भांड

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भांड (उर्दू: بهانڈ, पंजाबी: ਭਾਂਡ, अंग्रेज़ी: Bhand) उत्तर भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बंगलादेश के पारम्परिक समाजों में लोक-मनोरंजन करने वाले लोगों को कहा जाता है जो समय के साथ एक भिन्न जाति बन चुकी है। भांडों द्वारा किये प्रदर्शन को कभी-कभी स्वांग कहा जाता है।[1] आधुनिक काल में भांड लगभग सभी मुस्लिम हैं।[2] भांडों में नाचने-गाने वाले, नाटक रचाने वाले, मसख़रे (मज़ाक बनाने वाले), कहानीकार और नक़्क़ाल (नक़ल करने वाले) सभी शामिल हैं।[3][4]

उत्तर प्रदेश के भांड[संपादित करें]

उत्तर प्रदेश में भांड गाँव-गाँव जाकर लोक-मनोरंजन के लिए प्रदर्शन किया करते थे लेकिन बहुत से भांड अवध जैसे राजदरबारों से भी शाही परिवारों के मनोरंजन के लिए जुड़े हुए थे। आजकल पारम्परिक लोक-कलाओं के पतन के साथ बहुत से भांड समुदाय के लोग अन्य व्यापारों में लग गए हैं या फिर मज़दूरी करते हैं। उस्ताद-जमूरा भी भांडों का एक पसंदीदा नाटक-रूप था लेकिन अब यह कम देखा जाता है।

कश्मीर का भांड पाथेर[संपादित करें]

कश्मीर के देहाती इलाक़ों में भांडों द्वारा रचाई 'पाथेर' (यानि कहानियाँ) पारम्परिक रूप से पसंद की जाती है। गाने-बजाने के साथ प्रदर्शित इन कहानियों में आदमी ही औरतों के पात्र भी दर्शाते हैं। अक्सर भांड पाथेर में कश्मीर के रेशियों (यह कश्मीर में सूफ़ी पथ के मध्यकालीन ऋषियों को कहा जाता है) पर आधारित इन कहानियों में व्यंग्य और तंज़ भी मिश्रित होता है।[5]

पंजाब के नक़्क़ाल[संपादित करें]

पंजाब में नक़ल उतारने वाले भांड लोकप्रीय रहें हैं, जिन्हें अक्सर 'नक़लची' बुलाया जाता है। यह किसी जाने-माने व्यक्ति की नक़ल कर के और तंज़ का प्रयोग कर के, लोगों को हँसाने की कोशिश करते हैं।[4]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. History of Indian theatre, Manohar Laxman Varadpande, Abhinav Publications, 1992, ISBN 978-81-7017-278-9, ... The most popular of the medieval folk entertainers who still linger on the Indian scene are the Bhands. In Sanskrit, Bhand means jester ... Bhands were patronised by the people and royalty alike ... small skits with extempore jokes, humour laced with social criticism ...
  2. Idea of Rajasthan: Constructions, South Asia Publications, 1994, ISBN 978-0-945921-25-7, ... Like the Kashmiri Bhands, most Bhands in North India are Muslim ... Crooke cited figures for Uttar Pradesh, Punjab, and Haryana showing over 14000 Muslim Bhands living in these areas, but only 14 Hindu Bhands ...
  3. Supplement to the glossary of Indian terms, Sir Henry Miers Elliot, N.H. Longden, 1845, ... Those also are called Bhand who without reference to caste follow the occupation of singing, dancing, and assuming disguises ...
  4. The world encyclopedia of contemporary theatre, Volume 3, Don Rubin, Taylor & Francis, 2001, ISBN 978-0-415-26087-9, ... one actor goes around collecting money (pay-what-you-can) from the audience ... In the swang tradition is the naqal of Punjab: farcical in nature, it relies heavily on improvisation by the naqalchi ... The bhands are itinerant clowns. It is a centuries-old tradition in the villages, and very popular at marriages. It may be a solo performance, or a troupe may have two or three people. Dressed in rustic clothes ...
  5. South Asian folklore: an encyclopedia : Afghanistan, Bangladesh, India, Nepal, Pakistan, Sri Lanka, Peter J. Claus, Sarah Diamond, Margaret Ann Mills, Taylor & Francis, 2003, ISBN 978-0-415-93919-5, ... At the heart of the form, though, is the broad, farcical playing of the maskharas, or clowns ...