बनू किनानाह

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६०० ईसवी में अरबी क़बीलों का विस्तार जिसमें किनानाह भी देखे जा सकते हैं

बनू किनानाह (अरबी: بنو كنانة, अंग्रेज़ी: Banu Kinanah) एक अरबी क़बीला है। पारम्परिक क़हतानी-अदनानी अरब श्रेणीकरण के नज़रिए से बनू किनानाह अदनानी क़बीले के मुदर क़बीले की सबसे बड़ी शाखा है। इस क़बीले के लोग अधिकतर सउदी अरब के हिजाज़ और तिहामाह क्षेत्रों में बसते हैं।

वंश उत्पत्ति[संपादित करें]

बनू किनानाह के लोग अपने को किनानाह के वंशज मानते हैं। किनानाह इल्यास के पोते थे, जिन्हें अंग्रेज़ी में इलाइजाह (Elijah) कहते हैं और जो इस्लामी मान्यता में एक पैग़म्बर (ईश्वर के संदेशवाहक, यानि पैग़ाम लाने वाले) थे। इनके क़ुरैश क़बीले से सम्बन्ध रहे हैं (क़ुरैश इसी क़बीले से उत्पन्न माने जाते हैं) और उनके साथ यह इतिहास में मित्रपक्ष में रहे हैं।[1]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Encyclopaedic Ethnography of Middle-East and Central Asia, pp. 724, Global Vision Publishing House, 2005, ISBN 978-81-8220-062-3, ... Allah chose Isma'il from the sons of Ibrahim and from the sons of Isma'il Banu Kinanah, and from Banu Kinanah the Quraysh and from the Quraysh ...