी निवासियों के लिये जारी करता है। यह संख्या, भारत में कहीं भी, व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण होगा। भारतीय डाक द्वारा प्राप्त और यू.आई.डी.ए.आई. की वेबसाइट से डाउनलोड किया गया ई-आधार दोनों ही समान रूप से मान्य हैं। कोई भी व्यक्ति आधार के लिए नामांकन करवा सकता है बशर्ते वह भारत का निवासी हो और यू.आई.डी.ए.आई. द्वारा निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करता हो, चाहे उसकी उम्र और लिंग (जेण्डर) कुछ भी हो। प्रत्येक व्यक्ति केवल एक बार नामांकन करवा सकता है। नामांकन निशुल्क है।

आधार कार्ड के लाभ[संपादित करें]

  • आधार संख्या प्रत्येक व्यक्ति की जीवनभर की पहचान है।
  • आधार संख्या से आपको बैंकिंग, मोबाईल फोन कनेक्शन और सरकारी व गैर-सरकारी सेवाओं की सुविधाएं प्राप्त करने में सुविधा होगी।
  • किफायती तरीके व सरलता से आॅनलाइन विधि से सत्यापन योग्य।
  • सरकारी एवं निजी डाटाबेस में से डुप्लिेकेट एवं नकली पहचान को बड़ी संख्या में समाप्त करने में अनूठा एव ठोस प्रयास।
  • एक क्रम-रहित (रैण्डम) उत्पन्न संख्या जो किसी भी जाति, पंथ, मजहब एवं भौगोलिक क्षेत्र आदि के वर्गीकरण पर आधारित नहीं है।
क्रम संख्या आधार है आधार नहीं है
आधार एक 12 अंकों की प्रत्येक भारतीय की एक विशिष्ट पहचान है (बच्चों सहित) मात्र एक अन्य कार्ड।
भारत के प्रत्येक निवासी की पहचान है प्रत्येक परिवार के लिए केवल एक आधार कार्ड काफी है।
डेमोग्राफिक और बायोमेट्रिक के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति की विशिष्ट पहचान सिद्ध करता है। जति, धर्म और भाषा के आधार पर सूचना एकत्र नहीं करता।
यह एक स्वैच्छिक सेवा है जिसका प्रत्येक निवासी फायदा उठा सकता है चाहे वर्तमान में उसके पास कोई भी दस्तावेज हो। प्रत्येक भारतीय निवासी के लिए अनिवार्य है जिसके पास पहचान का दस्तावेज हो।
प्रत्येक व्यक्ति को केवल एक ही विशिष्ट पहचान आधार नम्बर दिया जाएगा। एक व्यक्ति मल्टीपल पहचान आधार नम्बर प्राप्त कर सकता है।
आधार वैश्विक इन्फ्रास्ट्रक्चर पहचान प्रदान करेगा जो कि राशन कार्ड, पासपोर्ट आदि जैसी पहचान आधारित एप्लीकेशन द्वारा भी प्रयोग में लाया जा सकता है। आधार अन्य पहचान पत्रों का स्थान लेगा।
यू.आई.डी.ए.आई., किसी भी तरह के पहचान प्रमाणीकरण से संबंधित प्रश्नों का हां/न में उत्तर देगा। यू.आई.डी.ए.आई. की सूचना पब्लिक और प्राइवेट एजेंसियां ले सकेंगी।

वर्तमान स्थिति[संपादित करें]

प्राधिकरण ने 29 सितम्‍बर 2010 को पहला आधार नम्‍बर जारी किया था। इसके लिए पहले उसने आकंड़ों के संग्रह और बायोमिट्रिक जानकारी जैसे उंगलियों के निशान और आंखों की पुतलियों से संबधित प्रारंभिक सभी आवश्‍यक मानक पूरे किए थे। यूआईडीएआई ने प्रति महीने औसतन करीब 1 करोड़ की दर से दिसम्‍बर 2012 तक 25 करोड़ आधार कार्ड जारी किए। वर्ष 2013 के दौरान यूआईडीएआई ने हर महीने 2 दशमलव 4 करोड़ से अधिक की औसत से कुल 29 करोड़ 10 लाख आधार कार्ड जारी किए। जनवरी 2014 तक प्राधिकरण 56 करोड़ आधार नम्‍बर जारी कर चुका है।[4]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. "आधार के बारे में". भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण की वैबसाईट. http://uidai.gov.in/hi/organization-details-hi.html. अभिगमन तिथि: 17 जनवरी 2014. 
  2. "UID renamed ‘AADHAAR’...". Deccanherald.com. http://www.deccanherald.com/content/66094/uid-project-renamed-aadhaar-logo.html. अभिगमन तिथि: 2010-09-12. 
  3. "आधार के बारे में". भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण की वैबसाईट. http://uidai.gov.in/hi/organization-details-hi.html. अभिगमन तिथि: 17 जनवरी 2014. 
  4. "भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण ने 56 करोड़ आधार नम्‍बर जारी किए". पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार. 16 जनवरी 2014. http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx?relid=26247. अभिगमन तिथि: 16 जनवरी 2014. 

बाहरी कड़ियां[संपादित करें]