फोर्जिंग
उचित स्थान पर दबाव का उपयोग करते हुए धातु की प्लास्टिक अवस्था को मनचाहा आकृति देने को फोर्जिंग (forging) या गढ़त कहते हैं। धातु को आकृति देना आधुनिक प्रविधि के द्वारा ग्रेन-ढांचे को परिष्कृत करता है; इसकी अंतनिर्हित क्षमता का विकास करता है; यांत्रिक-विशेषता को सुधारता है और ढांचागत समानता का उत्पादन करता है जो छिपे हुए आंतरिक दोषों से मुक्त करता है। फोर्जिंग विभिन्न प्रविधियों के द्वारा की जाती है जैसे खुले सांचे की गढ़त ओपन डाई फोर्जिंग, बंद सांचे की गढ़त क्लोज्ड डाई फोर्जिंग और सटीक गढ़त नीयर नेट आकृति/प्रीसीजन फोर्जिंग शामिल हैं।
फोर्जिंग की क्रिया सामान्य ताप पर (room temperature), मामूली गर्म अवस्था में (warm) या खूब गर्म करके (hot) की जाती है। फोर्ज करके बनाये गये अवयव (हिस्से) एक किलो से भी छोटे से लेकर सैकड़ों मीट्रिक टन के हो सकते हैं। फोर्ज करके बनाये हुए अवयवों को अन्तिम रूप देने के लिये प्राय: कुछ और प्रक्रियाओं से गुजारना पड़ता है।