बाइलाकुप्पे
| Bylakuppe | |||||||
| — town — | |||||||
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| समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०) | |||||||
| देश | |||||||
| राज्य | Karnataka | ||||||
| ज़िला | Mysore | ||||||
| निकटतम नगर | Bylakuppe and Kushalanagara | ||||||
| संसदीय निर्वाचन क्षेत्र | Periyapattana | ||||||
| जनसंख्या • घनत्व |
21512 (all) (2001 के अनुसार [update]) • 500 /कि.मी.२ (1,295 /वर्ग मी.) |
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| लिंगानुपात | 1000:979 ♂/♀ | ||||||
| साक्षरता | 70% | ||||||
| क्षेत्रफल | 2 km² (1 sq mi) | ||||||
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विभिन्न कोड
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बाइलाकुप्पे , "लगसम सेमड्युपलिंग" (1961 में स्थापित) और "डिकेई लार्सोए" (1969 में स्थापना) का स्थान है, दोनों ही आसन्न तिब्बती शरणार्थी बस्ती हैं, साथ ही यहां कई तिब्बती बौद्ध मठ हैं. यह क्षेत्र भारतीय राज्य कर्नाटक के मैसूर जिले के पश्चिम में स्थित है. जुड़वां शहर कुशलानगरा, बाइलाकुप्पे से 6 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है.
अनुक्रम |
जनसंख्या [संपादित करें]
1998 में केन्द्रीय तिब्बती आयोग [योजना आयोग][1] द्वारा जनसांख्यिकीय सर्वेक्षण किया गया था, {योजना आयोग 2004. निर्वासन में तिब्बती समुदाय. जनसांख्यिकीय और सामाजिक आर्थिक मुद्दे 1998 - 2001. धर्मशाला: योजना आयोग का कार्यालय} उस समय दो बस्तियों में शरणार्थियों की आबादी 10,727 थी. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन आंकड़ों में मठों की तिब्बती आबादी शामिल है कि नहीं. जिन क्षेत्रों में ये बस्तियां स्थापित हैं वह राज्य सरकार द्वारा उन तिब्बती शरणार्थियों के लिए पट्टे में लिया गया था जो 1959 के बाद भारत में फिर से बसने आए थें. बाइलाकुप्पे में कई कृषि बस्तियां / छोटे शिविर एक दूसरे के नज़दीक हैं, और कई मठ, आश्रम और प्रमुख तिब्बती बौद्ध परंपरा के मंदिर शामिल हैं. इनमें सबसे उल्लेखनीय हैं मठ की विशाल शैक्षिक संस्था सेरा, छोटे टशीलुंपो मठ (दोनों ही गेलुक्पा परम्परा में) और नेमड्रोलिंग मठ (न्यिन्गमा परंपरा में) है. वर्तमान में भारतीयों और तिब्बतियों की आबादी 50,000 को पार कर गई है और बाइलाकुप्पे धीरे-धीरे एक छोटे से गांव से परिवर्तित होकर एक स्वच्छ शहर बनता जा रहा है. इस शहर का मौसम इतना सुहाना है कि आप इसका पूरा मजा ले सकते हैं. यह सड़कों से जुड़ा हुआ है और लगभग कावेरी नदी के किनारे स्थित है. बाइलाकुप्पे में उन्नत बौद्ध प्रथाओं के लिए कई बौद्ध विश्वविद्यालय हैं. उनमें से कुछ सेराजेय, सेरमेय, नालंदा आदि हैं.
सुविधाएं [संपादित करें]
बाइलाकुप्पे एक छोटा सा शहर है. यहां पर पुलिस स्टेशन, वाणिज्यिक बैंक, टेलीफोन एक्सचेंज, पोस्ट ऑफिस, लॉज और सबसे महत्वपूर्ण चीज यहां की उत्तम जलवायु है. परिवहन सुविधाओँ में मुख्य रूप से बस, ऑटो रिक्शा, और टैक्सी है.
कैसे पहुंचे [संपादित करें]
बाइलाकुप्पे राज्य राजमार्ग 88 पर स्थित है. यह बेहतर गुणवत्ता के साथ सड़कों से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए बस सुविधाएं मैसूर, बेंगलूर, मंगलौर, चेन्नई, पणजी, आदि जैसे प्रमुख शहरों से उपलब्ध हैं और बाइलाकुप्पे से अन्य शहरों के बीच की दूरी किलोमीटर में निम्नलिखित है. मैसूर (82), बेंगलूर (220), मंगलोर (172) मंड्या, (122), चेन्नई (585), हसन (80), मर्सेरा (36).
देखने के लिए क्या है? [संपादित करें]
शहर का मुख्य आकर्षण नेम्रोडोलिंग मठ (स्वर्ण मंदिर) है. जबकि मैसूर से मर्सेरा जाने के रास्ते में, बाइलाकुप्पे में पहले शिविर सड़क पर बाएं मुड़े. 4 किलोमीटर की दूरी तक जाएं और आप इसमें प्रवेश कर लेंगे. शहर में यदि आप एक मील की दूरी पर जाएंगे तो आपको कर्नाटक के बड़े झीलों में से एक झील का नजारा मिलेगा जिसका नाम इंगलाकेरे है. झील के रास्ते पर, हरे जंगल आपके मन को शांत करते हैं. झील के पास, एक पुराने पत्थर की मूर्ति है जिसमें सुंदर नक्काशी मौजूद है. इस झील के बाद, वहां पहाड़ (रंगास्वामी बेट्टा) के शीर्ष पर रंगास्वामी मंदिर है. गणपती मंदिर राजमार्ग को और सुंदर बनाते हैं. यहां कई बौद्ध मठ और स्कूल हैं जो बौद्ध भिक्षुओं को गुणवत्ता वाली शिक्षा दे रहे हैं.
बाह्य लिंक [संपादित करें]
| विकिमीडिया कॉमन्स पर Namdroling, Bylakuppe से सम्बन्धित मीडिया है। |
- डिकेई लार्सोई का संक्षिप्त विवरण
- लगसम सैमड्युपलिंग का संक्षिप्त विवरण
- सेरा मठ
- नेमड्रोलिंग मठ
- बौद्ध धर्म और बाइलाकुप्पे आगमन
- [http://www.serajeyngari.org/ सीराजेय मठवासी विश्वविद्यालय के घरों में से एक घर
]
- [madhukarmohan at yahoo.com]
- Image:Winterdebate.jpg ----