बंजी जम्पिंग
बंजी जम्पिंग (जिसकी वर्तनी अंग्रेज़ी में "Bungee" और "Bungy" जम्पिंग दोनों हैं)[1][2] एक ऐसी गतिविधि है जिसमे एक ऊंची संरचना से एक बड़ी लोचदार रस्सी के साथ जुड़े रहते हुए कूदना शामिल है. यह लम्बी संरचना आम तौर पर एक इमारत, पुल या एक क्रेन जैसी स्थायी वस्तु हो सकती है; लेकिन हॉट-एयर-बलून या हेलिकॉप्टर जैसी एक चलायमान वस्तु से भी कूदना सम्भव है, जिसमे जमीन से ऊपर मंडराने की क्षमता हो. जितना रोमांच फ्री-फालिंग से आता है उतना ही पलटाव से आता है.[3]
जब व्यक्ति कूदता है, तो रस्सी खिंचाव के कारण विस्तृत हो जाती है और जब रस्सी वापस सिकुड़ती है तब कूदने वाला ऊपर की ओर उड़ जाता है और इसी प्रकार कभी ऊपर और कभी नीचे की ओर तब तक दोलायमान रहता है जब तक कि उसकी सारी उर्जा विकीर्ण नहीं हो जाती.
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[संपादित करें] इतिहास
जैसा कि जेम्स जेनिंग्स की 1825 में प्रकाशित पुस्तक "ऑब्ज़र्वेशन्स ऑफ़ सम ऑफ़ दी डायलेक्ट्स इन दी वेस्ट ऑफ़ इंग्लॅण्ड" में परिभाषित किया गया है "बंजी" (उच्चारित/ˈbʌndʒiː/) शब्द की उत्पत्ति पश्चिमी देश की भाषा से हुई है जिसका अर्थ है, "कुछ भी मोटा और फूहड़". 1930 के आस-पास यह नाम एक रबर इरेज़र के लिए इस्तेमाल होने लगा. कहा जाता है कि ए. जे. हैकेट द्वारा इस्तेमाल बंजी (bungy) शब्द "किवी आम बोलचाल की भाषा में एक लचीली पट्टी के लिए किया जाता है".[4] कपड़े से ढके हुए और सिरे पर हुक लगे हुए रबर के तार दशकों से आम तौर पर बंजी कॉर्ड के नाम से उपलब्ध हैं.
1950 के दशक में डेविड एटनबरो और BBC का एक फ़िल्म दल, वनुआतु में पेंटेकोस्ट आइलैंड के "लैंड डाइवर्स" की फ़ुटेज लेकर आया, जिसमें जवान मर्द अपने पैरों की एड़ियों से रस्सियां बांध कर लकड़ी के लम्बे चबूतरों से कूदते थे और अपने साहस और मर्दानगी का प्रदर्शन करते थे.[5] ऐसे ही एक अभ्यास को, जिसमें गिरने की गति बहुत धीमी होती है, Danza de los Voladores de Papantla या मध्य मेक्सिको के 'पपांटला फ्लायर्स' के रूप में किया जाता रहा है, जिसकी परंपरा अज़टेक के समय से चली आ रही है.
"सर्वश्रेष्ठ रबर" के तार द्वारा एक "कार" को लटकाए जाने की प्रणाली से लैस, एक 4000 फीट ऊंची मीनार को शिकागो वर्ल्ड फेयर के लिए 1892-1893 में प्रस्तावित किया गया. दो सौ सवारियों को बिठाए हुए इस कार को, मीनार पर बने एक चबूतरे से धकेला जायेगा और फिर वह उछल कर रुक जायेगी. डिज़ाइनर इंजीनियरों ने सुझाया कि सुरक्षा के लिए "नीचे की जमीन पर आठ फीट मोटा पंखों का बिस्तर बिछाया जाए. इस प्रस्ताव को फेयर्स के आयोजकों ने ख़ारिज कर दिया.[6]
ब्रिस्टल में स्थित, 250-फुट ऊंचे क्लिफ्टन सस्पेंशन ब्रिज से पहली आधुनिक बंजी कूद 1 अप्रैल, 1979 को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के डेंजरस स्पोर्ट्स क्लब के डेविड किरके, क्रिस बेकर, सिमोन कीलिंग, टिम हंट, और एलेन वेस्टन ने लगाई.[7] इस घटना के तुरंत बाद इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन इस अवधारणा को पूरे विश्व में फैलाते हुए उन्होंने अमेरिका के गोल्डन गेट और रॉयल जॉर्ज ब्रिज से कूदना जारी रखा. (इस अंतिम कूद को अमेरिकी कार्यक्रम दैट्स इनक्रेडिबल द्वारा प्रायोजित और प्रसारित किया गया). 1982 तक वे चलायमान क्रेनों और गर्म हवा के गुब्बारों से कूदने लगे. व्यावसायिक बंजी जंपिंग की शुरुआत न्यूजीलैंड के, ए. जे. हैकेट ने की, जिन्होंने ऑकलैंड के ग्रीनहिथ ब्रिज से 1986 में अपनी पहली छलांग लगाई.[8] बाद के वर्षों में हैकेट ने पुलों और दूसरी इमारतों (जिसमे एफिल टावर शामिल है) से कई बार कूद लगाई, ऐसा करके उन्होंने ना केवल इस खेल के प्रति लोगों का रुझान बढ़ाया बल्कि न्यूजीलैंड के साऊथ आइलैंड में स्थित क्वीन्सटाउन में विश्व की प्रथम स्थाई व्यावसायिक बंजी साईट खोली.[9] कई देशों में अपनी पैंठ बनाने वाले हैकेट एक सबसे बड़े व्यावसायिक प्रचालक बने हुए हैं.
अत्यधिक ऊंचाई से कूदने में निहित खतरे के बावजूद, 1980 से कई लाख सफल कूदें लगाई गईं. इसका श्रेय बंजी प्रचालकों को जाता है, जो मानकों के अनुरूपण और कूद को शासित करने वाले दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करते हैं, जैसे हर कूद के लिए गणना और फिटिंग जैसे मानकों की दोहरी जांच करना. जैसा कि किसी भी अन्य खेल में होता है, इसमें फिर भी चोटें लगती हैं (नीचे देखें), और इसमें घातक परिणाम भी हुए हैं. बहुत लम्बी रस्सी का प्रयोग करना दुर्घटनाओं के मामलों में एक अपेक्षाकृत आम गलती है. रस्सी की लम्बाई कूदे जाने वाले चबूतरे से वस्तुत: काफी छोटी होनी चाहिए ताकि उसे खिंचाव के लिए जगह मिल सके. जब रस्सी अपनी प्राकृतिक लंबाई तक पहुंचती है तब कूदनेवाले की गति या तो धीमी होने लगती है या तेज़ होने लगती है यह गिरने की गति पर निर्भर करता है. जब तक कि रस्सी एक सार्थक मात्रा तक नही खिंच जाती है, किसी जम्पर की गति धीमी होनी शुरू नहीं होती, क्योंकि प्राकृतिक लंबाई में रस्सी के विरूपण के लिए प्रतिरोध की क्षमता शून्य होती है और यह कुछ समय लेते हुए कूदनेवाले के शारीरिक वज़न के बराबर पहुंचते हुए धीरे-धीरे ही बढ़ती है. स्थिर स्प्रिंगों और बंजी रस्सियों को मरोड़ने के लिए आवश्यक बल और अन्य स्प्रिंग-समान वस्तुओं पर चर्चा करने के लिए संभावित ऊर्जा भी देखें.
[संपादित करें] उपकरण
जिस लोचदार रस्सी का प्रथम बंजी जंपिंग में इस्तेमाल किया गया था, और जिसे आज भी कई व्यावसायिक प्रचालकों द्वारा उपयोग किया जाता है, कारखाने में उत्पादित ब्रेडेड शॉक रस्सी है. इसमें एक मजबूत बाहरी खोल के भीतर कई लेटेक्स के रेशे होते हैं. बाहरी कवर को उस समय इस्तेमाल किया जा सकता है जब लेटेक्स पर पहले से ही तनाव पड़ा हो, ताकि रस्सी के खिंचाव के लिए प्रतिरोधक क्षमता रस्सी की प्राकृतिक लम्बाई में पहले से ही उल्लेखनीय हो. यह एक ठोस, और तीव्र उछाल देता है. ब्रेडेड कवर उल्लेखनीय मजबूती के लिए भी लाभप्रद होता है. अन्य प्रचालक, जिसमें ए. जे. हैकेट और दक्षिणी-गोलार्द्ध के प्रचालक शामिल हैं, अनब्रेडेड रस्सियों का प्रयोग करते हैं जिसमे लेटेक्स के रेशे दिखते हैं (दाहिनी ओर की छवि). ये एक नरम, और लम्बी उछाल देते हैं और घरेलू रूप से उत्पादित किये जा सकते हैं.
हालांकि, केवल एक साधारण एंकल अटैचमेंट के प्रयोग में एक शान होती हैं, कई ऐसे हादसों ने जिनमें प्रतिभागी के रस्सी से अलग हो जाने से दुर्घटनाएं घटी हैं, कई व्यावसायिक प्रचालकों को केवल एंकल अटैचमेंट के बैकअप के रूप में शरीरिक कवच का उपयोग करने की दिशा दिखाई. शारीरिक कवच आम तौर पर पैराशूट उपकरणों के बजाय चढ़ाई उपकरणों से प्राप्त किया जाता है.
पुनः वापसी की विधियां, इस्तेमाल किये गये साइटों के अनुसार भिन्न होती हैं. मोबाइल क्रेन, वापसी में अधिकतम गति और लचीलापन प्रदान करती है, जिसमें जम्पर को तेजी से धरती के स्तर तक उतारा जाता है और फिर रस्सी से अलग किया जाता है. कूदने वाले चबूतरे की प्रकृति और तुरंत मुड़ने की आवश्यकता के अनुसार कई अन्य क्रियाविधियों को तैयार किया गया है.
[संपादित करें] उच्चतम कूद
अगस्त 2005 में, ए. जे. हैकेट ने मकाऊ टॉवर से स्काईजम्प लगाई, जो 233-मीटर (760 फुट) पर दुनिया की सबसे ऊंची कूद थी[10].. इस स्काईजम्प को दुनिया की सबसे ऊंची बंजी का खिताब नही मिल पाया क्योंकि साफ़ तौर पर कहा जाये तो यह एक बंजी कूद नहीं थी, अपितु इसे एक 'डेसिलरेटर-डिसेंट' कूद के रूप में संदर्भित किया गया, जिसमें लोचदार रस्सी के बजाय एक स्टील के तार और डेसिलरेटर प्रणाली का इस्तेमाल किया गया. 17 दिसंबर 2006 में, मकाऊ टॉवर ने सही तरीके की बंजी कूद का प्रचालन शुरू किया, जो गिनीज़ बुक ऑफ़ रिकॉड्स के अनुसार "विश्व की सबसे ऊंची वाणिज्यिक बंजी जम्प" थी. मकाऊ टॉवर बंजी के पास एक "गाइड केबल" प्रणाली है जो झूलने को सीमा में बांधती है (कूद, टॉवर की संरचना के बहुत करीब होती है), लेकिन गिरने की गति पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता, इसलिए यह कूद अभी भी वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए अर्हता प्राप्त किये हुए है.
उधर एक और व्यावसायिक बंजी कूद इस समय प्रचलन में है जो केवल 13 मि. छोटी है, 220-मीटर (720 फुट). यह कूद जो बिना गाइड रस्सियों के बनी है, लोकार्नो, और स्विट्जरलैंड के निकट स्थित है, और वरज़ासका डैम (चित्र में चित्रित) के ऊपर से भी की जाती है. इस छलांग को जेम्स बॉण्डकी फिल्म गोल्डेन आई के शुरुआती दृश्य में विशेष रूप से दर्शाया गया है.
दक्षिण अफ्रीका में स्थित ब्लाऊक्रांस ब्रिज और वरज़ासका डैम की कूदें, एक ही रस्सी से शुद्धतः झूलती फ्रीफ़ॉल बंजी हैं.
ब्लाऊक्रांस ब्रिज 1997 में खोला गया था और यह पेंडुलम बंजी प्रणाली का उपयोग करता है. यह चबूतरे से नीचे नदी तक, 216 मि. ऊंचा है[11].
गिनीज़ केवल स्थाई वस्तुओं से कूदी गई कूदों को ही दर्ज़ करता है ताकि माप की सटीकता की गारंटी रहे. 1989 में जॉन कॉक्लेमन ने कैलिफ़ोर्निया में एक गर्म हवा के गुब्बारे से 2,200-फुट (670 मी.) बंजी कूद दर्ज की. 1991 में एंड्रयू सेलिसबरी ने कैन्कन के ऊपर एक हेलिकोप्टर से 9,000-फुट (2,700 मी.) एक टेलिविज़न कार्यक्रम के लिए कूद लगाई, इस कूद को रीबोक ने प्रायोजित किया. पूरी उंचाई को 3,157-फुट (962 मी.) दर्ज किया गया था. वह पैराशूट द्वारा सुरक्षित उतरे.
एक व्यावसायिक कूद जो अन्य सभी कूद की तुलना में सबसे ऊंची है, कोलोराडो में स्थित रॉयल जोर्ज ब्रिज पर है. मंच की ऊंचाई 321-मीटर (1,053 फुट)है . रॉयल जोर्ज गो फास्ट गेम्स के भाग के रूप में इस कूद की उपलब्धता काफी कम है- पहली बार 2005 में, और फिर 2007 में यह उपलब्ध कराई गयी .
[संपादित करें] लोकप्रिय संस्कृति में
कई प्रमुख फिल्मों में बंजी कूद को दर्शाया गया है, इनमे सबसे प्रसिद्ध रही 1995 में बनी जेम्स बोंड की फिल्म गोल्डन आई का आरम्भिक दृश्य जिसमे बोंड रशिया में स्थित एक बांध के छोर से कूदते हैं, (वास्तव में यह बांध स्विटज़रलैंडमें स्थित वर्ज़ास्का डैम है और वह कूद बिलकुल असली है और एक एनिमेटेड विशेष प्रभाव नहीं है).
यह एक दक्षिण कोरियाई फिल्म के शीर्षक बंजी जम्पिंग ऑफ़ देयर ओन में प्रस्तुत होता है (बेओंजीजेओम्पेउरेउल हाडा 번지점프를 하다, 2001) हालांकि यह फिल्म में कोई बड़ी भूमिका नहीं निभाता है.
1986 में, BBC पर नोएल एड्मोंड द्वारा प्रस्तुत टीवी कार्यक्रम दी लेट, लेट ब्रेकफास्ट शो को उस वक्त बंद कर दिया गया, जब उनके 'वरली व्हील' सजीव स्टंट अनुभाग के स्वयंसेवक माइकल लश की एक बंजी कूद पूर्व अभ्यास के दौरान मृत्यु हो गई.
1982 में डेली स्टार में प्रकाशित, जज ड्रेड की कहानी 'क्रिमिनल हाइट्स' में बंजी जम्पिंग को शहर के अगले 'क्रेज़' के रूप में चित्रित किया गया था.
एक काल्पनिक प्रोटो-बंजी कूद माइकल चेबोन के उपन्यास दी अमेज़िंग एडवेंचर्स ऑफ़ कवैलियर एंड क्ले के कथानक का बिंदु है.
फिल्म सेलेना में, जेनिफर लोपेज़ को जिसने फिल्म में सेलेना कवीन्टेलीना-पेरेज़ की भूमिका निभाई है एक आनंदोत्सव में बंजी जंपिंग करते हुए दर्शाया गया है. यह एक वास्तविक घटना है जो 1995 में सेलेना की मृत्यु से कुछ ही समय पहले घटी थी.
[संपादित करें] भिन्नताएं
"केटापल्ट" में जम्पर जमीन से उछलना शुरू करता है (उल्टा बंजी या बंजी रोकेट).[12]
इसमें कूदनेवाले को लाया जाता है और रस्सी को खींचा जाता है और फिर छोड़ा जाता है, जिससे कूदनेवाला ऊपर हवा में उछल जाता है. इसे अक्सर एक क्रेन या एक (अर्द्ध)-स्थाई संरचना से जुड़े एक उत्तोलक के उपयोग से हासिल किया जाता है. यह रस्सी को खींचने और बाद में प्रतिभागी को ज़मीन पर उतारने की प्रक्रिया को सरल बनाता है.
दो तिरछी रस्सियों के साथ "ट्विन टॉवर" भी समान है.
जैसा कि नाम से ही पता चलता है, बंजी ट्रैम्पोलिन, बंजी और ट्रैम्पोलिन के तत्वों का उपयोग करता है. प्रतिभागी एक ट्रैम्पोलिन पर कूदना शुरू करता है, और एक शरीर कवच से जुड़ा होता है, जो बंजी तारों के द्वारा ट्रैम्पोलिन के दोनों तरफ दो लम्बे पोलों से जुड़े होते हैं. जब वे कूदना शुरू करते हैं, तब बंजी रस्सियां कड़ी हो जाती हैं जिससे उन्हें एक ऊंची कूद मिल पाती है जो उन्हें केवल ट्रैम्पोलिन से नहीं मिलती है.
बंजी रनिंग में कोई कूद शामिल नहीं होती. जैसा कि नाम से ही पता चलता है, इसमें महज बंजी रस्सियों को साथ संलग्न कर के एक ट्रैक पर चलना होता है. धावकों के पास प्रायः एक वेल्क्रो-बैक्ड मार्कर होता है जो यह अंकित करता है कि बंजी रस्सियों के पीछे खींचने से पहले धावक कितनी दूर पहुंचा था.
रैम्प से बंजी कूद. दो रबर के तार - "बंजीज़" - प्रतिभागियों की कमर के चारों ओर एक हार्नेस से बंधे होते हैं. ये बंजी तार, इस्पात के केबलों के साथ जुड़े होते हैं जिनके सहारे वे फिसल सकते हैं, स्टेनलेस पुली को धन्यवाद. प्रतिभागी कूद से पहले बाइक चलाते हैं, स्लेज या स्की करते हैं.
[संपादित करें] सुरक्षा और संभव चोटें
एक कूद के दौरान संभव चोटों की व्यापक संभावनाएं होती हैं. सुरक्षा कवच के विफल होने, रस्सी की लोच का गलत आकलन करने, या रस्सी के कूद मंच से ठीक से जुड़ा न होने की स्थिति में एक कूद के दौरान चोटें लग सकती हैं. ज्यादातर मामलों में, यह लापरवाही से की गई सुरक्षा तैयारी की मानवीय त्रुटि के परिणाम के रूप में होता है. एक अन्य प्रमुख चोट तब लगती है जब कूदने वाला अपने शरीर को रस्सी के साथ उलझा हुआ पाता है. अन्य चोटों में शामिल है नेत्र आघात[13][14], रस्सी से जलन, गर्भाशय च्युति, विस्थापन, खंरोच, उंगलियों में ऐंठन और पीठ में चोट.
उम्र, उपकरण, अनुभव, स्थान और वजन कुछ कारक हैं, और घबराहट नेत्र अघात को अधिक बुरा बना सकता है.[15] [16]
1997 में, लौरा पैटरसन, 16-सदस्यीय पेशेवर बंजी जंपिंग टीम के एक सदस्या की मौत, भारी कपालीय आघात के कारण हो गई, जब उसने लुइसियाना सुपरडोम के शीर्ष स्तर से एक लापरवाही से व्यवस्थित बंजी रस्सी के साथ छलांग लगाई और कंक्रीट-आधारित मैदान पर सर के बल गिरी. वह एक प्रदर्शनी के लिए अभ्यास कर रही थी जिसे सुपर बाउल XXXI के हाफटाइम शो के दौरान प्रदर्शित किया जाना था. उस कार्यक्रम के बंजी जंपिंग हिस्से को हटा दिया गया और पैटरसन का एक स्मरणोत्सव जोड़ा गया.
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राजेश चोपड़ा LiveIndia.com द्वारा नई दिल्ली: बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका पर केंद्र और दूरसंचार विभाग टावरों स्वास्थ्य के खतरों के रूप में मोबाइल फोन सेवा प्रदाताओं द्वारा प्रमुख स्थानों पर डाल संचार का वर्णन से प्रतिक्रियाओं की मांग की, क्योंकि वे विद्युत चुम्बकीय विकिरण फेंकना.
घर, रक्षा, संचार और सूचना एवं प्रसारण सहित - एक गैर सरकारी संगठन कर्मा ज्योत सेवा ट्रस्ट द्वारा दायर जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश वाई के सब्बरवाल और न्यायमूर्ति सी के ठक्कर और आरवी रवींद्रन की खंडपीठ मंत्रालयों के एक मेजबान के लिए नोटिस जारी किया. गैर सरकारी संगठन के लिए प्रदर्शित होने, वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि संचार टावरों से लगातार विद्युत चुम्बकीय विकिरण कैंसर को जन्म दे सकता है और भी तंत्रिका विज्ञान, हृदय, श्वसन और रोग विकारों के कारण.
उन्होंने कहा कि संचार टावरों के स्थान पर सरकार के दिशा निर्देशों, गैर - सरकारी संगठन एक अमेरिकी स्वास्थ्य जोखिम की वजह से स्कूलों और आवासीय क्षेत्रों के पास ट्रांसमीटर टावरों के निर्माण पर रोक लगाने के कानून के समक्ष रखी उद्धृत उनके द्वारा.
देश में मोबाइल फोन प्रयोक्ताओं के बड़े पैमाने पर प्रसार के साथ, सेवा प्रदाताओं ट्रांसमीटरों डाल रहे थे भी जीर्ण - शीर्ण भवनों पर और इस प्रकार निवासियों के लिए खतरा प्रस्तुत है, यह कहा. प्रतिकूल प्रभाव इस नई प्रौद्योगिकी के उल्लेखनीय विकास आरएफ विकिरण एक्सपोजर, छोटे से छोटे seismographic गड़बड़ी के साथ भूकंप के दौरान इन टावरों के गिरने से कथित खतरों के विभिन्न बीमार प्रभाव के बारे में सार्वजनिक चिंताओं को प्राप्त है. आरएफ / माइक्रोवेव विकिरण के प्रतिकूल प्रभाव को तत्कालीन सोवियत संघ द्वारा मान्यता प्राप्त किया गया और, वास्तव में, एक ही मानसिक गड़बड़ी, अस्थिरता और उच्च चिंता बनाने के लिए एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया था. वही रोशन अमेरिकी दूतावास ने मास्को में उच्च शक्ति माइक्रोवेव विकिरण के साथ उपयोग किया गया था. (1) धीरे धीरे और धीरे धीरे जब स्वास्थ्य के प्रतिकूल प्रभाव चिकित्सा और रेडियोलॉजिकल वैज्ञानिकों की नोटिस में आने के कुछ उपायों उन्नत देशों में ले जाया गया के लिए कुछ दिशा निर्देश तैयार करने के लिए और सुरक्षित स्तर के भीतर जोखिम सीमा को विनियमित. संयुक्त राज्य अमेरिका एफसीसी 56 एफसीसी दिशानिर्देश FCC65 द्वारा संशोधित किया था. कनाडा सरकार निगमित सुरक्षा कोड नंबर 6, यूरोपीय देशों ICNIRP और आईईईई दिशानिर्देश विकसित किया है. लेकिन, दुर्भाग्य से, इस तरह के एक तेजी से विकास के साथ भी, आरएफ रोशन टावर्स भारतीय शहरों में भारत सरकार का ध्यान आकर्षित नहीं कर सकता. जैविक प्रभाव और विद्युतचुंबकीय एक्सपोजर के बीच के रिश्ते को व्यापक रूप से किया गया है महामारी विज्ञान और प्रायोगिक अध्ययन से मान्यता प्राप्त है. पिछले दशक में मोबाइल संचार जीएसएम 900/1800, ताररहित टेलीफोन आदि के बढ़ते उपयोग के तथाकथित आदमी से स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में चिंता शुरू की है बनाया इलेक्ट्रो smog है. यह गैर ionizing विद्युत चुम्बकीय विकिरण प्रदूषण अदृश्य है और इस संदर्भ में हमारे पांच इंद्रियों द्वारा detectable नहीं है. इसलिए हर एक को व्यक्तिगत सुरक्षा की दिशा में लापरवाही जाता है. चूंकि इन विद्युतचुंबकीय विकिरण का उपयोग सोसायटी द्वारा अनिवार्य है, वहाँ करने के लिए एक अधिक व्यापक सुरक्षा उपायों वसीयत की जरूरत है. मनाया NIEMR स्तर प्रति के रूप में, हम में निश्चित रूप से स्वास्थ्य के प्रतिकूल प्रभाव की चपेट में हैं. दुर्भाग्य से अज्ञान और गैर - जागरूकता इस दुख को कहते हैं और हम सब इस धीमा जहर स्वीकार कर रहे हैं अनजाने में. बेडरूम के पास मोबाइल टावर सेल टॉवर सुविधा कुंज पीतमपुरा दिल्ली 1 बस के बाद दो सिंगल छत पर टॉवर. मंजिल.
अब तीन टावरों आदमी बना दिया धुंध विद्युतचुंबकीय ऐसे स्तर तक पहुँच गया है कि आरएफ विकिरण मानव स्वास्थ्य, पशुओं के स्वास्थ्य, सामान्य घरेलू कार्य, चिकित्सा जांच पड़ताल उपकरणों को भी भोजन किया जा रहा है सबके द्वारा खपत उत्पादों पर और पर बीमार प्रभाव होने शुरू कर दिया है. इस प्रकार, घटना प्रदूषण की तरह है. अब तक के रूप में हम जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और अब हम तथाकथित गैर ionizing EMR प्रदूषण (या आरएफ विकिरण प्रदूषण) के तथ्य यह जीवन का एक तथ्य के रूप में पहचान को मान्यता दी है. समान कार्रवाई करने के लिए संबंधित विकिरण प्रदूषण नियंत्रण ताकि जीवन स्वस्थ हो जाता है शासन द्वारा लिया जाना आवश्यक हैं.
आरएफ सुरक्षा समाधान का प्रयोग करें और मोबाइल सहायक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, वर्दी, Aprons, चिकित्सा आउटफिट, कपड़े, पेंट्स, चश्मा, कम EMF प्रवेश के लिए विंडो फिल्म्स की तरह विरोधी विकिरण विकिरण सुरक्षित उत्पाद विभिन्न सामाजिक, वैज्ञानिक संगठनों द्वारा अत्यधिक की सिफारिश की है इन दिनों.
EMR की सुरक्षाछिद्र हम सभी जानते हैं कि हम विमान के जहाज पर सिस्टम के साथ आरएफ में radiating के हस्तक्षेप के कारण की वजह से एक विमान में मोबाइल फोन संचालित करने के लिए अनुमति नहीं कर रहे हैं. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ही सादृश्य प्राणियों को लागू नहीं किया हालांकि हर कोई इस निरंतर आरएफ विकिरण की चपेट में है. हम सभी आरएफ EMR लेकिन निम्न में से बीमार प्रभाव की चपेट में मौजूदा वैज्ञानिक अध्ययन के प्रति के रूप में और अधिक कमजोर कर रहे हैं.
पूर्व किशोर बच्चे के लिए जोखिम वे मोबाइल टेलीफोनी, जो बच्चे के सिर के आकार और तथाकथित "सिर गूंज" (13) की एक वस्तु बनाता में प्रयुक्त आवृत्ति की माइक्रोवेव के अवशोषण की वजह से खतरे में वयस्कों (12) की तुलना में अधिक हैं. अभी भी विकासशील नर्वस सिस्टम और बच्चे में जुड़े मस्तिष्क तरंग गतिविधि जीएसएम में प्रयोग किया जाता माइक्रोवेव दालों के द्वारा आक्रमण की चपेट में हैं. बच्चों के विकास की कोशिकाओं में वृद्धि हुई mitotic गतिविधि उन्हें और अधिक आनुवंशिक क्षति के लिए अतिसंवेदनशील बनाता है.
बच्चे सबसे बड़ा खतरा हैं, उनकी पतली, खोपड़ी और विकास की तीव्र दर के कारण. इसके अलावा अधिक से अधिक जोखिम में बुजुर्ग, कमजोर है, और गर्भवती महिलाओं के हैं. यूनाइटेड किंगडम से डॉक्टरों ने 16 के तहत बच्चों को आग्रह करने के लिए सेल फोन का उपयोग नहीं कर चेतावनी जारी किए गए हैं, उनके रेडियो आवृत्ति (आरएफ) विकिरण के लिए जोखिम को कम.
गर्भवती महिलाओं के लिए जोखिम है एक गर्भवती महिला और भ्रूण दोनों तथ्य यह है कि इन आरएफ विकिरण लगातार विकासशील भ्रूण के साथ प्रतिक्रिया, कोशिकाओं थर्मल भी गर्मी की वजह से बढ़ रही है की वजह से कमजोर कर रहे हैं. जब गर्भवती महिलाओं या तो मोबाइल फोन का उपयोग करें या जब आरएफ विकिरण के साथ प्रबुद्ध, विकासशील बच्चे प्रभावित हो सकते हैं, विकास मॉल गठन हो सकता है.
मानव मस्तिष्क के लिए जोखिम है मानव मस्तिष्क सबसे कमजोर NIEMR (RFR) भाग है. ज्ञात प्रभाव की कुछ स्नायविक प्रभाव (14), ODC में बढ़ाएँ (ornithine डी Carboxylase) गतिविधि (15), एंजाइमों और मुक्त कण मस्तिष्क चयापचय घटते पर प्रभाव (16)
पेस बनाने का भार उठाते मरीजों के लिए जोखिम है आरएफ एक्सपोजर प्रतिकूल प्रत्यारोपित पेस मेकर को प्रभावित करता है और arhythemical हो जाता है. इन विकिरण के एक नियमित रूप से रास्ते में दालों देने से पेस मेकर को रोकने या बाहरी नियंत्रित नाड़ी मौत रोगी डाल के कुछ प्रकार उत्पन्न हो सकता है.
खतरनाक तरीके से एक आरएफ विकिरण प्रदूषण परिप्रेक्ष्य के रहने
दुनिया भर में सभी मानव जाति के लिए तकनीकी संवर्द्धन के रूप में विद्युत चुम्बकीय विकिरण का उपयोग कर रहे हैं. बीसवीं सदी की पहली छमाही के दौरान विकिरण के हानिकारक प्रभाव को (अब ionizing विकिरण के रूप में जाना जाता है) बहुत स्पष्ट हो गया है और उपचारात्मक कार्रवाई के बहुत से लिया गया है. बाद में 20 वीं सदी में जब विद्युत चुम्बकीय वर्णक्रम का उपयोग मोबाइल दूरसंचार, टीवी ट्रांसमीटर, एफएम रेडियो स्टेशनों और भी मोबाइल फोन के लिए वृद्धि हुई खुद को घनी आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष रूप से विभिन्न शहरों में आरएफ स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए खतरा हैं. प्रसारण और घरेलू रिमोट नियंत्रित करने, विशाल स्वास्थ्य प्रभाव गैर ionizing विकिरण द्वारा जगह लेने शुरू कर दिया. वास्तव में मोबाइल दूरसंचार कंपनियों में radiating स्टील टावरों के साथ दुनिया के हर कोने में शहरों उग. नेटवर्क रोल की गति से बाहर है और एक अच्छा संचार रेंज के लिए पूरी आबादी को कवर करने के उत्साह में, वे केवल संरचनात्मक स्थिरता, विरासत संरक्षण और विकिरण के प्रभाव स्वास्थ्य की उपेक्षा की है लेकिन यह भी (निरंतर 24x7 आम जनता खुला डाल ) EMR की जोखिम है जो मानव स्वास्थ्य और व्यवहार पर स्थायी प्रभाव के लिए अग्रणी है. उदाहरण के लिए, एक प्रयास हमारे द्वारा किया गया है हर NIEMR (गैर ionizing विद्युत चुंबकीय विकिरण) के उत्तर भारत में आरएफ स्तर को मापने के द्वारा भारतीय शहरों में प्रदूषण और विशेष रूप से दिल्ली और मोबाइल टावरों की साइटों की भी के बारे में पता है पर स्थापित कर विभिन्न स्थानों साबित होता है, कि हम खतरनाक तरीके से रह रहे हैं. इस अध्ययन से पता चलता है कि इसी तरह के परिणाम जहां कभी विकिरण मानदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है दुनिया भर में विभिन्न शहरों में आ जाएगा. एक प्रयास भी निश्चयात्मक EMR समाधान के द्वारा किया गया अध्ययन करने के लिए और क्या उपाय हम सभी के द्वारा सामान्य और संबंधित सरकारों में लिया जा करने के लिए गतिविधियों को बढ़ाने के लिए एक साफ, हरे और EMR सुरक्षित दुनिया को सुनिश्चित करने के सुझाव.
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