बृहस्पति के प्राकृतिक उपग्रह

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बृहस्पति के चार सब से बड़े उपग्रह, जिन्हें गैलिलीयाई चन्द्रमा भी कहा जाता है - (बाएँ से दाएँ) आयो, यूरोपा, गैनिमीड और कलिस्टो

हमारे सौर मण्डल के पाँचवे ग्रह बृहस्पति के ६३ ज्ञात उपग्रह हैं जिनकी परिक्रमा की कक्षाएँ परखी जा चुकी हैं और स्थाई पायी गयी हैं।[1] यह संख्या सौर मण्डल के किसी भी अन्य ग्रह से अधिक है।[2] इन उपग्रहों में से चार चन्द्रमा काफी बड़े आकार के हैं - गैनिमीड, कलिस्टो, आयो और यूरोपा। इनकी खोज गैलीलियो गैलिली ने सन् १६०९ में की थी इसलिए इन चारों को बृहस्पति के गैलिलीयाई चन्द्रमा भी कहा जाता है। यह चार पहले उपग्रह थे जो पृथ्वी से अन्य किसी ग्रह की परिक्रमा करते पाए गए थे। इन चारों का व्यास (डायामीटर) ३,१०० कि॰मी॰ से अधिक है। बृहस्पति के बाक़ी किसी भी उपग्रह का व्यास २५० कि॰मी॰ से अधिक नहीं और अधिकतर तो ५ कि॰मी॰ से भी कम का व्यास रखते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Sheppard, Scott S.. "The Giant Planet Satellite and Moon Page". Departament of Terrestrial Magnetism at Carniege Institution for science. http://www.dtm.ciw.edu/users/sheppard/satellites/. अभिगमन तिथि: 2008-08-28. 
  2. "Solar System Bodies". JPL/NASA. http://ssd.jpl.nasa.gov/?bodies. अभिगमन तिथि: 2008-09-09.