बाह्यउष्मीय

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धूप सेकती हुई जुनोनिया लेमोनियास नामक तितली

बाह्यउष्मीय या ऍक्टोथर्म​ (ectotherm) ऐसे जीवों को कहा जाता है जिनकी अंदरूनी प्रक्रियाओं की भूमिका उनके शरीर के तापमान पर नियंत्रण रखने में बहुत कम हो या बिलकुल ही न हो। ऐसे जीव (उदाहरण: मेंढक) अपने बदन में गर्मी रखने के लिए आसपास के वातावरण में मौजूद गरमाहट के स्रोतों का प्रयोग करते हैं। जहाँ गर्मरक्ती प्राणी अपने शरीर का तापमान स्थिर रखने में उर्जा ख़र्च करते हैं वहाँ बाह्यउष्मीय प्राणी अपने शरीर की प्रक्रियाओं को अधिक किफ़ायत​ से चलाते हैं। बाह्यउष्मीय जीव अक्सर अपने आप को गरम करने के लिए धूप में जा बैठते हैं या गरम स्थान ढूंढते हैं।[1]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Biology: The Dynamic Science, Peter J. Russell, Paul E. Hertz, Beverly McMillan, pp. 1058, Cengage Learning, 2011, ISBN 978-0-538-49374-1, ... most ectotherms are unable to maintain optimal body temperature when the temperature of their surroundings departs too far from that optimum ... endotherms require a nearly constant supply of energy to maintain their body temperatures. Because that energy is provided by food, endotherms typically consume much more food than ectotherms of equivalent size ...