बहिर्वेशन

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बहिर्वेशन की समस्या का ग्राफीय निरूपण

गणित में बहिर्वेशन (extrapolation) नये आकड़े सृजित करने की एक प्रक्रिया है। नये आंकड़े, दिये हुए आंकड़ा बिन्दुओं के बाहर सृजित किये जांय तो यह बहिर्वेशन कहलाती है जबकि दिये गये आंकड़ों की सीमा के भीतर नये आंकड़े सृजित करने की प्रक्रिया को अंतर्वेशन कहते हैं।

प्रायः बहिर्वेशन से सृजित आंकड़ों में अपेक्षाकृत अधिक अनिश्चितता होती है और वे कम अर्थपूर्ण होते हैं।

बहिर्वेशन की विधियाँ[संपादित करें]

रैखिक बहिर्वेशन[संपादित करें]

बहिर्वेशन का अर्थ है कि ज्ञात आंकड़ों के अन्तिम आंकड़े पर एक स्पर्शरेखा खींचकर उन आंकड़ों का विस्तार करना।

यदि x_* के पास के दो आंकड़ें (x_{k-1}, y_{k-1}) and (x_k, y_k) हो तो रैखिक बहिर्वेशन से फलन का निम्नलिखित मान मिलेगा-

y(x_*) = y_{k-1} + \frac{x_* - x_{k-1}}{x_{k}-x_{k-1}}(y_{k} - y_{k-1}).

ध्यान दें कि यह परिणाम रैखिक बहिर्वेशन जैसा ही है यदि x_{k-1} < x_* < x_k).

बहुपद बहिर्वेशन[संपादित करें]

सारे आंकड़ों को लेकर या अन्तिम कुछ आंकड़ों को लेकर एक वक्र का निर्माण किया जा सकता है। इसके बाद यह मानते हुए कि अब यह वक्र दिये गये आंकड़ों के बाहर भी सही मान देगी, किसी बाहरी बिन्दु पर फलन का मान ज्ञात कर सकते हैं। बहुपद बहिर्वेशन प्रायः लाग्रेंज अंतर्वेशन (Lagrange interpolation) की सहायता से या न्यूटन के फाइनाइट डिफरेंसेस (finite differences) की विधि से किया जाता है।

ध्यान रहे कि इस कार्य के लिये अधिक घात वाले बहुपदों का प्रयोग सावधानी से करना चाहिये । रंग परिघटना (Runge's phenomenon) से सावधान रहना चाहिये।

घन बहिर्वेशन[संपादित करें]

फ्रेंच वक्र बहिर्वेशन[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  • Extrapolation Methods. Theory and Practice by C. Brezinski and M. Redivo Zaglia, North-Holland, 1991.

इन्हें भी देखें[संपादित करें]