बंबई स्टॉक एक्सचेंज

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बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज भारत और एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। इसकी स्थापना 1875 मे हुई थी। इस एक्सचेंज की पहुंच 417 शहरों तक है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज भारतीय शेयर बाज़ार के दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों में से एक है। दूसरा एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज है। भारत को अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय बाजार में अपना श्रेष्ठ स्थान दिलाने में बीएसई की अहम भूमिका है।

एशिया के सबसे प्राचीन और देश के प्रथम स्टॉक एक्सचेंज को - बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज सिक्युरिटीज कांट्रेक्ट रेग्युलेशन एक्ट 1956 के तहत स्थाई मान्यता मिली है।

इसका लक्ष्य है - 'वैश्विक कीर्ति की पताका फहराकर प्रमुख भारतीय स्टाक एक्सचेंज के रूप में उभरना'

परिचय[संपादित करें]

एशिया के सबसे प्राचीन शेयर बाजार 'बीएसई' की स्थापना 1895 में लोकप्रिय `बाम्बे स्टाक एक्सचेंज' के रूप में हुई थी। भारतीय पूंजी बाजार के विकास में इस एक्सचेंज की व्यापक भूमिका रही है और इसका सूचकांक विश्वविख्यात है। मैनेजिंग डायरेक्टर के नेतृत्व में डायरेक्टर्स बोर्ड द्वारा एक्सचेंज का संचालन होता है। इस बोर्ड में प्रतिष्ठित प्रोफेशनल्स, ट्रेडिंग सदस्यों के प्रतिनिधियों और सार्वजनिक प्रतिनिधियों का समावेश है। एक्सचेंज भारत के छोटे - बड़े शहरों में अपनी उपस्थिति के साथ राष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है। बीएसई की सिस्टम और प्रक्रिया ऐसी है कि बाजार की पारदर्शिता और सुरक्षा बनी रहे। वैश्विक कीर्तिमान स्थापित कर, सर्वोच्च स्टाक एक्सचेंज के रूप में उभरने वाले इस एक्सचेंज के पास सवा सौ से अधिक वर्षों के भव्य इतिहास की समृद्ध विरासत है।

एक्सचेंज में `ट्रेडिंग राइट' और `ओनरशिप राइट' एक दूसरे से अलग है। ऐसी परिस्थिती में निवेशकों के हितों पर विशेष सावधानी बरती जाती है। एक्सचेंज इक्विटी, डेब्ट तथा प्युचर्स और ऑप्शन के व्यापार के लिए ढांचा एवं पारदर्शक ट्रेडिंग सिस्टम सुनिश्चित करता है। बीएसई की आनलाइन ट्रेडिंग प्रणाली बेहतरीन गुणवत्तावाली है। वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त इन्फार्मेशन सिक्युरिटी मैनेजमेंट सिस्टम का दर्जा BS 7799-2:2002 सर्टिफिकेट वाला है। BS 7799 ऑडिट डीएनवी (Det Norske Veritas) द्वारा किया गया था। यह प्रमाणपत्र प्राप्त करनेवाला बीएसई भारत का एकमात्र और विश्व का दूसरा एक्सचेंज है। जानकारी एकत्रित करने, जोखिम को नियंत्रित करने तथा तकनीकी प्रणाली और लोगों की सम्पत्ती की सुरक्षा के लिए BS 7799 अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत मानक है।

इतिहास[संपादित करें]

इस एक्सचेंज का गौरवपूर्ण भव्य इतिहास सवा सौ वर्षों से अधिक पुराना है।

महत्व[संपादित करें]

भारतीय पूंजी बाजार की घटनाएं बहुत ही रोचक हैं। भारत का यह स्टॉक एक्सचेंज सूचीबद्ध कंपनियों की संख्या तथा बाजार पूंजीकरण के संदर्भ में विशाल है। बीएसई ने भारतीय पूंजी बाजारमें प्रणेता की भूमिका निभाई है। वास्तविक कानून बनने के पूर्व ही बीएसई ने भारतीय पूंजी बाजार के लिए अपना व्यापक नियम और नियमन इजाद कर लिया था। भारत स्वतंत्र होने के बाद इस एक्सचेंज ने भारतीय पूंजी बाजार के लिए श्रेष्ठ प्रथाएं स्थापित की थी।

भारत में शायद ही ऐसी कोई कंपनी होगी जिसने पूंजी सर्जन के लिए बीएसई की सेवा नहीं ली हो। बीएसई भारत में कैपिटल मार्केट का प्रतीक माना जाता है। बीएसई सेंसेक्स देश के अर्थतंत्र और वित्त बाजार की गतिविधियों को प्रतिबिम्बित करता बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समकक्ष रहकर बीएसई अनेक क्षेत्रों में प्रणेता रहा है। तीव्र प्रतिस्पर्धा के युग में बीएसई ने अनेक क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा कर अपनी यश कीर्ति गाथा में चार चांद लगाए हैं।

  • इक्विटी डेरीवेटिव्स शुरू करनेवाला भारत का पहला एक्सचेंज
  • फ्री प्लोट इंडेक्स शुरू करनेवाला भारत में पहला एक्सचेंज
  • यूएस डॉलर आधारित सेन्सेक्स प्रस्तुत करनेवाला भारत का पहला एक्सचेंज
  • एक्सचेंज आधारित इंटरनेट ट्रेडिंग प्लेटफार्म स्थापित करनेवाला भारत का पहला एक्सचेंज
  • सर्वेलंस, क्लियरिंग और सेटलमेंट के वास्ते आईएसओ प्रमाणपत्र हासिल करनेवाला देश का पहला एक्सचेंज
  • बीएसई आनलाइन ट्रेडिंग सिस्टम (बोल्ट) को वैश्विक स्तर पर मान्य इन्फार्मेशन सिक्युरिटी मैनेजमेंट सिस्टम स्टैंडर्ड बीएसई बीएस 7799-2-2002 प्राप्त करने वाला
  • फाइनेंशियल ट्रेनिंग के लिए अलग विशेष सुविधा की व्यवस्था करने वाला पहला एक्सचेंज
  • ट्रेडिंग रिंग सिस्टम से इलेक्ट्रानिक ट्रेडिंग की तरफ प्रयाण सिर्फ 50 दिनों में

बीएसई ने समान महत्त्व की अन्य परियोजनाओं के एक भाग के रूप में देश भर में निवेशकों की जागरूकता के लिए अभियान छेड़ा है। इसके लिए प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया का व्यापक उपयोग कर के जानकारी, मार्गदर्शन और जनजागृति का प्रचार किया जाता है। सिक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड आफ इंडिया (सेबी) के पूंजी बाजार जागृति कार्यक्रमों को फैलाने में बीएसई ने सक्रिय भूमिका निभाई है।

वर्ष 2002 में स्टॉक एक्सचेंज, मुंबई का नाम बदल कर बीएसई कर दिया गया। बीएसई ने भारत में सिक्युरिटीज (प्रतिभूति) ट्रेडिंग प्रस्तुत की, ट्रेडिंग रिंग की परम्परागत शेयर क्रय विक्रय पद्धति के स्थान पर बीएसई आनलाईन ट्रेडिंग (बोल्ट) के माध्यम से 1995 में ओटोमेटेड ट्रेडिंग सिस्टम का श्री गणेश किया। 1997 में यह ``बोल्ट “ नेटवर्क राष्ट्रीय स्तर पर फैल गया। बीएसई के इंटरनेशनल कन्वेंशन हाल में भारत का प्रथम बेल रिंगिंग समारोह (शेयर सूचीबद्धता का उत्सव घंटा बजाकर मनाने का कार्यक्रम) के साथ 2002 से नए इतिहास की शुरूआत की, जब 18 फरवरी 2002 को भारती टेलीवेंचर्स लि. के शेयर लिस्टिंग का पहला समारोह सम्पन हुआ और आज यह नए आधुनिक युग की प्रथा बन गई है।

इस तरह देश के पूंजी बाजारके विकास में बीएसई का हमेशा महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है और बीएसई इस दिशा में सुसज्ज रहता है।

यह भी देखे[संपादित करें]

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