बिग फ़ाइव व्यक्तित्व लक्षण

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समकालीन मनोविज्ञान में, व्यक्तित्व के "बिग फ़ाइव" कारक हैं व्यक्तित्व के पांच व्यापक डोमेन या आयाम, जिनका मानव व्यक्तित्व को वर्णित करने के लिए उपयोग किया जाता है.

बिग फ़ाइव कारक हैं खुलापन (Openness), कर्तव्यनिष्ठा (Conscientiousness), बहिर्मुखता (Extraversion), सहमतता (Agreeableness) और मनोविक्षुब्धता (Neuroticism) (यदि पुनर्व्यवस्थित किया जाए तो OCEAN, या CANOE). मनोविक्षुब्धता कारक को कभी-कभी भावनात्मक स्थिरता के रूप में भी संदर्भित किया जाता है. खुलेपन के घटक की व्याख्या के संबंध में कुछ असहमति अभी बाकी है, जिसे कभी-कभी "समझ" कहा जाता है.[1]

प्रत्येक कारक के साथ अनेक विशिष्ट लक्षणों का समूह जुड़ा हुआ है जो एक साथ सह-संबद्ध हैं. उदाहरण के लिए, बहिर्मुखता में सामाजिकता, उत्साही, आवेग, और सकारात्मक भावनाएं जैसे संबंधित गुण शामिल हैं.

पांच कारक मॉडल व्यक्तित्व का विशुद्ध व्याख्यात्मक मॉडल है, लेकिन मनोवैज्ञानिकों ने बिग फ़ाइव (महान पांच) के लिए असंख्य सिद्धांत विकसित किए हैं.

परिदृश्य[संपादित करें]

बिग फ़ाइव कारकों और उनके अंशभूत लक्षणों को निम्नतः संक्षेप में दिया जा सकता है:

  • खुलापन - (कल्पनाशील / उत्सुक बनाम सतर्क / रूढ़िवादी ). कला, भावना, साहस, असामान्य विचार, जिज्ञासा, और विविध अनुभव के प्रशंसक.
  • कर्तव्यनिष्ठा - (कुशल / संगठित बनाम आरामपसंद / लापरवाह). अनुशासन, कर्तव्यपरायण, और कार्यसिद्धि का प्रयास, सहज के बजाय योजनाबद्ध व्यवहार की प्रवृत्ति.
  • बहिर्मुखता - (मिलनसार / उत्साही बनाम शर्मीला / गुमसुम). ऊर्जा, सकारात्मक भावनाएं, सहमतता, और दूसरों के साथ उत्तेजना की तलाश करने की प्रवृत्ति.
  • सहमतता - (मैत्रीपूर्ण / संवेदनशील बनाम प्रतिस्पर्धी / मुखर ). दूसरों के प्रति शंकालु और विरोधी होने के बजाय दयालु और सहयोगी रहने की प्रवृत्ति.
  • मनोविक्षुब्धता - (संवेदनशील / बेचैन बनाम निश्चिंत / आश्वस्त). क्रोध, चिंता, अवसाद या अतिसंवेदनशीलता जैसी अप्रिय भावनाओं को आसानी से अनुभव करने की प्रवृत्ति.

बिग फ़ाइव मॉडल को व्यक्तित्व मनोविज्ञान के इतिहास में सबसे व्यापक, अनुभवसिद्ध, डेटा-संचालित शोध निष्कर्ष माना गया है. समग्र मनोविज्ञान में मानव व्यक्तित्व की विशेषताएं और संरचना की पहचान सबसे बुनियादी लक्ष्यों में से एक रहा है. तीन या चार दशकों के अनुसंधान के बाद, कई स्वतंत्र शोधकर्ताओं के समूहों द्वारा क्रमशः ये पांच व्यापक कारक खोजे और परिभाषित किए गए (डिगमेन, 1990).[2] इन शोधकर्ताओं ने सभी ज्ञात व्यक्तित्व लक्षणों का अध्ययन और फिर इन विशेषताओं के सैकड़ों उपायों के कारक-विश्लेषण शुरू किया (स्व-रिपोर्ट और प्रश्नावली डेटा, सहकर्मी रेटिंग, और प्रयोगात्मक विन्यासों से विषयपरक उपाय) ताकि व्यक्तित्व के मूलभूत, अंतर्निहित कारकों का पता लगा सकें.

प्रारंभिक मॉडल को, 1950 के दशक के अंत में अमेरिकी वायु सेना के कार्मिक प्रयोगशाला में किए गए कार्य के आधार पर, अर्नेस्ट ट्यूप्स और रेमंड क्रिस्टल द्वारा विकसित किया गया; दुर्भाग्यवश, उन्होंने अपना काम केवल एक अज्ञात तकनीकी रिपोर्ट में प्रलेखित किया (ट्यूप्स, ई.सी. एंड क्रिस्टल, आर.ई. रिकरेंट पर्सनैलिटी फ़ैक्टर्स बेस्ड ऑन ट्रेट रेटिंग्स. टेक्निकल रिपोर्ट ASD-TR-61-97, लैकलैंड एयर फ़ोर्स बेस, TX: पर्सनल लैबोरेटरी, एयर फ़ोर्स सिस्टम्स कमांड, 1961). 1990 में, जे.एम.डिगमेन ने अपने पांच कारक व्यक्तित्व मॉडल को विकसित किया, जिसे गोल्डबर्ग ने संगठन के उच्चतम स्तर तक विस्तृत किया (गोल्डबर्ग, 1993).[3] ये पांच अति-प्रमुख डोमेन अपने पांच डोमेन के अंतर्गत सर्वज्ञात व्यक्तित्व लक्षण शामिल और सन्निविष्ट करते हुए और सभी व्यक्तित्व लक्षणों के पीछे बुनियादी संरचना का प्रतिनिधित्व करते हुए पाए गए हैं. वे मनोवैज्ञानिकों द्वारा सतत रूप से प्रस्तावित विशिष्ट न्यून-स्तरीय व्यक्तित्व अवधारणाओं के प्रायः-विस्मयकारी सूची में एक व्यवस्था ले आए हैं. ये पांच कारक सभी अनुसंधान निष्कर्षों और व्यक्तित्व मनोविज्ञान के सिद्धांत के लिए समृद्ध वैचारिक ढांचा उपलब्ध कराते हैं. बिग फ़ाइव लक्षणों को "पांच कारक मॉडल" या FFM (कॉस्टा एंड मॅकक्रे, 1992),[4] और व्यक्तित्व के वैश्विक घटक के रूप में भी संदर्भित किया जाता है (रसेल एंड कैरोल, 1994).[5]

कम से कम शोधकर्ताओं के चार दलों ने इस समस्या पर दशकों स्वतंत्र रूप से काम किया है और सामान्यतः उन्हीं पांच महान कारकों की पहचान की है: ट्यूप्स और क्रिस्टल सर्वप्रथम थे, और उनके बाद हुए ओरेगॉन रिसर्च इंस्टीट्यूट में गोल्डबर्ग,[6][7][8][9][10] इलिनॉइस यूनिवर्सिटी में कैटेल,[11][12][13][14] और फिर राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों में कोस्टा तथा मॅकक्रे.[15][16][17][18] शोधकर्ताओं के इन चार दलों ने पांच लक्षणों को खोजने में कुछ अलग तरीकों का इस्तेमाल किया, और इस प्रकार पांच कारकों के प्रत्येक सेट के नाम और परिभाषाएं कुछ अलग हैं. तथापि, सभी अत्यधिक अंतर-सहसंबद्ध और कारक-विश्लेषणात्मक रूप से सुयोजित पाए गए.[19][20][21][22][23]

यह नोट करना महत्वपूर्ण है कि ये लक्षण उच्चतम स्तर पर व्यक्तित्व को व्यवस्थित करते हुए पाए गए हैं, और इसलिए वे नियमित, न्यून-स्तरीय व्यक्तित्व लक्षणों के लिए सर्वाधिक संकल्पनात्मक, सुव्यवस्थित रूपरेखा के रूप में सहायक हैं. तथापि, बिग फ़ाइव लक्षण इतने व्यापक और विस्तृत हैं कि वे निचले-स्तर के असंख्य लक्षणों की तुलना में वास्तविक व्यवहार का पूर्वानुमान लगाने और व्याख्या करने में लगभग उतने प्रभावशाली नहीं हैं. कई अध्ययनों ने पुष्टि की है कि असंख्य पहलू या प्राथमिक स्तर के लक्षणों के वास्तविक व्यवहार का पूर्वानुमान लगाना और अधिक प्रभावी रहा है (उदा. मेरशन और गोरसच, 1988[24]; पाउनोनॉन और एशटन, 2001[25])

जब व्यक्तिगत प्रति-सूचना के लिए अंक दिए जाएं, ये लक्षण अक्सर प्रतिशत प्राप्तांकों में प्रस्तुत किए जाते हैं. उदाहरण के लिए, 80वें प्रतिशत का कर्तव्यनिष्ठा दर्जा अपेक्षाकृत प्रभावशाली जिम्मेदारी की भावना और सुव्यवस्था को सूचित करता है, जबकि 5वें प्रतिशत में बहिर्मुखता दर्जा एकांत और शांति की असाधारण आवश्यकता को सूचित करता है.

हालांकि ये लक्षण समूह सांख्यिकीय समुच्चय हैं, व्यक्तिगत व्यक्तित्व प्रोफाइल में अपवाद मौजूद हो सकते हैं. औसतन, लोग जो खुलापन में ऊंचा दर्जा पाते हैं वे बौद्धिक रूप से उत्सुक, भावना के प्रति उदार, कला में रुचि रखनेवाले, और नई चीज़ों के लिए प्रयास करने में तत्पर होते हैं. तथापि, एक विशिष्ट व्यक्ति, उच्च समग्र खुलापन स्कोर रख सकता है और सीखने तथा नई संस्कृतियों की खोज करने में दिलचस्पी ले सकता है, पर उसकी कला या कविता में ज़्यादा कोई रुचि नहीं हो सकती है. परिस्थिति प्रभाव भी मौजूद हो सकते हैं, जबकि बहिर्मुखियों को भी कभी-कभी लोगों से दूर समय की आवश्यकता हो सकती है.

बिग फ़ाइव के अक्सर प्रयुक्त उपायों में स्व-वर्णनात्मक वाक्यों वाली मदें शामिल हो सकती हैं[26] या, शाब्दिक उपायों के मामले में, मदें जो एकल विशेषण हों.[27] वाक्य-आधारित लंबाई और कुछ शाब्दिक उपायों की वजह से, अनुप्रयुक्त अनुसंधान विन्यास में उपयोगार्थ छोटे रूप विकसित और अनुसमर्थित किए गए हैं, जहां प्रश्नावली स्थान और उत्तर देने वाले का समय सीमित हो, जैसे कि 40-मद वाला संतुलित इंटरनेशनल इंग्लिश बिग-फ़ाइव मिनी-मार्कर्स [28] या बिग फ़ाइव डोमेन का बहुत ही संक्षिप्त (10 मद) उपाय.[29]

अनुभव के प्रति खुलापन[संपादित करें]

खुलापन कला, भावना, साहस, असामान्य विचार, कल्पना, जिज्ञासा, और विविध अनुभव के प्रति सामान्य प्रशंसा है. यह लक्षण कल्पनाशील लोगों को व्यावहारिक, परंपरागत लोगों से अलग पहचानता है. लोग जो अनुभव के प्रति खुले हैं बौद्धिक रूप से उत्सुक, कला की सराहना करने वाले, और खूबसूरती के प्रति संवेदनशील होते हैं. उनकी तुलना परिपूर्ण, अधिक रचनात्मक और अपनी भावनाओं के बारे में जागरूक लोगों से की जाती है. उनके द्वारा अपरंपरागत विश्वास रखे जाने की ज़्यादा संभावना है.

खुलेपन में कम अंक पाने वाले लोगों में अधिक परंपरागत, पारंपरिक दिलचस्पियां होने की संभावना है. वे जटिल, अस्पष्ट और गूढ़ की तुलना में अधिक सादे, ईमानदार, और स्पष्टता को पसंद करते हैं. वे कला और विज्ञान को संदेह की दृष्टि से देख सकते हैं, जिन प्रयासों को वे अनाकर्षक मान सकते हैं. खुलेपन के कुछ स्व-कथनों में शामिल हैं:

नमूना खुलापन मदें[संपादित करें]

  • मेरे पास समृद्ध शब्दावली है.
  • मैं सजीव कल्पना कर सकता हूं.
  • मेरे पास उत्कृष्ट विचार है.
  • मैं चीजों पर चिंतन-मनन में समय बिताता हूं.
  • मैं कठिन शब्दों का प्रयोग करता हूं.
  • मुझे कपोल-कल्पना में दिलचस्पी नहीं है. (विपरीत )
  • मैं अच्छी कल्पना नहीं कर सकता हूं. (विपरीत )
  • मुझे अमूर्त विचारों को समझने में कठिनाई होती है. (विपरीत ) [30]

कर्तव्यनिष्ठा[संपादित करें]

कर्तव्यनिष्ठा स्व-अनुशासन दर्शाने, कर्तव्यपरायण रहने और कार्यसिद्धि को लक्ष्य बनाने की एक प्रवृत्ति है. यह विशेषता सहज व्यवहार के बजाय योजनाबद्धता के प्रति प्राथमिकता को दर्शाती है. यह हमारे आवेगों को नियंत्रित, विनियमित और संचालित करने के तरीक़े को प्रभावित करती है. कर्तव्यनिष्ठा में शामिल है कार्यसिद्धि की आवश्यकता (NAch) के रूप में ज्ञात कारक.

नमूना कर्तव्यनिष्ठा मदें[संपादित करें]

  • मैं हमेशा तैयार हूं
  • मैं अपने काम में श्रमसाध्य हूं.
  • मैं एक समय-सारणी का पालन करता हूं.
  • मैं फ़ौरन काम करवाता हूं.
  • मुझे व्यवस्था पसंद है.
  • मैं विवरणों पर ध्यान देता हूं.
  • मैं अपनी चीज़े चारों ओर बिखेरता हूं. (विपरीत )
  • मैं चीजों की गड़बड़ी करता हूं. (विपरीत )
  • मैं अक्सर चीजों को उनके सही स्थान पर वापस रखना भूल जाता हूं. (विपरीत )
  • मैं अपने कर्तव्यों से दूर भागता हूं. (विपरीत )[30]

बहिर्मुखता[संपादित करें]

बहिर्मुखता की विशेषताएं हैं सकारात्मक भावनाएं, मिलनसारिता, और उत्तेजना और दूसरों का साथ चाहने की प्रवृत्ति. इस विशेषता की खासियत है बाहरी दुनिया के साथ स्पष्ट तौर पर जुड़ना. बहिर्मुखियों को अन्य लोगों के साथ जुड़ने में मज़ा आता है, और अक्सर उत्साह से भरे माने जाते हैं. वे उत्साहित, कार्रवाई-उन्मुख व्यक्ति होते हैं, जिनके द्वारा उत्साहपूर्ण मौक़ों के लिए सदा "हां!" या "चलो!" कहने की संभावना रहती है. समूहों में वे बात करना, अपनी बात पर दृढ़ रहना, और खुद की ओर ध्यान आकर्षित करना पसंद करते हैं.

अंतर्मुखी लोगों में सामाजिक उल्लास और बहिर्मुखियों जैसी गतिविधि स्तर की कमी रहती है. वे शांत, संयत, सतर्क, और सामाजिक दुनिया में कम शामिल होते हैं. उनके द्वारा सामाजिक भागीदारी की कमी को शर्म या अवसाद के रूप में नहीं लेना चाहिए. अंतर्मुखी लोगों को बहिर्मुखियों की तुलना में कम उत्तेजना और अधिक अकेलेपन की ज़रूरत होती है. वे बहुत सक्रिय और ऊर्जावान हो सकते हैं, केवल सामाजिक रूप से नहीं.

नमूना बहिर्मुखता मदें[संपादित करें]

  • मैं पार्टी का जीवन हूं.
  • मुझे सबके आकर्षण का केंद्र बनने से कोई एतराज़ नहीं है.
  • मुझे लोगों के आस-पास सुखद महसूस होता है.
  • मैं बातचीत शुरू करता हूं.
  • मैं पार्टियों में कई अलग-अलग लोगों से बात करता हूं.
  • मैं अजनबियों के आस-पास चुप रहता हूं. (विपरीत )
  • मुझे लोगों का ध्यान आकर्षित करना पसंद नहीं है. (विपरीत )
  • मैं बहुत ज़्यादा बात नहीं करता हूं.(विपरीत )
  • मैं कुछ नहीं कहना चाहता हूं. (विपरीत )[30]

सहमतता[संपादित करें]

सहमतता दूसरों के प्रति शंकालु और विरोधी होने के बजाय संवेदनशील और सहयोगशील होने की प्रवृत्ति है. यह विशेषता सामाजिक सद्भाव के लिए सामान्य चिंता में व्यक्तिगत मतभेदों को दर्शाता है. सहमत होने वाले व्यक्ति, अन्य लोगों के साथ चलने को महत्व देते हैं. वे आम तौर दूसरों का लिहाज़ करने वाले, मैत्रीपूर्ण, उदार, मददगार, और दूसरों के लिए अपने हितों से समझौता करने को तैयार होते हैं. सहमत लोगों का मानव स्वभाव के प्रति एक आशावादी दृष्टिकोण भी होता है. उनका मानना है कि लोग मूल रूप से ईमानदार, सभ्य, और विश्वसनीय होते हैं.

असहमत लोग अपने स्वार्थ को दूसरों के साथ चलने से ज़्यादा मान देते हैं. आम तौर पर वे दूसरों की भलाई के बारे में उदासीन रहते हैं, और अन्य लोगों के लिए उनके सामने आने की कम संभावना है. कभी-कभी दूसरों के प्रयोजन के बारे में उनका संदेह उन्हें शंकालु, रूखा, और असहयोगी बनाता है.

नमूना सहमतता मदें[संपादित करें]

  • मुझे लोगों में दिलचस्पी है.
  • मैं दूसरों की भावनाओं को महसूस करता हूं.
  • मैं नरम दिल हूं.
  • मैं लोगों को निश्चिंत करता हूं.
  • मुझे दूसरों की भावनाओं के साथ हमदर्दी है.
  • मैं दूसरों के लिए समय निकालता हूं.
  • मुझे दूसरे लोगों की समस्याओं में कोई दिलचस्पी नहीं है. (विपरीत )
  • मुझे वास्तव में दूसरों में दिलचस्पी नहीं है. (विपरीत )
  • मुझे दूसरों की बहुत कम चिंता रहती है. (विपरीत )
  • मैं लोगों का अपमान करता हूं. (विपरीत )[30]
  • मुझे अलग रहना पसंद है. (विपरीत )

मनोविक्षुब्धता[संपादित करें]

मनोविक्षुब्धता क्रोध, चिंता, या अवसाद जैसी नकारात्मक भावनाओं को अनुभव करने की प्रवृत्ति है. इसे कभी-कभी भावनात्मक अस्थिरता कहा जाता है. जो लोग मनोविक्षुब्धता में अधिक अंक पाते हैं वे भावनात्मक रूप से प्रतिक्रियाशील और तनाव के प्रति कमज़ोर होते हैं. उनके द्वारा आम हालातों को संकटपूर्ण और मामूली कुंठाओं को निराशाजनक रूप से मुश्किल मानने की संभावना ज़्यादा है. उनकी नकारात्मक भावनात्मक प्रतिक्रियाएं असामान्य रूप से लंबे समय तक बने रहने की संभावना है, जिसका अर्थ है कि वे अक्सर ख़राब मूड में रहते हैं. मनोविक्षुब्धता में अधिक अंक पाने वाले व्यक्ति में भावनात्मक नियंत्रण की ये समस्याएं, उनकी स्पष्ट रूप से सोचने, निर्णय लेने और तनाव के साथ प्रभावी ढंग से जूझने की क्षमता को कम करती है.

पैमाने के दूसरे छोर पर, मनोविक्षुब्धता में कम अंक पाने वाले व्यक्ति, आसानी से परेशान नहीं होते और भावनात्मक रूप से कम प्रतिक्रियाशील होते हैं. वे शांत, भावनात्मक रूप से स्थिर, और सतत नकारात्मक भावनाओं से मुक्त होते हैं. नकारात्मक भावनाओं से मुक्ति का मतलब यह नहीं है कि कम अंक पाने वाले अधिक सकारात्मक भावनाओं का अनुभव करते हैं.

नमूना मनोविक्षुब्धता मदें[संपादित करें]

  • मैं आसानी से परेशान हो जाता हूं.
  • मैं अपना मन बहुत बदलते रहता हूं.
  • मैं आसानी से चिढ़ जाता हूं.
  • मैं आसानी से तनाव महसूस करने लगता हूं.
  • मैं आसानी से परेशान हो जाता हूं.
  • मेरी मनोदशा अक्सर बदलती रहती है.
  • मैं अक्सर उदास हो जाता हूं.
  • मैं बातों पर चिंता करता हूं.
  • मैं आम तौर पर आराम से रहता हूं. (विपरीत )
  • मैं शायद ही कभी उदास होता हूं. (विपरीत )[30]

इतिहास[संपादित करें]

प्रारंभिक लक्षण अनुसंधान[संपादित करें]

सर फ्रांसिस गैल्टन वे पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने उस चीज़ को पहचाना, जो अब शाब्दिक परिकल्पना के नाम से विख्यात है. यह वही विचार है जो लोगों के जीवन में सबसे प्रमुख और सामाजिक रूप से प्रासंगिक व्यक्तित्व भिन्नताओं को अंततः भाषा में कूटबद्ध करता है. परिकल्पना का आगे सुझाव है कि भाषा के नमूने से, यह संभव है कि मानव व्यक्तित्व लक्षणों का एक व्यापक वर्गीकरण निकाला जाए.

1936 में, गॉर्डन ऑलपोर्ट और एच. एस. ओडबर्ट ने इस परिकल्पना को व्यवहार में ला दिया.[31] उन्होंने उस समय उपलब्ध अंग्रेज़ी भाषा के अधिक व्यापक दो शब्दकोशों का अध्ययन किया और व्यक्तित्व का वर्णन करने वाले 17,953 शब्द निकाले. बाद में उन्होंने इस विशाल सूची में से 4504 विशेषण निकाले, जिन्हें वे दृष्टिगोचर और अपेक्षाकृत स्थाई लक्षणों की व्याख्या करने वाले मानते थे.

रेमंड कैटेल ने 1940 के दशक में ऑलपोर्ट-ओडबर्ट की सूची प्राप्त की, मनोवैज्ञानिक अनुसंधान से प्राप्त शब्दों को जोड़ा और फिर समानार्थी शब्दों को हटाते हुए कुल शब्दों को 171 तक घटाया.[32] उन्होंने बाद में अनुसंधानाधीन व्यक्तियों से ऐसे लोगों को दर्जा देने के लिए कहा जिनको वे सूची में मौजूद विशेषणों से जानते थे और फिर उनकी रेटिंग का विश्लेषण किया. कैटेल ने व्यक्तित्व लक्षणों के 35 प्रमुख समूहों की पहचान की, जिन्हें उन्होंने "व्यक्तित्व क्षेत्र" के रूप में संदर्भित किया. वे और उनके साथियों ने फिर इन लक्षणों के लिए व्यक्तित्व परीक्षा की रचना की. इन परीक्षणों से उन्हें प्राप्त डेटा का कारक विश्लेषण की सांख्यिकीय पद्धति सहित उभरते कंप्यूटर प्रौद्योगिकी के संयोजन के साथ विश्लेषण किया गया. इसके परिणामस्वरूप सोलह प्रमुख कारक सामने आए, जिसने 16PF व्यक्तित्व प्रश्नावली के विकास का मार्ग प्रशस्त किया.

1961 में, वायु सेना के दो शोधकर्ता, अर्नेस्ट ट्यूप्स और रेमंड क्रिस्टल ने, आठ विशाल नमूनों से व्यक्तित्व डेटा का विश्लेषण किया. कैटेल के लक्षण उपायों का उपयोग करते हुए उन्होंने पांच आवर्ती कारक पाए, जिन्हें उन्होंने नाम दिया "मिलनसारिता" (Surgency), "सहमतता" (Agreeableness), "निर्भरता" (dependability), "भावनात्मक स्थिरता" (Emotional Stability), और "संस्कृति" (Culture).[33] यह काम वॉरेन नोर्मन ने दोहराया, जिन्होंने पाया कि व्यक्तित्व डेटा के बड़े सेट की गणना के लिए पांच प्रमुख कारक पर्याप्त हैं. नॉर्मन ने इन कारकों को मिलनसारिता, सहमतता, कर्तव्यनिष्ठा, भावनात्मक स्थिरता, और संस्कृति का नाम दिया.[34] रेमंड कैटेल ने इन विकासों को अपने 16PF मॉडल पर एक हमले के रूप में देखा और कभी वृद्धिशील पांच कारक मतैक्य से सहमत नहीं हुए. वे "... पांच कारक अर्थी" के रूप में संदर्भित करते हैं जिसके बारे में वे मानते हैं कि "...आंशिक रूप से 16PF परीक्षण के खिलाफ निर्देशित है." अमेरिकन साइकॉलोजिस्ट में गोल्डबर्ग के लेख 'द स्ट्रक्चर ऑफ़ फ़ीनोटाइपिक पर्सनैलिटी ट्रेट्स' के जवाब में, कैटेल ने कहा कि "कोई अनुभवी कारक-कर्ता पांच कारक व्यक्तित्व सिद्धांत के लिए डॉ.गोल्डबर्ग के उत्साह के साथ सहमत नहीं हो सकते". उनके 16 कारक मॉडल के प्रति FFM चुनौती की यह निर्धारक अस्वीकृति, कैटेल, आर.बी.(1995) के जीवन के अंत में 'द फ़ैलेसी ऑफ़ फ़ाइव फ़ैक्टर्स इन द पर्सनैलिटी स्फ़ीयर' शीर्षक सहित द साइकॉलोजिस्ट , द ब्रिटिश साइकॉलोजिकल सोसाइटी , मई अंक, पृ. 207-208 में प्रकाशित लेख में प्रस्तुत है.

अनुसंधान में रिक्ति[संपादित करें]

अगले दो दशकों के लिए, बदलती युगचेतना ने व्यक्तित्व अनुसंधान के प्रकाशन को मुश्किल कर दिया. अपने 1968 पुस्तक पर्सनैलिटी एंड असेसमेंट में वाल्टर मिश्चेल ने बलपूर्वक कहा कि व्यक्तित्व परीक्षण 0.3 से अधिक सहसंबंध के साथ व्यवहार का पूर्वानुमान नहीं लगा सकते. मिश्चेल जैसे सामाजिक मनोवैज्ञानिकों का तर्क है कि आचार-व्यवहार और रवैया स्थिर नहीं रहते, लेकिन स्थिति के साथ परिवर्तित होते हैं. व्यक्तित्व परीक्षणों द्वारा व्यवहार का पूर्वानुमान असंभव माना जाता था. 1970 के दशक में कट्टरपंथी अवस्थितिकारों ने[कौन?] इस हद तक जाकर बहस किया कि व्यक्तित्व केवल अनुभूत संरचना है जो लोग दूसरों पर थोपते हैं ताकि दुनिया में स्थिरता का भ्रम बना रहे.

1980 दशक के दौरान उभरते तरीकों ने इस दृष्टिकोण को चुनौती दी. व्यवहार के एकल उदाहरणों का पूर्वानुमान लगाने के बजाय, जो अविश्वसनीय था, शोधकर्ताओं ने पाया है कि वे असंख्य प्रेक्षणों के संकलन द्वारा व्यवहार पैटर्न का पूर्वानुमान लगा सकते हैं. परिणामस्वरूप व्यक्तित्व और व्यवहार के बीच सहसंबंधों की पर्याप्त वृद्धि हुई और यह स्पष्ट था कि "व्यक्तित्व" वास्तव में मौजूद था. व्यक्तित्व और सामाजिक मनोवैज्ञानिक अब आम तौर पर सहमत हैं कि मानव व्यवहार की गणना के लिए दोनों, व्यक्तिगत और परिस्थितिगत परिवर्तन की आवश्यकता है. लक्षण सिद्धांत जायज़ बन गए, और इस क्षेत्र में दिलचस्पी का पुनरुत्थान हुआ.

1980 तक मनोवैज्ञानिक, ट्यूप्स, क्रिस्टल, और नॉर्मन द्वारा पुरोगामी अनुसंधान को भूल चुके थे. लुईस गोल्डबर्ग ने स्वयं अपनी शाब्दिक परियोजना शुरू की, स्वतंत्र रूप से दुबारा पांच कारकों का पता लगाया, और क्रमशः मनोवैज्ञानिकों का ध्यान उस ओर आकर्षित किया.[35] बाद में उन्होंने कारकों के लिए लेबल के रूप में शब्द गढ़ा "बिग फ़ाइव".

बिग फ़ाइव की मान्यता[संपादित करें]

1981 के दौरान होनोलूलू में आयोजित एक संगोष्ठी में, चार प्रमुख शोधकर्ता, लुईस गोल्डबर्ग, नाओमी टेकेमोटो-चोक, एंड्रयू कॉमरे, और जॉन एम. डिगमेन ने उस दिन के उपलब्ध व्यक्तित्व परीक्षणों की समीक्षा की. उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि सबसे आशावान परीक्षणों ने पांच समान्य कारकों के सबसेट को मापा, ठीक उसी प्रकार जैसे नॉर्मेन ने 1963 में खोजा था. इस घटना के बाद 1980 के दशक में व्यक्तित्व शोधकर्ताओं के बीच पांच कारक मॉडल की व्यापक स्वीकृति हुई. 1984 में पीटर साविल और उनके दल ने मूल OPQ के साथ पांच-कारक "पेंटागन" मॉडल शामिल किया. पेंटागन के कुछ समय बाद 1985 में कोस्टा और मॅकक्रे द्वारा NEO पांच कारक व्यक्तित्व सूची प्रकाशित की गई.

सबसे महत्वपूर्ण विकास में से एक पांच कारक मॉडल एक सामान्य वर्गीकरण की स्थापना है जो पहले बिखरे हुए तथा अव्यवस्थित क्षेत्र में अनुक्रम दर्शाता है. व्यक्तित्व के पांच कारक मॉडल को अन्य सभी से अलग करने वाला तत्व है कि वह किसी एक विशिष्ट मनोवैज्ञानिक के सिद्धांत पर आधारित नहीं है, बल्कि भाषा, प्राकृतिक व्यवस्था जो लोग एक दूसरे की समझ को संप्रेषित करने के लिए उपयोग में लाते हैं.

असंख्य मेटा-विश्लेषणों ने व्यवहारों की व्यापक श्रृंखला के आर-पार बिग फ़ाइव के भविष्यसूचक मूल्य की पुष्टि की. सॉल्समेन और पेज ने डायग्नॉस्टिक एंड स्टैटिस्टिकल मैनुअल ऑफ़ मेंटल डिसऑर्डर्स (DSM-IV) में बिग फ़ाइव व्यक्तित्व आयामों तथा 10 व्यक्तित्व विकार वर्गों के बीच संबंधों का परीक्षण किया. 15 स्वतंत्र नमूनों में से, शोधकर्ताओं ने पाया कि प्रत्येक विकार एक अद्वितीय और भविष्यसूचक पांच-कारक प्रोफ़ाइल है. विकारों में अंतर्निहित अति विशिष्ट और सुसंगत व्यक्तित्व भविष्यसूचक मनोविकार के साथ सकारात्मक संबंध और सहमतता के साथ नकारात्मक संबंध थे.[36]

कार्य निष्पादन क्षेत्र में, बैरिक और माउंट ने 23,994 सहभागियों के साथ 162 नमूनों का उपयोग करते हुए 117 अध्ययनों की समीक्षा की. उन्होंने पाया कि कर्तव्यनिष्ठा ने सभी व्यावसायिक समूहों के लिए सब निष्पादन मानदंडों में सुसंगत संबंध दर्शाया. बहिर्मुखता सामाजिक पारस्परिक क्रिया (उदा. प्रबंधन और बिक्री) शामिल व्यवसायों के लिए वैध भविष्यवक्ता था. इसके अलावा, बहिर्मुखता और खुलेपन का अनुभव प्रशिक्षण प्रवीणता मापदंड के वैध भविष्यसूचक हैं.[37][38]

चयनित वैज्ञानिक निष्कर्ष[संपादित करें]

1990 के दशक से जब मनोवैज्ञानिक सर्वसम्मति से क्रमशः बिग फ़ाइव के समर्थन में आए, तब से इन व्यक्तित्व लक्षणों के इर्द-गिर्द अनुसंधान की वृद्धिशील निकाय रही है (उदाहरण के लिए देखें, रॉबर्ट होगन की संपादिक पुस्तक "हैंडबुक ऑफ़ पर्सनैलिटी साइकॉलोजी" (अकादमिक प्रेस, 1997)

वंशानुगतता[संपादित करें]

सभी पांच कारक दोनों आनुवंशिकता और पर्यावरण से प्रभावित होते दिखते हैं. जुड़वे अध्ययन का सुझाव है कि ये प्रभाव मोटे तौर पर बराबर अनुपात में योगदान देते हैं.[39] उपलब्ध अध्ययनों के विश्लेषण ने बिग फ़ाइव लक्षणों के लिए समग्रतः वंशानुगतता को निम्नतः पाया:[40]

खुलापन: 57%
कर्तव्यनिष्ठा: 49%
बहिर्मुखता: 54%
सहमतता: 42%
मनोविक्षुब्धता:48%

विकास[संपादित करें]

अनुदैर्ध्य डेटा के कई अध्ययन, जो समय के साथ लोगों के परीक्षण प्राप्तांक, और प्रतिनिधिक-समूह डेटा को सहसंबंधित करते हैं, जो विभिन्न आयु समूहों के आर-पार व्यक्तित्व स्तरों की तुलना करते हैं, वयस्कता के दौरान व्यक्तित्व लक्षणों में उच्च स्तरीय स्थिरता दर्शाते हैं.[41] हाल ही के अनुसंधान और पिछले अध्ययनों के मेटा-विश्लेषण, तथापि, सूचित करते हैं कि जीवन-काल के विभिन्न बिंदुओं में सभी पांच लक्षणों में परिवर्तन होता है. नया शोध परिपक्वता प्रभाव सबूत दर्शाता है. औसतन, सहमतता और कर्तव्यनिष्ठा स्तरों में आम तौर पर समय के साथ वृद्धि होती है, जबकि बहिर्मुखता, मनोविक्षुब्धता और खुलेपन में कमी आती है.[42] इन सामूहिक प्रभावों के अतिरिक्त, व्यक्तिगत मतभेद भी रहे हैं: अलग-अलग लोग जीवन के सभी चरणों में अद्वितीय परिवर्तन पैटर्न प्रदर्शित करते हैं.[43]

लिंग भेद[संपादित करें]

26 देशों से अंतर-सांस्कृतिक अनुसंधान (N = 23,031 अनुसंधानाधीन लोग) और फिर 55 देशों में (N = 17,637 अनुसंधानाधीन लोग) ने बिग फ़ाइव की सूची के प्रति प्रतिक्रियाओं में लिंग भेद के वैश्विक पैटर्न को दर्शाया है. महिलाएं लगातार उच्च मनोविक्षुब्धता और सहमतता रिपोर्ट करती हैं, और पुरुष अक्सर अधिक बहिर्मुखता और कर्तव्यनिष्ठा रिपोर्ट करते हैं. व्यक्तित्व लक्षणों में लिंग भेद समृद्ध, स्वस्थ, और समानतावादी संस्कृतियों में अधिक होते हैं, जहां महिलाओं को पुरुषों के समान अवसर मिलते हैं.[44][45]

जन्म क्रम[संपादित करें]

अक्सर यह सुझाव दिया गया है कि व्यक्ति अपने जन्म के क्रम से भिन्न होते हैं. फ्रैंक जे. सुलोवे का तर्क है कि जन्म क्रम व्यक्तित्व लक्षण के साथ सहसंबद्ध है. उनका दावा है कि बाद में पैदा होने वाले बच्चे की तुलना में पहलौठा अधिक कर्तव्यनिष्ठ, अधिक सामाजिक रूप से प्रभावी, कम सहमत, और नए विचारों के प्रति कम खुला होता है.

बहरहाल, सुलोवे के मामले पर सवाल उठाया गया है. एक आलोचना यह है कि उनका डेटा जन्म क्रम के साथ परिवार के आकार को अस्त-व्यस्त कर देता है. बाद के विश्लेषणों ने दर्शाया कि जन्म क्रम प्रभाव केवल अध्ययनों में पाए गए हैं, जहां अनुसंधानाधीन व्यक्तियों के व्यक्तित्व लक्षणों को परिवार के सदस्यों ने आंका है (जैसे भाई-बहन या माता-पिता) या अनुसंधानाधीन के जन्म क्रम से वाकिफ़ परिचितों द्वारा. यादृच्छिक नमूनों का इस्तेमाल करने वाले बड़े पैमाने के अध्ययन और NEO PI-R जैसे स्व-रिपोर्ट व्यक्तित्व परीक्षण ने व्यक्तित्व पर जन्म क्रम के महत्वपूर्ण प्रभाव को पाया है.[46][47]

अंतर-सांस्कृतिक अनुसंधान[संपादित करें]

बिग फ़ाइव को जर्मन[48] और चीनी[49] जैसी कई विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों में दोहराया गया है. थॉम्पसन ने अंतर्राष्ट्रीय अंग्रेज़ी भाषा के पैमाने का उपयोग करने वाले कई संस्कृतियों का आर-पार बिग फ़ाइव संरचना को प्रदर्शित किया.[28]

हाल ही के कार्य ने देश में औसत बिग फ़ाइव प्राप्तांकों के साथ गीर्ट हॉफ़स्टेड के सांस्कृतिक कारकों, व्यक्तिवाद, सत्ता दूरी, पौरुष और अनिश्चितता परिहार के बीच संबंध पाया है.[50] उदाहरण के लिए, कोई देश किस हद तक व्यक्तिवाद को मान्यता देता है यह उसकी औसत बहिर्मुखता के साथ सहसंबद्ध है, जबकि संस्कृतियों में जीवित लोग जो अपनी सत्ता संरचनाओं में अधिक असमानताएं स्वीकार कर रहे हैं, किंचित् कर्तव्यनिष्ठा में उच्च है. इन मतभेदों के कारण अभी तक अज्ञात रहे हैं; यह अनुसंधान का एक सक्रिय क्षेत्र है.

गैर-मानव[संपादित करें]

बिग फ़ाइव व्यक्तित्व कारकों को कुछ गैर-मानव प्रजाति में मूल्यांकन किया गया है. अध्ययन की एक श्रृंखला में, चिंपांज़ी व्यक्तित्व प्रश्नावली (CPQ) का उपयोग करते हुए, चिड़ियाघरों, एक बड़े प्राकृतिक अभयारण्य और एक अनुसंधान प्रयोगशाला में सैकड़ों चिंपाज़ियों के मानव रेटिंग ने कारकों को बहिर्मुख, कर्तव्यनिष्ठ और सहमतता - साथ ही, एक अतिरिक्त कारक प्रभुत्व - के रूप में दर्शाया है. मूल चिड़ियाघर के नमूने में मनोविक्षुब्धता और खुलापन कारक पाया गया, लेकिन नए चिड़ियाघर के नमूने या अन्य सेटिंग में (संभवतः CPQ के डिज़ाइन को प्रतिबिंबित करते हुए) दोहराए नहीं गए.[51]

आलोचनाएं[संपादित करें]

बिग फ़ाइव पर अधिक शोध किया गया है. इसके परिणामस्वरूप मॉडल के लिए दोनों आलोचना[52] और समर्थन[53] हासिल हुए हैं. आलोचकों का तर्क है कि एक व्याख्यात्मक या भविष्यसूचक सिद्धांत के रूप में बिग फ़ाइव की गुंजाइश के लिए दायरे मौजूद हैं. यह बहस की जाती है कि बिग फ़ाइव सभी मानव व्यक्तित्व की व्याख्या नहीं करते हैं. व्यक्तित्व लक्षण की आयामी संरचना को पहचानने के लिए प्रयुक्त कार्यप्रणाली, कारक विश्लेषण को अक्सर विभिन्न कारक सहित समाधानों के बीच चयन के लिए वैश्विक-मान्यता आधार न होने के कारण चुनौती दी गई है. एक और सतत आलोचना यह है कि बिग फ़ाइव सिद्धांत से प्रेरित नहीं है. यह केवल कारक विश्लेषण के अधीन साथ एकत्रित होने की प्रवृत्ति वाले कतिपय विवरणकों की डेटा-संचालित जांच है.

सीमित गुंजाइश[संपादित करें]

एक आम आलोचना यह है कि बिग फ़ाइव सभी मानव व्यक्तित्व की व्याख्या नहीं करता है. कुछ मनोवैज्ञानिक मॉडल से सिर्फ़ इसलिए असहमत हैं कि उनका मानना है कि वह धार्मिकता, छल/धूर्तता, ईमानदारी, किफ़ायतीपन, रूढ़िवादिता, पुरुषत्व/स्रीत्व, घमंड, विनोद-वृत्ति, पहचान, स्व-अवधारणा, और प्रेरणा जैसे अन्य व्यक्तित्व डोमेन की उपेक्षा की है. राजनीतिक रूढ़िवादिता और खुलेपन के बीच उलटे संबंध के समान,[54] इन कुछ परिवर्तकों और बिग फ़ाइव के बीच सह-संबंध पाए गए हैं, हालांकि लक्षणों के ये परिवर्तन स्वयं पांच कारकों द्वारा अच्छी तरह व्याख्यायित नहीं किए गए हैं. मॅकएडम्स ने बिग फ़ाइव को "अजनबी का मनोविज्ञान" नाम दिया है, क्योंकि ये उन लक्षणों को संदर्भित करते हैं जो अजनबी में अपेक्षाकृत आसानी से देखे जा सकते हैं; व्यक्तित्व के अन्य पहलू जोकि अधिक निजी तौर पर धारित हैं या अधिक संदर्भ-आधारित हैं, बिग फ़ाइव में वर्जित किए गए हैं.[55]

कई अध्ययनों में, पांच कारक पूरी तरह से एक दूसरे के साथ लांबिक हैं; अर्थात् पांच कारक स्वतंत्र नहीं हैं. अक्सर मनोविक्षुब्धता और बहिर्मुखता के बीच नकारात्मक सह-संबंध दिखाई देते हैं, उदाहरण के लिए, यह दर्शाते हुए कि जो लोग अधिक नकारात्मक भावनाओं का सामना करने में प्रवृत्त है वे कम बातूनी और निर्गामी होते हैं. लांबिकता को कुछ शोधकर्ताओं ने वांछनीय के रूप में देखा है, क्योंकि यह आयामों के बीच अतिरेक को कम करता है. यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जब किसी अध्ययन का लक्ष्य जहां तक संभव हो कम परिवर्तकों सहित व्यक्तित्व का व्यापक विवरण प्रदान करना है.

प्रणालीबद्ध मुद्दे[संपादित करें]

व्यक्तिगत लक्षणों की आयामी संरचना को पहचानने के लिए प्रयुक्त पद्धति, कारक विश्लेषण को विभिन्न कारकों के साथ समाधान के चयन के लिए वैश्विक-मान्यता प्राप्त आधार न होने की वजह से अक्सर चुनौती दी जाती है. अर्थात्, पांच कारक समाधान विश्लेषक द्वारा कुछ हद तक व्याख्या पर निर्भर करता है. अधिकांश कारक, वास्तव में, इन पांच कारकों के मूल में हो सकते हैं. इसने कारकों की "वास्तविक" संख्या के बारे में विवाद को प्रेरित किया है. बिग फ़ाइव के प्रस्तावकों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है कि हालांकि एकल डेटासेट में अन्य समाधान व्यवहार्य हो सकते हैं, केवल पांच कारक संरचना लगातार विभिन्न अध्ययनों में दोहराई जाती है.[कृपया उद्धरण जोड़ें]

अक्सर बिग फ़ाइव की ओर निर्देशित होने वाली एक प्रणालीबद्ध आलोचना यह है कि अधिकांश प्रमाण स्व-रिपोर्ट प्रश्नावलियों पर है; स्व-रिपोर्ट पूर्वाग्रह और प्रतिक्रियाओं का मिथ्याकरण के साथ पूरी तरह से निपटना असंभव है. यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है जब विचार किया जाए कि क्यों व्यक्तियों या लोगों के समूहों के बीच प्राप्तांक अलग होते हैं - अंकों में अंतर व्यक्तित्व में अंतर्निहित वास्तविक अंतर का प्रतिनिधित्व कर सकता है, या वे बस अनुसंधानाधीन व्यक्तियों द्वारा प्रश्नों का उत्तर देने के तरीके के शिल्प-तथ्य हो सकते हैं. पांच कारक संरचना सहकर्मी रिपोर्टों में दोहराए गए हैं.[56] हालांकि, कई तात्विक निष्कर्ष स्व-रिपोर्टों पर निर्भर करते हैं.

सैद्धांतिक स्थिति[संपादित करें]

एक सतत आलोचना यह है कि बिग फ़ाइव किसी अंतर्निहित सिद्धांत पर आधारित नहीं है; यह केवल अनुभवजन्य निष्कर्ष है कि कारक विश्लेषण के तहत कुछ विवरणक एक साथ जमा हो जाते हैं. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि ये पांच कारक मौजूद नहीं है, उनके पीछे अंतर्निहित कारण अज्ञात रहे हैं. सनसनी की चाहत और प्रसन्नता एक अंतर्निहित सिद्धांत की वजह से बहिर्मुखता के साथ जुड़े नहीं है; यह संबंध एक व्याख्येय अनुभवजन्य निष्कर्ष है.

अतिरिक्त अनुसंधान[संपादित करें]

वर्तमान अनुसंधान असंख्य क्षेत्रों में केंद्रित है. एक महत्वपूर्ण सवाल है: क्या पांच कारक सही हैं? स्थानीय शब्दकोशों के साथ अन्य देशों में बिग फ़ाइव को दोहराने के प्रयास कुछ देशों में सफल रहे हैं, लेकिन दूसरों में नहीं. जाहिर है, उदाहरण के लिए, हंगेरियनों के पास कोई एक सहमतता कारक की मौजूदगी दिखाई नहीं देती.[57] अन्य शोधकर्ता सहमतता के लिए प्रमाण पाते हैं लेकिन अन्य कारकों के लिए नहीं.[58]

व्यक्तित्व लक्षणों में पूरी तरह से विभिन्नता की व्याख्या करने के प्रयास में, कुछ ने सात कारक पाए हैं[59], कुछ ने अठारह,[60] और कुछ ने केवल तीन.[61] कारकों की संभावित संख्या का निर्धारण मुख्यतः पहले तो इस पर निर्भर है कि कारक विश्लेषण में क्या सूचना डाली जाती है, [[अर्थात् "कूड़ा अंदर, तो कूड़ा ही बाहर|अर्थात् "कूड़ा अंदर, तो कूड़ा ही बाहर]]" सिद्धांत). चूंकि सिद्धांत अक्सर निर्विवाद रूप से अनुभवजन्य विज्ञान (कारक विश्लेषण के समान) से पहले घटित होता है, बिग फ़ाइव और अन्य प्रस्तावित कारक संरचनाएं हमेशा अनिवार्यतः कारक विश्लेषणात्मक एल्गोरिदम के अंदर जाने वाली मदों के अनुसार आंका जाना चाहिए. हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि ग़ैर-नैदानिक नमूनों[62] और मनोरोग मरीज़ों में[63] DSM-आधारित रोग-लक्षणों की गिनती में अंतर स्पष्ट करने के लिए सात या अठारह कारक मॉडल के अपने संगत क्षमता और कमज़ोरियां हैं.

1992 में पॉल सिनक्लेयर और स्टीव बैरो द्वारा संचालित एक सत्यापन अध्ययन में तस्ब बैंक से 202 शाखा प्रबंधकों को शामिल किया गया. इसने बिग फ़ाइव पैमाने के 3 के आर-पार कार्य-निष्पादन के साथ कई महत्वपूर्ण सह-संबंध पाए. सह-संबंध 0.21 से लेकर 0.33 के बीच थे और 3 पैमानों के आर-पार नोट किए गए: उच्च बहिर्मुखता, न्यून मनोविक्षुब्धता और उच्च अनुभव के प्रति खुलापन.[64]

जांच का एक और क्षेत्र है व्यक्तित्व का एक संपूर्ण मॉडल बनाना. बिग फ़ाइव व्यक्तित्व लक्षण अनुभवजन्य प्रेक्षण हैं, सिद्धांत नहीं; व्यक्तित्व अनुसंधान के प्रेक्षणों की व्याख्या अभी बाक़ी है. कॉस्टा और मॅकक्रे ने जन्म से मृत्यु तक व्यक्तित्व की व्याख्या के प्रयास के रूप में वह रचना की, जिसे वे व्यक्तित्व का पांच कारक सिद्धांत कहते हैं. यद्यपि, वे शाब्दिक परिकल्पना का पालन नहीं करते, लेकिन बिग फ़ाइव के स्रोतों के समान ही, उन्हीं स्रोतों द्वारा प्रेरित सिद्धांत-चालित अभिगम का पक्ष लेते हैं.

जांच का एक अन्य क्षेत्र है बिग फ़ाइव सिद्धांत का अधोगामी विस्तार,, या बचपन में, पांच कारक मॉडल. अध्ययनों से पता चला है कि बिग फ़ाइव व्यक्तित्व लक्षणों का बच्चों के सामाजिक और भावनात्मक सामंजस्य तथा शैक्षिक उपलब्धि के साथ सहसंबंध है. अभी हाल ही में, पांच कारक व्यक्तित्व सूची - बच्चे[65] प्रकाशित किया गया जिसमें 9 और 18 वर्ष के बीच वाले बच्चों का मूल्यांकन किया गया था. संभवतः इस हाल के प्रकाशन का कारण बच्चों में पांच कारक मॉडल लागू करने से संबंधित विवाद था. किशोर बालकों के साथ ऑलिवर पी. जॉन और अन्य द्वारा किए गए अध्ययन ने सूची में दो नए कारक जोड़े: "चिड़चिड़ापन" और "गतिविधि." डच बच्चों के अध्ययन में, यही दो नए कारक प्रकट हुए. ये नए संयोजन "सुझाव देते हैं कि व्यक्तित्व लक्षण की संरचना वयस्कता की तुलना में बचपन में अधिक पहचानी जा सकती है"[66] जो इस विशिष्ट क्षेत्र में हाल के अनुसंधान की व्याख्या करता है.

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