बुलन्दशहर जिला
| Bulandshahr जिला बुलन्दशहर ज़िला بلند شہر ضلع |
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उत्तर प्रदेश में Bulandshahr जिले की अवस्थिति |
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| राज्य | उत्तर प्रदेश, |
| प्रशासनिक प्रभाग | मेरठ |
| मुख्यालय | बुलन्दशहर |
| क्षेत्रफल | 3,719 कि.मी.२ (1,436 वर्ग मील) |
| जनसंख्या | 2,923,290 (2001) |
| साक्षरता | 70.19 per cent[1] |
| लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र | Bulandshahr |
| आधिकारिक जालस्थल | |
बुलन्दशहर भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश का एक जिला है ।
जिले का मुख्यालय बुलन्दशहर है । [[बुलन्द शहर एवं खुर्जा तहसीलो की बोलियों का समकालिक अध्ययन : ( ब्रज भाषा एवं खड़ी बोली के संक्रमण क्षेत्र का भाषा वैज्ञानिक अध्ययन ) : हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग, १२, सम्मेलन मार्ग, इलाहाबाद प्रकाशन वर्ष १९६७ ईस्वी
( सन् १९६२ ईस्वी में इलाहाबाद यूनिवर्स्टी की डी. फिल. उपाधि के लिए स्वीकृत शोध प्रबंध )
डा. महावीर सरन जैन का प्रयाग विश्वविद्यालय की डी. फिल. उपाधि के लिए स्वीकृत शोधप्रबंध हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा सन 1967 में प्रकाशित हुआ जिसके संबंध में प्रसिद्ध भाषा वैज्ञानिक उदयनारायण तिवारी ने ग्रंथ की भूमिका में लिखा है : " प्रस्तुत शोध प्रबंध में डा. महावीर सरन जैन ने बुलन्द शहर एवं खुर्जा तहसीलो की बोलियों का संकालिक दृष्टिकोण से भाषाशास्त्रीय अध्ययन प्रस्तुत किया है. डा. जैन ने यह शोध प्रबंध प्रयाग विश्वविद्यालय की डी. फिल. के लिए तैयार किया था. यह शोध प्रबंध मेरे निर्देशन में संपन्न हुआ था और मेरे अतिरिक्त इसके अन्य परीक्षक हिन्दी तथा भाषा विज्ञान के दो मूर्धन्य विद्वान डा. बाबूराम सक्सेना एवं डा. धीरेन्द्र वर्मा थे. तीनों परीक्षकों ने इस शोध प्रबंध की मुक्त कंठ से प्रशंसा की एवं 1962 में इस शोध प्रबंध पर डा. जैन को प्रयाग विश्वविद्यालय से डी. फिल. की उपाधि प्राप्त हुई. इस शोध प्रबंध की निम्नलिखित विशेषताएं हैं: 1. इसमें ब्रज भाषा एवं खडीबोली के संक्रांति क्षेत्र का भाषा सर्वेक्षण किया गया है. 2. सर्वेक्षण से उपलब्ध सामग्री का अध्ययन डा. जैन ने वर्णात्मक पद्धति से किया है. 3. यह अध्ययन एकमात्र संकालिक स्तर पर किया गया है. 4. इस शोध प्रबंध के संपन्न करने में संरचनात्मक पद्धति का भी पूर्ण सहारा लिया गया है.
मैं निसंकोच भाव से यह कह सकता हूँ कि यह हिन्दी में लिखित प्रथम शोध प्रबंध है जिसमें अधुनातन भाषाशास्त्रीय पद्धति के अनुसार सामग्री का विश्लेषण किया गया है. डा. महावीर सरन जैन ने इस शोध प्रबंध को प्रस्तुत कर जहाँ एक ओर हिन्दी भाषा के गौरव में अभिवृद्धि की है, वहाँ दूसरी ओर उन्होंने एक ऐसा सुन्दर आदर्श प्रस्तुत किया है जिसका हिन्दी की विभिन्न बोलियों के अनुसन्धित्सु ही नहीं, अपितु आर्य परिवार की अन्य भाषाओं के शोधकर्ता भी अनुगमन कर सकते हैं. यह अत्यंत आवश्यक है कि हिन्दी की अन्य बोलियों का अध्ययन भी इस आदर्श पर यथासंभव शीघ्र संपन्न किया जाए."]]
क्षेत्रफल - वर्ग कि.मी.
जनसंख्या - (२००१ जनगणना)
साक्षरता -
एस. टी. डी (STD) कोड - ०५७३२
जिलाधिकारी - (सितम्बर २००६ में)
समुद्र तल से उचाई -
अक्षांश - उत्तर
देशांतर - पूर्व
औसत वर्षा - मि.मी.
बुलन्दशहर प्राचीन काल में उच्छ नाम से, मध्यकाल में बरन नाम से जाना जाता था। इसी कारण प्रसिद्ध इतिहासकार जियाउद्दीन को जियाउद्दीन बरनी कहा जाता हो।इस समय नरौरा परमाणु केन्द्र के स्थित होने के कारण यह जिला प्रसिद्ध है। इस जिले में शिकारपुर एक प्रसिद्ध स्थान है जो चुतियोँ के लिए प्रसिद्ध है। शिक्षा के क्षेत्र में इस जनपद का खुर्जा नगर प्रसिद्धि से युक्त है यहाँ 5 संस्कृत महाविद्यालय एवं 2 चौ॰चरण सिंह विश्वविद्यालय के महाविद्यालय स्थित हैं ३ इस जिला मै एक कस्वा पहासू है जहा चिनी मिल है और यहा से करीब १० कि०मी० की दूरी पर भगवान भोले जी की साक्च्हात निक्ली हुई प्रतिमा है जिसकी मन्य्ता बहुत है जो भी भक्त वहान जाता है उसकी हर मनोकामना पूरी होती है
बाहरी कड़ियां [संपादित करें]
- ↑ "District-specific Literates and Literacy Rates, 2001". Registrar General, India, Ministry of Home Affairs. http://www.educationforallinindia.com/page157.html. अभिगमन तिथि: 2010-10-10.