फुटबॉल

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विभिन्न खेलों में से कुछ को फ़ुटबॉल के नाम से जाना जाता है.

फुटबॉल शब्द ऐसे समान टीम खेलों के लिए प्रयुक्त होता है जिनमें बहुत से खिलाड़ी (बदलते परिमाण मे) पैर से गेंद पर प्रहार कर के गोल करने का प्रयास करते हैं. इसमें दुनिया में सबसे लोकप्रिय, सामुदायिक फुटबॉल है जो सामान्य रूप से "फुटबॉल" या "सॉकर" के नाम से जाना जाता है.हालांकि, फुटबॉल शब्द खेल के उन सभी रूपों के लिए प्रयुक्त होता है, जो दुनिया के किसी ख़ास क्षेत्र मे किसी भी रूप मे लोकप्रिय हो गए हैं .इसलिए अंग्रेज़ी भाषा में "फुटबॉल" शब्द का प्रयोग "ग्रिडिरॉन फुटबॉल"(यह नाम उत्तरी अमेरिकी खेल से संबंधित है, विशेष कर अमेरिकी फुटबॉल और कनाडाई फुटबॉल) आस्ट्रेलियाई फुटबॉल, गेलिक फुटबॉल, रग्बी लीग, रग्बी यूनियन, और उससे संबंधित खेलों के लिए किया जाता है.


इन खेलों में शामिल हैं:

  • सामान्यतः 11 से 18 खिलाड़ियों के दो दल : खेल के उन रूपांतरणों को भी लोकप्रियता मिली, जिनमें कम खिलाड़ी (प्रत्येक दल मे पांच या उससे अधिक)होते हैं.
  • खेल खेलने के लिए स्पष्ट रूप से परिभाषित क्षेत्र;
  • गेंद को विरोधी दल के क्षेत्र के अंतिम छोर पर ले जाकर, या गोल क्षेत्र मे गेंद डाल कर या गेंद को रेखा क्षेत्र पर ले जाकर गोल स्कोर करना या अंक प्राप्त करना.
  • खिलाड़ियों द्वारा दो गोलस्तंभों के बीच मे गेंद डाल कर गोल या अंक प्राप्त करना.
  • विरोधी टीम द्वारा गोल या सीमा क्षेत्र का रक्षण करना;
  • खेल के नियमों के अनुसार खिलाड़ी गेंद पर लात से प्रहार करके, साथ ले जाकर या हाथों के सहारे गेंद का संचालन कर सकता है; और
  • गेंद को संचालित करने के लिए खिलाड़ियों द्वारा सिर्फ़ अपने शरीर का उपयोग करना.


अधिकांश कोड मे खिलाड़ियों को ऑफ-साइड मे जाने की मनाही होती है और गोल करने वाले खिलाड़ियों को गोलपोस्ट के मध्य स्थित क्रॉस-बार के नीचे या ऊपर से ही गेंद डालने की अनुमति होती है. विभिन्न फुटबॉल कोड की अन्य समान विशेषताओं में शामिल हैं: गोल रेखा पर गेंद ले जाने वाले खिलाड़ियों द्वारा ज्यादातर अंक प्राप्त करना: और मार्क या फेयर कैच लेने पर खिलाड़ियों को फ़्री किक मिलना.


प्राचीन काल से ही विश्व के विभिन्न क्षेत्रों के लोग ऐसा खेल खेलते आ रहे हैं, जिसमें गेंद को उठाना या पांव से प्रहार करना शामिल है.हालांकि फुटबॉल के अधिकतर आधुनिक कोड की उत्पत्ति इंग्लैंड में हुई.


अनुक्रम

[संपादित करें] व्युत्पत्ति

Searchtool.svg मुख्य लेख: Football (word)

हालांकि व्यापक रूप से यही माना जाता है कि "फुटबॉल" (या "फ़ुट बॉल") शब्द की उत्पत्ति गेंद पर पाद प्रहार करने के संदर्भ में हुई थी, लेकिन वहीं एक ऐसा मत भी है कि मध्यकालीन यूरोप में पैरों से खेले जाने वाले सभी खेलों को फुटबॉल के नाम से जाना जाता था. [१]ये खेल आम तौर पर खेतिहर मजदूरों द्वारा खेला जाता था, जबकि सभ्रांत वर्ग के लोग घुड़सवारी का खेल खेलते थे.

वैसे इस व्याख्या का कोई पुख्ता सबूत नहीं है, लेकिन फुटबॉल शब्द हमेशा से उन सभी खेलों के लिए प्रयुक्त होता रहा है, जिन्हें पैरों से खेला जाता था, न कि सिर्फ़ उन खेलों के लिए जिनमें  गेंद को लात से प्रहार करके मारा जाता था.कुछ संदर्भों में फुटबॉल शब्द का प्रयोग उन खेलों के लिए भी किया जाता है, जिनमें गेंद को लात से प्रहार करने पर पाबंदी लगा दी गई है.


[संपादित करें] इतिहास

[संपादित करें] प्रारंभिक इतिहास

[संपादित करें] प्राचीन खेल

प्राचीन यूनानी फुटबॉल खिलाड़ी गेंद संतुलित करते हुए. ऐटिक लेकिथोस पर चित्रण

ऐसी जानकारी है कि प्राचीन यूनान और रोम में लोग गेंद के कई खेल खेला करते थे, उनमें से कुछ में पैरों का प्रयोग होता था. ऐसी मान्यता है कि रोमन खेल हरपासटम , "επισκυρος" (एपिसकैरॉस ) या फाईनिनडा नामक टीम खेल से अपनाया गया है, जिसका उल्लेख प्रसिद्ध यूनानी नाटककार एंटीफेन्स(388-311 ई.पू.) और बाद में ईसाई धर्मविज्ञानी अलेक्सांड्रिया के क्लीमेंट (c.150-c.215 AD) ने की. रोमन राजनीतिज्ञ सीसेरो (106 - 43 ई.पू.) एक ऐसी घटना का उल्लेख करता है, जब एक नाई की दुकान में अचानक गेंद के आ गिरने से हजामत करवा रहे एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है.इन खेलों की सदृश्यता रग्बी फुटबॉल जैसी प्रतीत होती है. रोमन गेंद क्रीड़ाओं में फॉलिस नामक हवादार गेंद का प्रचलन पहले से था. [२] [३]


फुटबॉल जैसे खेल का लिखित प्रमाण चीनी सैन्य पुस्तिका झान गूओ सी में मिलता है, जिसे तृतीय और प्रथम शताब्दी ई. पू. के मध्य संकलित किया गया था.[४] इसमें कूजू (蹴鞠,शाब्दिक "किक बौल") नामक अभ्यास का वर्णन किया गया है जिसमें चमड़े की एक गेंद पर पाद प्रहार कर के ज़मीन से 9 मीटर ऊंचे बांस की छड़ी पर बंधे रेशम के कपड़े मे बने एक छोटे छेद से बाहर निकाला जाता था.

हान राजवंश के दौरान (206 ई.पू.-220 ई.), कूजू खेलों को मानकीकृत करके नियमों की स्थापना की गई.बाद मे इस खेल के परिवर्तित रूप का प्रसार जापान और कोरिया में हुआ, जहां इसे क्रमशः केमारी और चुक-गुक के नाम से जाना जाता था. चीन में तांग वंश (618 - 907) द्वारा हवा भरी गेंदों को पंख भरी गेंदों से बदल दिया गया और कूजू खेल व्यावसायिक हो गया, जिसे खेल कर कुछ खिलाड़ी अपनी आजीविका कमाने लगे.[उद्धरण वांछित] और, इसके साथ ही दो प्रकार के गोलपोस्ट का उदय हुआ: पहले प्रकार में दो खंभों के बीच जाल बांधा जाता था और दूसरे में मैदान के मध्य सिर्फ एक स्तंभ होता था.


टंजान मंदिर में खेला जा रहा केमरी का नवीन संस्करण.


केमारी , कुजू का जापानी संस्करण है, और उसे असुका काल में विकसित किया गया था. 600 ई. से यह खेल क्योटो के जापानी राजदरबार में खेला जाने लगा. केमारी में बहुत से लोग एक गोल घेरे के अंदर खड़े होकर इस प्रयास के साथ कि गेंद नीचे न गिर जाए, एक दूसरे की तरफ गेंद को किक करते थे (प्रायः कीपी ऊप्पी के समान). ऐसा प्रतीत होता है कि यह खेल 19वीं शताब्दी के मध्य से कुछ पहले लुप्त हो गया.1903 में इस खेल को पुनर्जीवित किया गया और अब यह विभिन्न त्योहारों के अवसर पर खेला जाता है.


चित्र:Marn grook illustration 1857.jpg
ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी शिकारी समूह का सन् 1850 के दशक का एक चित्र. पृष्ठभूमि में बच्चे, शायद मार्न ग्रूक नामक फुट बाल का खेल खेल रहे हैं. (9)

दुनिया के विभिन्न कोनों में रहने वाले मूल निवासियों द्वारा पारंपरिक, प्राचीन और प्रागैतिहासिक गेंद के खेल, खेलने का अनेक उल्लेख मिलता है.

उदाहरण के लिए, 1586 में एक अंग्रेज़ी अन्वेषक जॉन डेविस द्वारा संचालित एक जहाज के कुछ लोग ग्रीनलैंड में, फुटबॉल जैसा खेल खेलने के लिए इनुइट (एस्किमो) लोगों के पास तट पर पहुंच गए.

      [५]बाद के वृतांतों में बर्फ़ पर खेले जाने वाला  अक्सकटुक  नामक इनुइट खेल का वर्णन मिलता है.प्रत्येक मैच की शुरूआत दो दलों द्वारा समानांतर रेखाओं पर आमने-सामने खड़े होकर होती थी, फिर गेंद को दूसरे दल की सीमा रेखा के अंदर किक करके गोल करने का प्रयास किया जाता था.   1610 में, वर्जीनिया के जेम्सटाऊन बस्ती के विलियम स्ट्रेशे ने, मूल अमेरिकी निवासियों द्वारा खेले जाने वाले पाशाहीमन  नामक खेल का उल्लेख किया है.   

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी मार्ण ग्रूक ("गेंद क्रीड़ा") नाम का खेल खेलते थे. 1878 में रॉबर्ट ब्राओ-स्मिथ की पुस्तक द एबोरीजिन्स ऑफ़ विक्टोरिया , क़रीब 1841 में रिचर्ड थॉमस को उद्धृत करते हुए कहती है कि उसने वहां के मूल निवासियों को खेल खेलते हुए देखा था: "मिस्टर थॉमस वर्णन करते हैं कि कैसे एक प्रमुख खिलाड़ी कंगारू के चमड़े से बनी गेंद को जमींन पर उछाल कर उस पर पैर से प्रहार करता है और कैसे दूसरे खिलाड़ी हवा में छलांग लगा कर उसे पकड़ने की कोशिश करते हैं". व्यापक रूप से यह विश्वास किया जाता है कि ऑस्ट्रेलियाई रूल फुटबॉल के विकास में मार्ण ग्रूक का प्रभाव है (नीचे देखें).


न्यूज़ीलैंड में माओरी लोग की-ओ-राही नामक खेल खेलते थे, जिसे वृत्ताकार मैदान को दो भागों में बांट कर खेला जाता था और जिसमें सात खिलाड़ियों का दल होता था व यहां खिलाड़ी 'पो'(सीमा रेखाओं ) को छूकर या केंद्र में स्थित 'टुपू' या लक्ष्य को मार कर अंक प्राप्त करते थे.


मूल निवासियों द्वारा रबड़ की गेंद से मेसोअमेरीका में खेले जाने वाले खेलों के वजूद का अच्छी तरह लिखित प्रमाण मिलता है, लेकिन इनकी समानता बास्केटबाल और वॉलीबाल से अधिक है, और चूंकि इनका प्रभाव आधुनिक फुटबॉल पर बहुत ही कम है, अधिकतर लोग इसे फुटबॉल की श्रेणी में नहीं रखते हैं. उत्तरपूर्वी अमेरिकी इंडियन, विशेषकर इरोक्युसिस संघ, एक ऐसा खेल खेलते थे जिसमें छोटी-सी गेंद को फेंकने और पकड़ने के लिए जालीदार रैकेट का प्रयोग किया जाता था; हालांकि पैर से खेलने वाला बॉल-गोल, लैक्रोस (इसके आधुनिक रूप का नाम) को उसी तरह सामान्यतः फुटबॉल की श्रेणी में नहीं रखा जाता है.


ये खेल और इस जैसे दूसरे खेलों का इतिहास पुरातन है, और तत्कालीन निर्वाचित अधिकारियों के परिश्रम से प्रभावित हो सकते हैं, जिसने बाद में फुटबॉल खेलों पर असर डाला.तथापि, आधुनिक फुटबॉल कोड का मुख्य स्रोत पश्चिमी यूरोप, विशेषकर इंग्लैंड में पाया जाता है.


[संपादित करें] मध्यकालीन और पूर्व आधुनिक यूरोप

अधिक सूचनार्थ: Medieval football

मध्य युग में पूरे यूरोप, विशेष रूप से इंग्लैंड में वार्षिक श्रोवटाईड फुटबॉल नामक प्रतियोगता को काफ़ी लोकप्रियता मिली.इंग्लैंड में उस समय खेले जाने वाले खेल का आगमन रोमन आधिपत्य के साथ हुआ होगा, किन्तु एकमात्र पूर्व-नॉर्मन उल्लेख नौवीं शताब्दी के हिस्टोरिया ब्रिटोनम में किया गया है, जिसमें कुछ लड़कों को "बॉल गेम" खेलते हुए बताया गया है. ब्रिटानी, नॉरमेंडी, और पिकॉरडी, में ला सूले या चूले , नाम के खेल के विवरण से संकेत मिलता है कि इनमें से कुछ फुटबॉल खेलों का प्रादुर्भाव इंग्लैंड में नॉर्मन विजय के परिणामस्वरूप हुआ होगा.

तथाकथित "भीड़ फुटबॉल" का एक चित्रण.


फुटबॉल के ये रूप, किसी समय "मॉब फुटबॉल" के नाम से जाने जाते थे, जो दो पड़ोसी नगरों या ग्रामों के बीच खेले जाते थे, जिनमें विरोधी दलों में खिलाड़ियों की संख्या अनिश्चित होती थी, जो दम फूलते लोगों की झुंड में भिड कर कोई वस्तु जैसे सूअर के फुलाए गए ब्लैडर को वहां से हटा कर किसी दूसरी भौगोलिक बिंदु, जैसे विरोधी दल के गिरजाघर में डालने के लिये संघर्ष करते थे.श्रोवटाईड खेल आधुनिक काल में आज भी इंग्लैंड के कई नगरों में जीवित हैं.(नीचे देखें)


इंग्लैंड में जो निश्चित रूप से लगभग फुटबॉल ही था, उसका सर्वप्रथम विस्तृत वर्णन विलियम फिट्ज़स्टीफ़ेन ने 1174-1183 में किया. वे श्रोव ट्युज़डे के वार्षिकोत्सव के दौरान लंदन के युवकों की गतिविधियों का वर्णन करते हैं;

दोपहर के भोजन के बाद शहर के सभी युवा, गेंद के खेल में हिस्सा लेने के लिए मैदानों में चले जाते हैं. प्रत्येक विद्यालय के छात्रों के पास अपनी गेंद है; प्रत्येक नगर के श्रमिक भी अपनी गेंदें लिए हुए हैं. वयोवृद्ध नागरिक, पिता और घोड़ों की पीठ पर सवार होकर धनाढ्य नागरिक प्रतिस्पर्धा में भाग ले रहे अपने कनिष्ठों को देखने आते हैं, और अप्रत्यक्ष रूप से अपनी युवावस्था को पुनः अनुभव करते हैं: आप उनके अंदरूनी जुनून को उभरते देख सकते हैं, जब वे लापरवाह किशोरों के आनंद को देखने में मशगुल हैं. [६]


इस खेल के अधिकांश अति प्रारंभिक संदर्भों ने सिर्फ़ "बॉल गेम" या "प्लेइंग एट बॉल" का जिक्र किया है.इससे इस विचार की पुष्टि होती है कि उस समय के खेलों में गेंद को पैर से प्रहार करना अनिवार्य नहीं था.


गेंद के खेल का एक प्रारंभिक उल्लेख जो संभवतः फुटबॉल ही था, 1280 में इंग्लैंड के नॉर्थम्बरलैंड के ऊलघम से मिलता है: "हेनरी...गेंद से खेलते हुए..डेविड से टकरा गए"[७] फुटबॉल खेल का प्रथम स्पष्ट उल्लेख 1321 शूलडाम्, नार्फोल्क, इंग्लैंड से आता है: "खेलते समय जैसे ही उसने गेंद पर प्रहार किया, उसके एक साझा मित्र ने...उससे टकरा कर ख़ुद को ज़ख्मी कर लिया". [७]


1314 में लंदन शहर के महापौर निकोलस दी फ़र्नडन ने, अंग्रेज़ उच्च वर्ग द्वारा उस वक्त प्रयुक्त फ़्रेंच भाषा में फुटबॉल पर प्रतिबंध लगाते हुए एक आदेश जारी किया.

एक अनुवाद के अनुसार: "मैदान में बड़ी  फुटबॉल [rageries de grosses pelotes de pee]   की गेंदों के पीछे धक्का-मुक्की होने के कारण शहर में काफ़ी शोर-शराबा होता है, जिसके कारण ईश्वर ना करे, किसी बुराई का उदय हो जाए: अतः हम राजा की ओर से आदेश जारी करते हुए  इस खेल पर प्रतिबंध की घोषणा करते हैं, भविष्य में शहर में  इस खेल को खेलने वाले को कारावास की पीड़ा भुगतनी होगी". 
 यह फुटबॉल का प्राचीनतम उल्लेख है.


1363 में इंग्लैंड के एडवर्ड III ने प्रतिबंध लगाते हुए एक घोषणा-पत्र जारी किया कि "...हैंडबॉल, फुटबॉल, या हॉकी; शिकारी कुत्ते से खरगोश पकड़ने का खेल और मुर्गे का युद्घ, या दूसरे निष्क्रिय खेल", यह दर्शाते हैं कि "फुटबॉल"- इस मामले में इसका जो भी स्वरूप रहा हो- उन खेलों से अलग माना जाता था, जो शरीर के दूसरे अंगों द्वारा खेले जाते थे, जैसे हैंडबॉल.


इंग्लैंड के हेनरी IV ने अंग्रेज़ी शब्द "फुटबॉल" का लिखित उल्लेख किया है जब उन्होंने 1409 में एक घोषणा जारी करते हुए "फोटेबाल" के नाम पर उगाहे जाने वाले पैसों पर पाबंदी लगा दी. [७] [८]


लैटिन भाषा में भी 15वीं शताब्दी के अंत में नॉटिंघमशायर के कॉस्टन में फुटबॉल खेलने का उल्लेख मिलता है. यहां "किकिंग गेम" और युक्ति चालन का प्रथम वर्णन मिलता है,"सामान्य मनोरंजन के लिए वे लोग जिस खेल पर इकट्ठा हुए थे, कुछ लोगों द्वारा उसे फुटबॉल का खेल कहा जाता था.इस स्थानीय खेल में युवा पुरुष एक बड़ी-सी गेंद को, हाथ से फ़ेंक कर नहीं, बल्कि उसे पैर से ज़मीन पर मार कर और घुमा कर...विपरीत दिशा में फेंकते हैं". इतिहासकार फुटबॉल मैदान का प्राचीनतम वर्णन करते हुए कहता है कि: " सीमाओं को चिह्नित कर दिया गया है और खेल प्रारंभ हो गया है.[७]


मध्य और पूर्व आधुनिक युगों के अन्य सर्वप्रथम:


  • "ए फुटबॉल" का, गेंद के अर्थ में न कि खेल के रूप में, प्रथम वर्णन 1486 में हुआ.

[८]इसका उल्लेख डेम जुलियाना बर्नर की क़िताब बुक ऑफ़ सेंट अलबन्स में है.इसमें उल्लेख है "खेलने के लिए एक विशेष वृत्ताकार उपकरण...यह पैरों का एक उपकरण है और इसे लैटिन में 'पीला पीडालिस' कहते हैं, एक फुटबॉल". [७]

[९]

  • महिलाओं द्वारा फुटबॉल जैसा खेल खेलने का उल्लेख 1580 में मिलता है, जब सर फिलिप सिडनी अपनी एक कविता में इसका वर्णन इस प्रकार करते हैं : "[a] tyme there is for all, my mother often sayes, When she, with skirts tuckt very hy, with girles at football playes". [१०]
  • गोल का प्रथम ज़िक्र 16 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध और 17वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में होता है. 1584 और 1602 में क्रमशः, जॉन नारडेन और रिचर्ड कॉरयू ने कोर्निश हर्लिंग में "गोल' का प्रयोग किया है.

कॉरयू, गोल करने के तरीकों का वर्णन करते हैं: "आठ या दस फ़ुट की दूरी पर वे लोग ज़मीन में झाड़ी गाड़ते हैं, और फिर उसके ठीक विपरीत दस से बारह स्कोर की दूरी पर, ठीक वैसा ही करते हैं, जिसे वे अपना गोल कहते हैं. [११]गोल रक्षकों और खिलाड़ियों के बीच गेंद के आदान-प्रदान का प्रथम वर्णन भी उन्होंने ही किया था.

इसी तरह 1613 में एक कविता में माइकल ड्रेटन कहते हैं "when the Ball to throw, And drive it to the Gole, in squadrons forth they goe


[संपादित करें] कल्शियो फियोरेनटिनो

काल्सियो फिओरेंशियो क्षेत्र और उसके आरंभिक स्थितियों का चित्रण , 1688 की पिएट्रो दि लोरेंजो बिनी की पुस्तक से.
Searchtool.svg मुख्य लेख: Calcio Fiorentino

16वीं शताब्दी में फ्लॉरेंस शहर एपीफेनी और लेंट के मध्य के समय को एक खेल के ज़रिये मनाते थे जिसे पीयाज़ा डेल्ला नोवीरे या पीयाज़ा सानटा क्रोसी में आज कल्सियो स्टोरीको ("ऐतिहासिक किक बॉल") के नाम से जाना जाता है. शहर के युवा अभिजात वर्ग के लोग रेशम की पोशाक पहन कर फुटबॉल के उग्र रूप में ख़ुद को लीन कर लेते थे.उदाहरण के लिए, कल्सियो खिलाड़ी घूंसा मार कर, कंधे से प्रहार करके, और लात मार कर अपने विरोधियों पर प्रहार करते थे.कमर के नीचे आघात करने की अनुमति थी.कहा जाता है कि इस खेल का उद्गम सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास के रूप में किया गया था.1580 में, काउंट गिओवांनी डे बर्डी डी वेर्नियो ने Discorso sopra 'l giuoco del Calcio Fiorentino की रचना की. इसे कभी-कभी फुटबॉल खेल के किसी भी रूप की प्राचीनतम आचार-संहिता कहा जाता है. इस खेल को जनवरी 1739 के बाद (जब तक कि इसे मई 1930 में पुनर्जीवित न किया गया) नहीं खेला गया.


[संपादित करें] सरकारी अस्वीकृति और फुटबॉल पर प्रतिबंध लगाने के प्रयास.

Searchtool.svg मुख्य लेख: Attempts to ban football games

फुटबॉल खेलों पर प्रतिबंध लगाने के अनेक प्रयास किए गए, विशेष रूप से इसके दंगाई और उपद्रवी रूपों पर.इसका उदाहरण विशेषकर इंग्लैंड और यूरोप के अन्य भागों में, मध्य युग और पूर्व आधुनिक काल में मिलता है.

1324 और 1667 के बीच अकेले इंग्लैंड में 30 से भी अधिक शाही और स्थानीय कानून बना कर फुटबॉल पर प्रतिबंध लगा दिया गया.बार-बार इस तरह का क़ानून बनाना, लोकप्रिय खेलों पर प्रतिबन्ध लगाने में कठिनाईयों को प्रदर्शित करता है.

राजा एडवर्ड II लन्दन में फुटबॉल के उपद्रव से इतने परेशान हो गए कि उन्होंने 13 अप्रैल, 1314 को एक फ़रमान जारी कर, इस पर प्रतिबन्ध लगा दिया: "मैदान में बड़ी फुटबॉल की गेंदों के पीछे धक्का-मुक्की होने के कारण शहर में काफ़ी शोर-शराबा होता है जिसके कारण ईश्वर ना करे किसी बुराई का उदय हो जाए: अतः हम राजा की तरफ़ से आदेश जारी करते हुए इस खेल पर प्रतिबंध की घोषणा करते हैं, भविष्य में इस खेल को खेलने वाले को कारावास की पीड़ा भुगतनी होगी".


12 जून, 1349 को इस खेल पर एडवर्ड III द्वारा लगाये गए प्रतिबंधों का कारण काफी सुस्पष्ट था: फुटबॉल और दूसरे मनोरंजन लोगों का ध्यान तीरंदाजी के अभ्यास से हटा देते है, जो युद्घ के लिए आवश्यक है. 1424 में, स्कॉट्लैंड की संसद ने फुटबॉल अधिनियम पारित करते हुए कहा कि it is statut and the king forbiddis that na man play at the fut ball under the payne of iiij d -दूसरे शब्दों में ,फुटबॉल को ग़ैर-क़ानूनी क़रार कर दिया गया और दंडनीय अपराध के तहत इस पर चार पेंस का हर्जाना रखा गया.


1608 से, मैनचेस्टर में स्थानीय अधिकारियों की शिकायत थी कि:"फुटबॉल के कारण मैनचेस्टर शहर में भयंकर उपद्रव की शिकायत आ रही है, हमें पता चला है कि खिड़कियों के शीशे लम्पट और उपद्रवी लोगों के दलों द्वारा तोड़े और नष्ट किए जा रहे हैं..." [१२]उसी वर्ष, शब्द "फुटबॉल" का प्रयोग विलियम शेक्सपियर ने निदंनीय स्वर में किया.

शेक्सपियर के नाटक किंग लीअर  में एक पंक्ति है: "और न घूमो, ऐ अधम फुटबॉल खिलाड़ी" (अंक I, दृश्य 4).

शेक्सपियर ने अपने नाटक कॉमेडी ऑफ़ एरर्स में भी इस खेल का उल्लेख किया है. (अंक II , दृश्य 1 ).


साँचा:Quote


अंग्रेज़ी शब्द "स्पर्ण" का शाब्दिक अर्थ है मार कर भगाना , इससे यह स्पष्ट होता है कि इस खेल में खिलाड़ी गेंद को आपस में पैर से मार कर भगाया करते थे.


हालांकि इंग्लैंड के राजा जेम्स I की पुस्तक बुक ऑफ़ स्पोर्ट्स (1618 ), ईसाईयों को प्रत्येक रविवार को प्रार्थना के बाद दोपहर में फुटबॉल खेलने के लिये निर्देशित करती है.

कट्टर शुद्धाचारियों के चंगुल से विश्राम दिवस को बाहर निकालना पुस्तक का उद्देश्य लगता है.[१३]


[१४]


[संपादित करें] आधुनिक नियमों की स्थापना

[संपादित करें] अंग्रेज़ी पब्लिक स्कूल

Searchtool.svg मुख्य लेख: English public school football games

जबकि फुटबॉल विभिन्न रूपों में पूरे ब्रिटेन में खेला जा रहा था, वहीं उसके पब्लिक स्कूलों (अन्य देशों में निजी स्कूलों के रूप में) को, व्यापक रूप से आधुनिक फुटबॉल के नियमों के निर्माण में चार मुख्य उपलब्धियों का श्रेय जाता है. सर्वप्रथम, साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि उन्होंने इस खेल को "भीड़" से निकाल कर एक सुनयोजित रूप में एक संघटित खेल का रूप दिया.दूसरा, फुटबॉल से संबंधित प्रारंभिक सन्दर्भों और विवरणों को इस स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों ने संकलित किया.तीसरा, इन स्कूलों के अध्यापकों, विद्यार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों ने फुटबॉल खेल के नियमों को सबसे पहले लिपिबद्ध किया, ताकि स्कूलों की आपस में प्रतियोगता हो सके. और अंत में, यहीं अंग्रेज़ी पब्लिक स्कूलों में ही "किक" और "रन" (या ढोना) के बीच का विभाजन पूर्ण रूप से स्पष्ट हुआ.


अंग्रेज़ी पब्लिक स्कूलों में फुटबॉल जैसे खेलों के खेलने का प्राचीनतम प्रमाण-मुख्यतः उच्च, मध्यम-उच्च और पेशेवर वर्ग के बच्चों द्वारा उपस्थित- 1519 में विलियम होर्मन कृत वुल्गारिया में मिलता है. होर्मन, एटन और विनचेस्टर कॉलेज में प्रधानाचार्य के पद पर आसीन रह चुके थे और उनकी लैटिन पाठ्यपुस्तक में मुहावरों के साथ अनुवाद के अभ्यास का समावेश है "We wyll playe with a ball full of wynde".[उद्धरण वांछित]


रिचर्ड मूलकास्टर, जो 16वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में एटन कॉलेज का विद्यार्थी था और बाद में अन्य अंग्रेजी स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्य कर चुका था, को "16 वीं शताब्दी में फुटबॉल का सबसे महान समर्थक" के रूप में वर्णन किया गया है. [१५]उसके योगदानों में है संगठित टीम फुटबॉल के सर्वप्रथम प्रमाण. मूलकास्टर के लेखन में दलों (पक्षों और समर्थकों ), स्थिति (अड्डा ), रेफरी (पक्षों का निर्णायक), और प्रशिक्षक ( प्रशिक्षण आचार्य) का वर्णन मिलता है. मूलकास्टर के "फुटबॉल" का विकास, पारंपरिक फुटबॉल के उग्र और अव्यवस्थित रूप से हुआ था.


साँचा:Quote


1633 में, डेविड वेडरबर्न, एबेरडीन में शिक्षक, ने लैटिन भाषा में अपनी छोटी-सी पुस्तिका "वोक्याबुला" में आधुनिक फुटबॉल खेलों के मूल तत्वों का उल्लेख किया है. वेडडरबर्न ने कुछ ऐसे उल्लेख किये हैं जिन्हे आधुनिक अंगेरजी में "गोल रक्षा" के रूप में अनुवाद किया गया है और गेंद पास करने का अप्रत्यक्ष संकेत दिया है ("यहां मारो"). वहां "गेंद पर पकड़ बनाओ" का उल्लेख मिलता है, जो इस बात की ओर संकेत करता है कि गेंद को हाथ से पकड़ने की थोड़ी-सी छूट थी.इससे यह स्पष्ट होता है कि नियमों के अर्न्तगत विरोधी दल के खिलाड़ियों पर धावा बोलना और उनकी धड़-पकड़ करने की अनुमति थी ("उस व्यक्ति को घसीट कर पीछे करो").[उद्धरण वांछित]


फुटबॉल का और भी विस्तृत वर्णन 1660 में, फ्रांसिस विलगबाय द्वारा लिखित पुस्तक बुक ऑफ़ गेम्स में मिलता है. [१६]विलगबाय, जिन्होंने अपनी पढ़ाई सुट्टन कोल्डफील्ड स्कूल से की थी, पहला व्यक्ति था जिसने पहली बार गोल और खेलने के लिए पृथक मैदान का वर्णन किया: "एक घिरा क्षेत्र जिसके दोनों छोर पर प्रवेशद्वार थे.इन फाटकों को गोल कहा जाता है".उनकी क़िताब में एक रेखा-चित्र है, जो फुटबॉल मैदान को स्पष्ट रूप से चित्रित करता है.यहां वह कौशल :("गोल की रक्षा के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को वहां रखते हुए") गोल करने का तरीक़ा ("ताकि वे विरोधी पक्षों के बीच से गेंद को मार कर जीत के लिए पहला गोल कर सकें") और टीम चयन में अपनाई गई पद्धति का जिक्र करते हैं (खिलाड़ियों को उनकी दक्षता और ताक़त के आधार पर बराबर विभाजित किया जाता था).फुटबॉल के "नियम" का जिक्र करने वाले वह पहले व्यक्ति थे. "वे गेंद के ऊपर से प्रहार [विरोधी के पैर] नहीं कर सकते हैं".[उद्धरण वांछित]


अंग्रेज़ी पब्लिक स्कूलों ने ही फुटबॉल खेल के नियमों को पहली बार संहिताबद्ध किया ( विशेष रूप से एटन (1815 )[१७] और एलडेनहम ( 1825 )[१७] ) उन्होंने ही सबसे पहले 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ऑफसाइड के नियमों का आविष्कार किया. [१८]नियमों के प्रारंभिक रूपों में खिलाड़ी अगर गेंद और गोल के मध्य खड़ा हो जाए, जो उनका लक्ष्य होता था, तो उसे "ऑफ देअर साइड" या अपनी दिशा से पृथक मान लिया जाता था. खिलाड़ियों को अपने पैर या हाथ से गेंद को आगे धकेलने की अनुमति नहीं होती थी.वे अपने पांवों से गेंद को उछाल सकते थे, या स्क्रम या उस जैसी बनावट बना कर गेंद को आगे बढ़ा सकते थे. हालांकि ऑफ-साइड नियमों में भिन्नता आने लगी और प्रत्येक स्कूलों में यह अलग ढंग से विकसित होने लगा, जैसा कि 1810-1850 की अवधि के बीच विनचेस्टर, रग्बी, हारो और चेलटेनहम के नियमों से पता चलता है.

[१८]


19वीं सदी के पूर्व में(कारखाना अधिनियम 1850 से पहले)ब्रिटेन के ज्यादातर मजदूर वर्गों को दिन में बारह घंटा और सप्ताह में छह दिन काम करना पड़ता था.मनोरंजन के लिए खेल में भाग लेने के लिए उनके पास ना तो वक़्त ही था और ना ही रुझान, और उस वक़्त बहुत से बच्चे भी श्रम-शक्ति का हिस्सा थे. सड़कों पर उत्सव दिवस पर खेले जाने वाले फुटबॉल का ह्रास हो रहा था.पब्लिक स्कूल के लड़के, जिन्हें काम से कुछ राहत प्राप्त थी, संघटित फुटबॉल और उसके औपचारिक नियम संहिताओं के अविष्कारक बन गए.


फुटबॉल को अनेक पब्लिक स्कूलों द्वारा प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए तथा युवाओं को तंदरुस्त बनाए रखने के लिए अपनाया गया. प्रत्येक स्कूल, नियमों का एक अपना मसौदा तैयार करता था, जो दूसरे स्कूलों से काफी भिन्न था और जिसमें कुछ समय पर नए बच्चों की भर्ती के साथ बदलाव किया जाता था.नियमों के सन्दर्भ में दो शाखाओं का उदय हुआ.एक शाखा के लोग गेंद को हाथ से उठा कर (जैसा कि रग्बी, मार्लबोरफ, और चेलटनहम में) ले जाने के पक्ष में थे, तो वहीं दूसरी शाखा के लोग गेंद को लात से मार कर तथा उछाल कर भागने पर तरजीह देते थे (जैसा कि ईटन, हारो, वेस्टमिनिस्टर, और चार्टरहाउस में). इन दोनों शिविरों में भिन्नता का आंशिक कारण वे परिस्थितियां थीं, जिनमें ये खेल खेले जाते थे. उदाहरण के लिए, उस वक्त चार्टरहाउस और वेस्टमिन्स्टर के पास खेलने के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र थे; लड़कों को स्कूल के प्रतिबंधित और एकांत परिसर में खेलना पड़ता था, जिससे उन्हें उग्र रूप अपनाने और उलट-पुलट कर भाग-दौड़ करने में कठिनाई होती थी.[उद्धरण वांछित]


रग्बी स्कूल

विलियम वेब एलिस, रग्बी स्कूल का एक छात्र, के विषय में कहा जाता था कि "फुटबॉल, जैसा कि उसके समय खेला जाता था , के नियमों के प्रति अपनी सूक्ष्म अवहेलना के कारण [जोर देते हुए], गेंद को पहले अपनी बाहों में लिया और दौड़ पड़ा, और इस तरह रग्बी के विशिष्ट लक्षणों का अविष्कार हुआ," 1823 में .

इस घटना को रग्बी फुटबॉल का प्रारंभ कहा जाता है, लेकिन इसके घटित होने के बहुत कम सबूत उपलब्ध हैं, और अधिकतर खेल इतिहासकार इस कहानी को मनगढंत मानते हैं.

"गेंद को बाहों में लेने" की घटना को अक्सर "गेंद को उठाने" के अर्थ में समझा जाता है, जैसा कि यह व्यापक रूप से माना जाता है कि वेब एलिस का 'अपराध' गेंद उठाने जैसा था जैसा कि आधुनिक सॉकर में होता है, हालांकि समय पर गेंद को उठाने की अनुमति भी थी और कुछ स्थितियों  में अनिवार्य भी, [१९] वेब एलिस जिस नियम की   अवहेलना कर  रहा था वह था रनिंग फॉरवर्ड विद इट  जिसका मतलब है गेंद के साथ आगे दौड़ना, क्योंकि उसके समय में खिलाड़ियों को या तो पीछे हटने कि अनुमति थी या तो आगे की ओर किक करने की.  

1840 के दौरान ब्रिटेन में रेल यातायात में तेजी से विकास होने के कारण लोग पहले की अपेक्षा दूर की यात्रा कम असुविधा में तय कर पा रहे थे. अंतर विद्यालयीय खेल प्रतियोगिता खेलना संभव हो सका.

 हालांकि स्कूलों का आपस में फुटबॉल खेलना थोड़ा मुश्किल था, क्योंकि प्रत्येक स्कूल के अपने-अपने नियम थे.इस समस्या का  समाधान करने के  लिये मैच को दो भागों में विभाजित कर दिया जाता था, पहले भाग का खेल घरेलू  मेजबान स्कूल के नियमों के अनुरूप  होता था तो दूसरे भाग का खेल मेहमान स्कूल के नियमानुसार.


रग्बी फुटबॉल के अतिरिक्त, पब्लिक स्कूल नियमों का उपयोग विद्यालय परिसर में स्थित खेल मैदानों के बाहर नाम-मात्र का होता था.हालांकि, उनमें से कई आज भी उन स्कूलों में खेले जाते हैं जहां उनका जन्म हुआ था.(UK में जीवित स्कूल खेलों को देखने के लिए नीचे देखें).


[संपादित करें] प्रथम

[संपादित करें] क्लब
Searchtool.svg मुख्य लेख: Oldest football clubs


फुटबॉल खेलने के लिए समर्पित खेल क्लबों कि शुरूआत 18वीं शताब्दी में हुई, उदाहरण के लिए लन्दन की जिमनासटिक सोसाइटी की स्थापना 19वीं शताब्दी के मध्य में हुई थी और 1796 में उसने मैच खेलना बंद कर दिया.[२०][२१] पहला प्रलेखित क्लब जिसे "फुटबॉल क्लब" कहा गया वह स्कॉट्लैंड में स्थित एडिनबर्ग में 1824 - 41 में था.

[२२][२३]इस क्लब ने ट्रीपिंग पर प्रतिबंध लगा रखा था, लेकिन धक्का मारने और पकड़ने और गेंद को उठाने की अनुमति दे रखी थी.[२४]


दो क्लब जो दुनिया में मौजूद सबसे पुराना फुटबॉल क्लब होने का दावा करते है, क्लब के रूप में जो किसी स्कूल या विश्वविद्यालय का हिस्सा नहीं हैं, रग्बी फुटबॉल का मजबूत गढ़ हैं: बार्नस क्लब, कहा जाता है कि इसकी स्थापना 1839 में हुई, और गाईस हास्पिटल फुटबॉल क्लब की, 1843 में. फुटबॉल की तिथि और न ही उसके प्रकारों का कोई लिखित प्रमाण है, तथापि ऐसे दावे दूसरे आधुनिक नियमों के उद्गम से पहले रग्बी की लोकप्रियता का संकेत देते हैं.


1845 में, रग्बी स्कूल के तीन लड़कों को स्कूल में उस वक़्त प्रचलित नियमों को संहिताबद्ध करने का काम सौंपा गया.यह फुटबॉल के किसी भी रूप के लिए लिखा गया पहला लिखित नियम (या कोड) था. [२५]इसने रग्बी खेल के प्रसार में और सहायता की.उदाहरण के लिए, डबलिन विश्वविद्यालय फुटबॉल क्लब- जिसकी स्थापना ट्रिनिटी महाविद्यालय, डबलिन में 1854 में हुई और बाद में जिसकी प्रसिद्धि रग्बी स्कूल गेम के प्रसिद्ध गढ़ के रूप में हुई- दुनिया की किसी भी विधि- संग्रहों में वर्णित सबसे प्राचीन प्रलेखित फुटबॉल क्लब है


[संपादित करें] प्रतियोगिताएं
Searchtool.svg मुख्य लेख: Oldest football competitions

काफी लंबे समय से चले आ रहे फुटबॉल फिक्सचरों में एक है कॉर्डनर- एगलसटन कप, जो प्रत्येक वर्ष 1858 से, मेलबॉर्न ग्रामर स्कूल और स्कॉच कॉलेज, मेलबॉर्न के मध्य खेला जा रहा है. ज्यादातर लोग इसे ऑस्ट्रेलियाई रूल फुटबॉल का प्रथम मैच मानते हैं, यद्यपि प्रथम वर्ष, इसे प्रयोगात्मक नियमों के अर्न्तगत खेला गया.

फुटबॉल का पहली पारितोषिक खेल प्रतियोगिता, मेलबॉर्न के रॉयल कैलीडोनियन सोसाइटी द्वारा प्रदत्त कैलीडोनियन चैलेन्ज कप थी, जिसे 1861 में मेलबॉर्न नियमों के तहत खेला गया.

[२६]फुटबॉल का सबसे प्राचीन लीग है, रग्बी फुटबॉल प्रतियोगिता, यूनाइटेड हास्पिटल्स चैलेन्ज कप (1874 ), जबकि रग्बी की सबसे पुरानी ट्राफी है रग्बी लीग चैलेन्ज कप (1897 ). दक्षिण ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल एसोसिएशन (30 अप्रैल 1877), ऑस्ट्रेलियाई रूल फुटबॉल प्रतियोगिता का सबसे पुराना विद्यमान रूप है. सबसे प्राचीन विद्यमान सॉकर ट्राफी, यूडन कप (1867) है और सबसे पुरानी राष्ट्रीय सॉकर प्रतियोगता इंग्लिश FA कप (1871 )है. द फुटबॉल लीग (1888) को सबसे लम्बे समय से चले आ रहे एसोसिएशन फुटबॉल लीग के रूप में मान्यता प्राप्त है."कभी भी" सब से पहली अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगता इंग्लैंड और स्कॉट्लैंड का प्रतिनिधित्व कर रहे दलों द्वारा 5 मार्च 1870 में द ओवल में FA के तत्वाधान में खेली गई. प्रथम अंतरराष्ट्रीय रग्बी 1871 में संपन्न हुई.


[संपादित करें] आधुनिक गेंदें
Searchtool.svg मुख्य लेख: football (ball)


माना जाता है कि रिचर्ड लिनडऑन (1880 में दिखे) ने रबर ब्लाडर्स से पहले-पहल फुटबॉल का आविष्कार किया था.

यूरोप में, आरंभिक फुटबॉल, पशुओं के ब्लैडर से बनते थे, और विशेष रूप से सुअर के ब्लैडर से, जिसे फुलाया जाता था.

बाद में गेंद को अपने आकार में बनाए रखने के लिए चमड़े की खोल पेश की गई.[२७]हालांकि, 1851 में रिचर्ड लिंडन और विलियम गिल्बर्ट ने, दोनों रग्बी के शहर में जूते बनाने वाले (स्कूल के पास), गोल और अंडाकार गेंद, दोनों को लंदन के ग्रेट एक्ज़िबिशन में प्रर्दशित किया.रिचर्ड लिंडन की पत्नी सुअर का ब्लैडर फुलाने के कारण फेफड़ों की बीमारी से मरी.[२८]लिंडन ने "फुलाया जाने वाला रबड़ ब्लैडर" और "पीतल का हस्त-पंप" के आविष्कार के लिए पदक भी जीते .


1855 में, U.S. आविष्कारक चार्ल्स गुडइयर ने - जिन्होंने वल्कनीकृत रबड़ का पेटेंट कराया था - पेरिस "यूनिवरसेले प्रदर्शनी" में एक गोल फुटबॉल का प्रदर्शन किया, जिसका बाह्य, वल्कनीकृत रबड़ पैनल का था.गेंद को अमेरिका में फुटबॉल के प्रारंभिक रूपों में लोकप्रिय साबित होना था.[२९]


[संपादित करें] गेंद पास की आधुनिक युक्तियां
Searchtool.svg मुख्य लेख: Passing (association football)

"वैज्ञानिक" फुटबॉल सर्वप्रथम 1839 में लंकाशायर[३०] से दर्ज की गई है और रग्बी में, 1862 से आधुनिक खेल में [३१] और 1865 से ही शेफ़ील्ड FC से [३२][३३]. 1869/70 में रॉयल इंजीनियर्स AFC, पास संयोजन खेल खेलने वाला प्रथम पक्ष था[३४][३५][३६] 1869 तक वे लोग "एक साथ अच्छा कर रहे थे", "समर्थन दे रहे थे" और "सहयोग" से लाभान्वित हो रहे थे[३७]. 1870 तक इंजीनियर गेंद को पास कर रहे थे: "Lieut. क्रेसवेल ने गेंद को आगे की ओर लाकर मध्य में अपने पक्ष के दूसरे व्यक्ति को दे दिया, जिसने समय ख़त्म होने से पहले ही उसे पोस्ट में किक कर दिया"[३८] पासिंग उनकी शैली की एक नियमित विशेषता थी[३९] 1872 में इंजीनियर्स पहली फुटबॉल टीम थी जो "खूबसूरती के साथ एक इकट्ठे खेलने" के लिए प्रसिद्ध थी[४०] एक डबल पास करने की सर्वप्रथम सूचना मार्च 1872 में नॉटिंघम फॉरेस्ट के खिलाफ़ डर्बी स्कूल से मिली है, जिसमें पहला निस्संदेह एक शॉर्ट पास है: "मिस्टर एब्से ने गेंद को मैदान की आधी लंबाई तक छकाते हुए गेंद वालिस को दे दी, जिसने चालाकी से गोल के सामने उसे किक कर के कप्तान तक पहुंचा दिया, जिसने तुंरत उस गेंद को नॉटिंघम पोस्ट के बीच घुसा दिया"[४१] वह प्रथम पक्ष, जिसने सर्वप्रथम आधुनिक गठन को बेहतर किया कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय AFC[४२][४३][४४] था और उसने 2-3-5 "पिरामिड" गठन प्रस्तुत किया[४५][४६].


[संपादित करें] केम्ब्रिज नियम

Searchtool.svg मुख्य लेख: Cambridge rules

1848 में, केम्ब्रिज विश्वविद्यालय में , मिस्टर एच. डे विन्टन और मिस्टर जे.सी. थ्रिंग ने, जो दोनों पूर्व में श्र्युसबेरी स्कूल में थे, ईटन, हैरो, रग्बी, विनचेस्टर और श्र्युसबेरी के 12 अन्य प्रतिनिधियों के साथ ट्रिनिटी कॉलेज, केम्ब्रिज में एक सभा बुलाई. एक आठ घंटे की बैठक ने आधुनिक नियमों का पहला सेट प्रस्तुत किया, जिसे केम्ब्रिज रूल्स के रूप में जाना गया.इन नियमों की कोई प्रति अब नहीं है, पर लगभग 1856 से एक संशोधित संस्करण श्र्युसबेरी स्कूल के पुस्तकालय में रखा है.इन नियमों ने स्पष्ट रूप से इस किक खेल का समर्थन किया.हैंडलिंग केवल क्लीन कैच लेने के लिए खिलाड़ियों के लिए मान्य थी, जो उन्हें फ़्री किक का हक़ देती थी और वहां एक आदिम ऑफ़-साइड नियम था, जो खिलाड़ी को विरोधी पक्ष के गोल के आस-पास मंडराने से मना करता था. केम्ब्रिज नियमों को अंग्रेज़ी पब्लिक स्कूलों और विश्वविद्यालयों के बाहर व्यापक रूप से नहीं अपनाया गया (लेकिन इसने विवादित रूप से सामुदायिक फुटबॉल के नियम बनाने के लिए जिम्मेदार फुटबॉल संघ समिति के सदस्यों पर सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव डाला).


[संपादित करें] शेफ़ील्ड नियम

Searchtool.svg मुख्य लेख: Sheffield rules

1850 दशक के पूर्वार्ध में, फुटबॉल के विभिन्न कोड खेलने के लिए, अंग्रेज़ी भाषी देशों में कई फुटबॉल क्लबों का गठन हुआ.नथेनिअल क्रेसविक और विलियम प्रेस्ट द्वारा 1857 में शेफ़ील्ड के अंग्रेज़ शहर में जिस शेफ़ील्ड फुटबॉल क्लब की स्थापना की गई थी, उसे बाद में सामुदायिक फुटबॉल खेलने वाले विश्व के सबसे पुराने क्लब के रूप में पहचान मिली.[४७] हालांकि, शुरू में यह क्लब, फुटबॉल का अपना ही कोड खेलता था: शेफ़ील्ड रूल यह कोड बड़े पैमाने पर सरकारी स्कूल के नियमों से स्वतन्त्र था, सबसे महत्वपूर्ण अंतर एक ऑफ़-साइड नियम की कमी थी.


कोड कई खोजों के लिए जिम्मेदार था, जो बाद में सामुदायिक फुटबॉल में प्रसरित हो गए.इनमें शामिल है फ़्री किकसाँचा:Dn, कॉर्नर किक, हैंडबाल, थ्रो-इन्स और क्रॉसबार.[४८]1870 के दशक तक उत्तरी और मध्य इंग्लैंड में वे प्रमुख कोड बन गए.इस समय तक लंदन और शेफ़ील्ड FA, दोनों ही के द्वारा नियम परिवर्तनों की एक श्रृंखला ने धीरे-धीरे दोनों खेलों के बीच के मतभेदों को कम कर दिया, जब तक कि 1877 में एक सर्वनिष्ठ कोड नहीं अपना लिया गया.


[संपादित करें] ऑस्ट्रेलियाई नियम

चित्र:Australianfootball1866.jpg
रिचमोंड पड्डोक, मेल्बौर्न में 1866 में एक ऑस्ट्रेलियाई रुल फुटबॉल मैच. (रॉबर्ट ब्रूस द्वारा लकड़ी पर उत्कीर्ण कृति.)
Searchtool.svg मुख्य लेख: Australian rules football
इन्हें भी देखें: Origins of Australian rules football

विक्टोरियन गोल्ड रश के दौरान ऑस्ट्रेलिया में फुटबॉल के विभिन्न रूप खेले जाते थे, जिनमें से एक भिन्न और लोकप्रिय स्थानीय खेल उभरा.जबकि ये उत्पत्तियां अभी भी काफ़ी विवादित हैं, लोकप्रिय कोड, जिसे वर्तमान ऑस्ट्रेलियाई रूल्स फुटबॉल के रूप में जाना जाता है, उसका श्रेय टॉम विल्स को जाता है.


विल्स ने 10 जुलाई, 1858 को बेल्स लाइफ इन विक्टोरिया एंड स्पोर्टिंग क्रॉनिकल को, क्रिकेटरों को सर्दियों के दौरान फिट रखने के लिए "कानून के कोड" सहित एक "फुट-बॉल क्लब" की मांग रखते हुए एक पत्र लिखा[४९].इतिहासकारों द्वारा इसे नए खेल के निर्माण में एक निर्धारक क्षण माना जाता है. प्रचार और व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से विल्स, मेलबोर्न में फुटबॉल मैच निर्देशित कर सके, जिसमें विभिन्न नियमों के साथ प्रयोग किया गया[५०], और जिसका पहला प्रलेखित खेल 31 जुलाई, 1858 को हुआ. 7 अगस्त 1858 को, विल्स ने मेलबॉर्न ग्रामर स्कूल और स्कॉच कॉलेज के बीच स्कूल छात्रों के अपेक्षाकृत अच्छी तरह से प्रलेखित मैच की अम्पायरिंग की.इन मैचों के बाद आयोजित फुटबॉल मैचों की लोकप्रियता में तेजी से वृद्धि हुई.


विल्स और अन्य ने, जो इन प्रारंभिक मैचों में शामिल थे, 17 मई, 1859 को मेलबॉर्न फुटबॉल क्लब का गठन किया (सबसे पुराना जीवित ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल क्लब). प्रथम सदस्यों में शामिल हैं विल्स, विलियम हैमरस्ले, जे.बी. थॉम्प्सन और थॉमस एच. स्मिथ.उन्होंने इस इरादे से मुलाकात की कि नियमों का ऐसा सेट बने जो अन्य क्लबों द्वारा व्यापक रूप से अपनाया जाए.


मूल नियम निर्माताओं की पृष्ठभूमि, नियमों पर प्रभाव के रूप में रोचक अटकलों को जन्म देती हैं.विल्स ने, जो ऑस्ट्रेलियाई कनविक्ट विरासत के थे, इंग्लैंड में शिक्षा पाई थी.वे एक रग्बी फुटबॉल खिलाड़ी, और एक क्रिकेट खिलाड़ी थे तथा स्वदेशी ऑस्ट्रेलियाई लोगों से उनके मजबूत संबंध थे.प्रारंभ में वे रग्बी स्कूल नियमों को लागू करना चाहते थे.हैमरस्ले एक क्रिकेटर और पत्रकार थे, जो इंग्लैंड से प्रवासित थे.थॉमस स्मिथ एक स्कूल शिक्षक थे, जो आयरलैंड से प्रवासित थे.समिति के सदस्यों ने अंग्रेजी पब्लिक स्कूल गेम सहित कई नियमों पर बहस की. फुटबॉल के अन्य रूपों में मौजूद समान पहलुओं को शामिल करने के बावजूद, किसी एक प्रभाव को इंगित करने के लिए कोई निर्णायक सबूत नहीं है. इसके बजाय, समिति ने ऐसे खेल पर मुहर लगाई जो ऑस्ट्रेलियाई स्थितियों के साथ अधिक अनुकूल था और विल्स की यह घोषणा प्रलेखित है कि "नहीं, हमारा अपना एक खेल होना चाहिए". [५१]मार्क, फ़्री किक, टैकलिंग, ऑफ़-साइड नियम की कमी और यह कि गेंद फेंकने के लिए खिलाड़ियों को विशेष रूप से दंड भुगतना पड़ता था, इन सभी की व्यापकता के कारण कोड विशिष्ट था.


मेलबॉर्न फुटबॉल नियमों को व्यापक रूप से वितरित किया गया और धीरे-धीरे दूसरे विक्टोरियन क्लबों द्वारा अपनाया गया.1860 दशक के दौरान, अन्य प्रभावशाली विक्टोरियन फुटबॉल क्लब के नियमों को समायोजित करने के लिए वे मसौदे को कई बार तैयार कर रहे थे.1866 में एच.सी.ए. हैरिसन समिति द्वारा गीलॉन्ग फुटबॉल क्लब के नियमों को समायोजित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पुनर्लेखन ने खेल को अन्य कोडों से काफ़ी हद तक भिन्न बनाया, जिसे "विक्टोरियन रुल" के नाम से जाना जाता है.इसमें क्रिकेट मैदान, एक रग्बी बॉल, विशेष गोल और पश्च पोस्ट, दौड़ते समय गेंद के साथ उछाल और बाद में शानदार उच्च अंकन का प्रयोग किया गया.फुटबॉल का यह रूप जल्दी ही अन्य ऑस्ट्रेलियाई कालोनियों में फैल गया. प्रथम विश्व युद्ध के बाद दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया में इस कोड में महत्वपूर्ण गिरावट की अवधि का अनुभव किया गया, मगर उसके बाद शौकिया स्तर पर विश्व के अन्य भागों में वृद्धि हुई और ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल लीग एक प्रमुख व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के रूप में उभरी.


[संपादित करें] फुटबॉल संघ

पहला अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल, स्कॉटलैंड बनाम इंग्लैंड. रग्बी फुटबॉल संघ द्वारा एक बार रग्बी फुटबॉल के एक आरंभिक उदाहरण के रूप में रखा गया.
Searchtool.svg मुख्य लेख: The Football Association#History

1860 के दशक की शुरूआत में इंग्लैंड में विभिन्न पब्लिक स्कूल खेलों को एकीकृत करने और सामंजस्यता बढ़ाने के प्रयास तेज़ हो रहे थे.1862 में, जे.सी. थ्रिंग, जो मूल केम्ब्रिज रुल के प्रणेता रहे, उपिन्घम स्कूल में एक मास्टर थे और उन्होंने स्वयं के नियम जारी किए, जिसे उन्होंने "सबसे सरल खेल" कहा (इन्हें उपिन्घम रुल के रूप में भी जाना जाता है)अक्तूबर 1863 के प्रारंभ में केम्ब्रिज रुल का एक और नया संशोधित संस्करण बना, जिसे हैरो, श्र्युसबरी, ईटन, रग्बी, मार्लबोरो और वेस्टमिंस्टर के पूर्व विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व करने वाली सात सदस्यीय समिति ने बनाया.


फ्रीमेसंस की सराय, ग्रेट क्वीन स्ट्रीट, लंदन में 26 अक्टूबर, 1863 की शाम को, लंदन महानगर क्षेत्र के कई फुटबॉल क्लबों के प्रतिनिधी, द फुटबॉल एसोसिएशन (FA) के उद्घाटन बैठक के लिए एकत्र हुए. संघ का उद्देश्य, एक एकीकृत कोड स्थापित करना और अपने सदस्यों के बीच खेल को संचालित करना था.पहली बैठक के बाद पब्लिक स्कूलों को संघ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया.चार्टरहाउस और उपिन्घम को छोड़ कर सभी ने मना कर दिया. कुल मिलाकर अक्तूबर और दिसंबर 1863 के बीच FA की छह बैठकें आयोजित हुईं.तीसरी बैठक के बाद, नियमों का एक प्रारूप सेट प्रकाशित किया गया.हालांकि, चौथी बैठक की शुरुआत में, हाल ही में प्रकाशित 1863 के केम्ब्रिज रुल की ओर ध्यान खींचा गया.केम्ब्रिज रुल, FA मसौदे से दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अलग थे; गेंद के साथ भागना (पकड़ना) और हैकिंग (विरोधी खिलाड़ियों की अग्र जंघा में किक मारना) . दो विवादास्पद FA नियम निम्न हैं:


साँचा:Quote


पांचवीं बैठक में इन दो नियमों को हटाया जाना प्रस्तावित था. अधिकांश प्रतिनिधियों ने इसका समर्थन किया, लेकिन एफ़.एम. कैम्पबेल ने आपत्ति की, जो ब्लैकहीथ के प्रतिनिधि थे.उन्होंने कहा:"हैकिंग सच्ची फुटबॉल है." हालांकि, गेंद को हाथ में लेकर भागने और हैकिंग को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव हासिल हो गया और ब्लैकहीथ FA से बाहर हो गए. 8 दिसम्बर की अंतिम बैठक के बाद FA ने "लॉज़ ऑफ़ फुटबॉल" प्रकाशित किया, जो इस खेल के लिए, जिसे बाद में फुटबॉल के नाम से जाना गया, नियमों का पहला व्यापक सेट था.


प्रथम FA नियम में अब भी ऐसे तत्व निहित हैं जो सामुदायिक फुटबॉल का अब हिस्सा नहीं हैं, पर जो अभी भी अन्य खेलों (विशेष रूप से ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल) में देखे जा सकते हैं: उदाहरण के लिए, एक खिलाड़ी एक फेयर कैच बना सकता है और एक मार्क का दावा कर सकता है, जो उसे एक फ़्री किक का हकदार बनाती है; और अगर एक खिलाड़ी, विरोधियों की गोल रेखा के पीछे गेंद को छूता है, तो उसके पक्ष को गोल रेखा के सामने 15 गज (13.5 मीटर) से गोल में एक फ़्री किक का मौका मिलता है.


[संपादित करें] रग्बी फुटबॉल

Searchtool.svg मुख्य लेख: Rugby football
चित्र:Football London Ilustrated News.gif
1871 में एक रग्बी स्क्रम.

ब्रिटेन में, 1870 के आस-पास, क़रीब 75 क्लबों में रग्बी स्कूल गेम के रूपांतर खेले जा रहे थे. "आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और न्यूजीलैंड में "रग्बी" क्लब भी थे. हालांकि, 1871 तक रग्बी के लिए आम तौर पर नियम के कोई मान्य सेट नहीं थे, जब तक कि लंदन के 21 क्लब, रग्बी फुटबॉल यूनियन (RFU) बनाने के लिए एकत्र हुए.विडंबना यह थी कि ब्लैकहीथ अब हैकिंग को प्रतिबंधित करने के लिए पैरवी करने लगे.साँचा:POV-statement प्रथम आधिकारिक RFU नियमों को जून 1871 में अपनाया गया.इन नियमों ने गेंद को पास करने की अनुमति दी. उन्होंने ट्राई को भी शामिल किया, जिसमें रेखा पर गेंद को छूने से गोल पर एक प्रयास की अनुमति मिलती थी, तथापि मार्क से ड्रॉप-गोल और सामान्य खेल, और पेनाल्टी रूपांतरण अभी भी स्पर्धा के मुख्य रूप थे.



[संपादित करें] रग्बी लीग
Searchtool.svg मुख्य लेख: History of Rugby league

1895 में, RFU के सदस्यों के बीच विवाद ने एक अलग गुट को जन्म दिया, जिसके अपने नियम और प्रतियोगिताएं थीं.समय के साथ इसका विकास फुटबॉल के एक पृथक कोड के रूप में हुआ, जिसे रग्बी लीग के नाम से जाना जाता है.


[संपादित करें] उत्तर अमेरिकी फुटबॉल कोड

साँचा:Citations missing

Searchtool.svg मुख्य लेख: History of American football


जैसा कि ब्रिटेन के मामले में था, 19वीं सदी की शुरुआत में, उत्तरी अमेरिका के स्कूल और विश्वविद्यालय, छात्रों से बने दो किनारों के बीच अपना स्थानीय खेल खेलते थे. न्यू हैम्पशायर के डार्टमाउथ कॉलेज में छात्र 1820 से ही, ओल्ड डिवीज़न फुटबॉल नाम का खेल खेलते थे, जो सामुदायिक फुटबॉल कोड का एक प्रकार था,


दि "टाइगरस् " ऑफ़ हैमिल्टन, ओंटारियो, सिरका 1906 . हैमिल्टन फुट बॉल क्लब के रूप में 1869 में स्थापित, अंततः हैमिल्टन फ्लाइंग वाइल्डकैट्स के साथ मिलकर हैमिल्टन टाइगर-कैट्स बना जो अब तक कनाडाई फुटबॉल लीग में सक्रिय है. [101]

कहा जाता है, कनाडा में रग्बी का पहला खेल, मॉन्ट्रियल में 1865 के दौरान हुआ, जब ब्रिटिश सेना के अधिकारी, स्थानीय नागरिकों के साथ खेले.धीरे-धीरे इस खेल के समर्थक बढ़ते गए और कनाडा में पहला प्रलेखित फुटबॉल क्लब, मॉन्ट्रियल फुटबॉल क्लब का गठन 1868 में हुआ.


1869 में, संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रिंसटन और रुटगर्स के बीच FA कोड पर आधारित पहला खेल हुआ .इसे अक्सर कॉलेज फुटबॉल का पहला अमेरिकी खेल माना जाता है, कॉलेजों के बीच एक खेल के रूप में (हालांकि अमेरिकी फुटबॉल का अंतिम रूप रग्बी से आया, ना कि सामुदायिक फुटबॉल से).


आधुनिक अमेरिकी फुटबॉल, मॉन्ट्रियल के मैक्गिल विश्वविद्यालय और हार्वर्ड विश्वविद्यालय के बीच 1874 में खेले गए एक मैच से विकसित हुआ है.खबर के अनुसार, उस समय हारवर्ड छात्रों ने U.S. विश्वविद्यालय द्वारा समर्थित FA-आधारित किक गेम की बजाय बॉस्टन गेम खेला - एक रनिंग कोड. इससे हारवर्ड के लिए मैकगिल द्वारा खेले जाने वाले रग्बी आधारित खेल के साथ अनुकूलित होना आसान हो गया और दोनों टीमों ने अपने नियमों के संबंधित सेट की अदला-बदली की.कुछ ही वर्षों में, लेकिन, हार्वर्ड ने मैकगिल के रग्बी नियमों को तो अपनाया ही, साथ ही अन्य अमेरिकी विश्वविद्यालय टीमों को भी ऐसा करने के लिए मनाया.1876 में, मसासोइट सम्मेलन में, ये विश्वविद्यालय, कुछ रूपांतरों के साथ, रग्बी फुटबॉल संघ के नियमों को अपनाने के लिए सहमत हो गए.हार्वर्ड और उसके प्रतिस्पर्धियों के रग्बी आधारित नियमों को अपनाने से कुछ साल पहले तक प्रिंसटन, रूटगर्स और दूसरों ने, सॉकर-आधारित नियमों का प्रयोग कर स्पर्धा करना जारी रखा.

प्रारंभिक बीसवीं सदी तक, U.S. कॉलेज, आम तौर पर सॉकर की ओर वापस नहीं आए.


रुटगर्स कॉलेज फुटबॉल टीम, 1882

1880 में, येल प्रशिक्षक वाल्टर कैम्प ने, अमेरिकी गेम में कई प्रमुख परिवर्तनों की एक योजना तैयार की.रग्बी फुटबॉल गेम से अमेरिकी फुटबॉल को पृथक स्थापित करने वाले कैम्प के दो सबसे महत्वपूर्ण बनाए गए नियम, जिन पर वह आधारित है, स्क्रिमेज और डाउन-एंड-डिस्टेंस नियम हैं.


स्क्रिमेज का तात्पर्य है, जमीन से दूसरे खिलाड़ी के हाथ पर गेंद को उपलब्ध कराते हुए कार्रवाई शुरू करना.कैम्प का मूल नियम इस प्रदान को सिर्फ़ पैरों से करने की अनुमति देता था; जल्दी ही इस नियम को हाथ से गेंद पारित करने की अनुमति देने में बदल दिया गया.इस नियम ने एक अलग स्क्रिमेज की लाइन की स्थापना की, जो दोनों टीमों को विभाजित करती है.जब एक खिलाड़ी को टैकल किया जाता है, तो उसे डाउन घोषित करते हैं और खेल रुक जाता है, जबकि टीमें स्क्रिमेज की रेखा के दोनों तरफ पुनः एकत्रित होती हैं. गेंद के वितरण के साथ ही खेल पुनः शुरू होता है.टीमों को एक निश्चित दूरी (हमेशा यार्ड में मापन) प्राप्त करने के लिए एक सीमित संख्या में डाउन दिए जाते हैं. अमेरिकी फुटबॉल में गेंद को दस गज दूर ले जाने के लिए टीमों को चार डाउन दिए जाते हैं, जिसके बाद गेंद पर अधिकार बदल जाता है.कनाडाई फुटबॉल में, टीमों को दस यार्ड बढ़ने के लिए तीन डाउन की अनुमति दी गई है. इन नियमों ने उत्तरी अमेरिकी कोड और रग्बी कोड के बीच एक मौलिक अंतर निर्मित किया. रग्बी अभी भी मूल रूप से एक सतत-भिड़ंत खेल है, जबकि उत्तरी अमेरिकी कोड असतत चलने वाले "खेल" के इर्द-गिर्द रचित हैं, जिसकी परिभाषा है, स्क्रिमेज से गेंद के प्रदान से शुरू होकर "डाउन" के साथ समाप्त हो जाती है.


अपने प्रारंभिक वर्षों में, अमेरिकी फुटबॉल एक अत्यधिक हिंसक खेल था, जो हर साल कई मौतों और जीवन परिवर्तित कर देने वाली चोटों से ग्रसित था.हिंसा इतनी प्रचंड हो गई कि राष्ट्रपति थिओडोर रूजवेल्ट ने 1905 में हिंसा को कम करने के लिए नियमों को परिवर्तित नहीं किए जाने की स्थिति में इस खेल को बंद करने की धमकी दी.उस वर्ष कई नियम परिवर्तन किए गए, लेकिन सबसे ज्यादा दृढ़ था वैध फॉरवर्ड पास, जिसने कैम्प के 1880 के दशक के नियम परिवर्तनों की तरह, इस खेल के स्वरूप को मौलिक रूप से बदल दिया.गेंद को आगे की तरफ फेंकना जब क़ानूनी हो गया, तो गेंद को आगे बढ़ाने का एक पूरा नया तरीक़ा उभरा. परिणामस्वरूप, खिलाड़ी अपनी भूमिकाओं में और अधिक निपुण हो गए, चूंकि टीम में विभिन्न पदों के लिए विशिष्ट कार्यकुशलता की आवश्यकता थी.इस प्रकार कुछ खिलाड़ी मुख्य रूप से गेंद के साथ दौड़ने के लिए हैं (पीछे दौड़ना) जबकि अन्य फेंकने (क्वार्टरबैक), पकड़ने (व्यापक प्राप्तकर्ता), या अवरोध बनाने (ओफेंसिव लाइन) में कुशल होते हैं.1940 और 1950 के दशक में मुक्त प्रतिस्थापन नियम के आगमन के साथ, टीमें पृथक आक्रामक और रक्षात्मक "पलटनों" को तैनात कर सकती थीं, जिसने और भी अधिक विशेषज्ञता को बढ़ावा दिया.


कई वर्षों के दौरान कनाडाई फुटबॉल ने अमेरिकी फुटबॉल के कुछ परिवर्तनों को अवशोषित किया, लेकिन कई अनूठी विशेषताओं को बनाए भी रखा. इनमें से एक यह है की कनाडाई फुटबॉल ने, कई वर्षों तक, सरकारी तौर पर रग्बी से अपनी पहचान अलग नहीं की.उदाहरण के लिए, 1884 में स्थापित कनाडाई रग्बी फुटबॉल संघ, किसी रग्बी यूनियन संस्था की बजाय कनाडाई फुटबॉल लीग का अग्रदूत था.(कनाडाई रग्बी यूनियन, जिसे आज रग्बी कनाडा के नाम से जाना जाता है, 1965 तक गठित नहीं हुआ था.) 1880 के दशक में, अमेरिकी फुटबॉल भी अक्सर "रग्बी" के रूप में वर्णित किया जाता था.


[संपादित करें] गैलिक फुटबॉल

Searchtool.svg मुख्य लेख: Gaelic football#History

19वीं सदी के मध्य में, फुटबॉल के विभिन्न परंपरागत खेल, जिसे सामूहिक रूप से कैड कहा जाता था, आयरलैंड में लोकप्रिय रहे, विशेष रूप से काउंटी केरी में.एक पर्यवेक्षक, फादर डब्ल्यू. फेरिस ने इस काल में कैड के दो मुख्य रूपों का वर्णन किया है: एक था "मैदान खेल" जिसमें लक्ष्य था दो पेड़ों की डाली से निर्मित एक मेहराबनुमा गोल में गेंद डालना; और एक महा "क्रॉस कंट्री गेम" जो रविवार, इसे खेलने का दिन, के पूरे दिवसकाल का समय ले लेता था, और जो टीम पल्ली की सीमा के पार गेंद ले जाती थी, वह जीतती थी.विरोधी खिलाड़ियों के साथ "कुश्ती", "दबोचना" और गेंद पकड़ लेना, सब जायज़ था.


1870 के दशक तक, रग्बी और सामुदायिक फुटबॉल आयरलैंड में लोकप्रिय होने शुरू हो गए.ट्रिनिटी कॉलेज, डब्लिन रग्बी का एक शुरूआती गढ़ था. (ऊपर 1850 के दशक के विकास अनुभाग, देखें).अंग्रेजी FA के नियमों को व्यापक रूप से वितरित किया गया. कैड के पारंपरिक रूप ने एक "बेढंगे और लुढ़काव खेल" के लिए रास्ता बनाना शुरू कर दिया था, जिसमे गलतियां करना जायज़ था.


1884 में गैलिक एथलेटिक एसोसिएशन (GAA) की स्थापना होने तक, विभिन्न आयरिश फुटबॉल को एकजुट करने और संहिताबद्ध करने का कोई गंभीर प्रयास नही किया गया. GAA ने पारंपरिक आयरिश खेलों जैसे हर्लिंग को बढ़ावा देने और रग्बी और सामुदायिक फुटबॉल जैसे आयातित खेलों को अस्वीकार करने का प्रयास किया.प्रथम गैलिक फुटबॉल नियम मॉरिस डैविन द्वारा बनाए गए थे और 7 फरवरी 1887 को यूनाइटेड आयरलैंड पत्रिका में प्रकाशित हुए.डैविन के नियमों में हर्लिंग जैसे खेलों का प्रभाव और एक पृथक आयरिश फुटबॉल संहिता को औपचारिक रूप देने की इच्छा दिखती है.इस भिन्नता का मुख्य उदाहरण एक ऑफ-साइड नियम की कमी थी (एक विशेषता, जो कई वर्षों तक केवल अन्य आयरिश खेल जैसे हर्लिंग, और आस्ट्रेलियन नियम फुटबॉल द्वारा सहभाजित थी).


[संपादित करें] रग्बी फुटबॉल में विभाजन

चित्र:Reverend marshall.jpg
1890 के दशक का, रग्बी फुटबॉल के विभाजन की निंदा करता एक अंग्रेजी कार्टून, जिससे रग्बी लीग का गठन हुआ.यह हास्य चित्र Rev. फ्रैंक मार्शल, खिलाड़ी भुगतान का मुख्य-विरोधी, और जेम्स मिलर, मार्शल का एक लंबे समय से विरोधी.इस अनुशीर्षक में लिखा है:"ओह, छी, दूर रहो शरारती लड़के, जो फुटबॉल के लिए अपनी इच्छा से एक दिन छुट्टी नहीं ले सकते, मैं उन लड़कों के साथ नहीं खेलता.

!"


मिलर: "हां, यह सिर्फ तुम हो T के लिए; तुम ऐसा कर सकते हो ताकि कोई भी बालक जिसका पिता करोड़पति नहीं है, वह एक अच्छी टीम में नहीं खेल सके. मेरे हिसाब से मुझे कोई कारण नहीं दिखता कि जो लोग पैसा कमाते हैं, उनका खर्चे में कोई हिस्सा नहीं होना चाहिए."]]

अधिक सूचनार्थ: History of rugby league

अंतर्राष्ट्रीय रग्बी फुटबॉल बोर्ड (IRFB) 1886 में स्थापित किया गया था, मगर कोड में दरारें उभरनी शुरू हो गईं.फुटबॉल के विभिन्न कोड में व्यावसायिकता प्रवेश कर रही थी.


1890 के दशक में इंग्लैंड में पेशेवर खिलाड़ियों पर रग्बी फुटबॉल संघ का एक लम्बा प्रतिबंध रग्बी फुटबॉल में क्षेत्रीय तनाव पैदा कर रहा था, क्योंकि उत्तरी इंग्लैंड के कई खिलाड़ी श्रमिक वर्ग के होने के कारण प्रशिक्षण, यात्रा, खेल, और चोट से उबरने का समय निकालने में असमर्थ थे.दस साल पहले उत्तरी इंग्लैंड में फुटबाल में जो हुआ था, यह उससे भिन्न नहीं था, लेकिन RFU में अधिकारियों की प्रतिक्रिया बिलकुल अलग थी, उत्तरी इंग्लैंड में श्रमिक वर्गों के समर्थन को विमुख करने का प्रयास किया गया.1895 में, एक खिलाड़ी को खंडित भुगतान, जो रग्बी खेलने से हुई वेतन हानि को प्रतिस्थापित करती थी, के विवाद के परिणामस्वरूप, उत्तरी क्लब के प्रतिनिधियों ने उत्तरी रग्बी फुटबॉल संघ (NRFU) बनाने के लिए हडर्सफ़ील्ड में मुलाकात की. नए संघ ने शुरुआत में विभिन्न प्रकार के खिलाड़ी भुगतान प्रतिस्थापन की अनुमति दी. हालांकि, दो साल के भीतर, NRFU खिलाड़ियों को भुगतान किया जा सकता था, लेकिन उनसे खेल के अलावा एक नौकरी करने की मांग की गई.


पेशेवर लीग की मांग ने रग्बी को एक बेहतर "दर्शक" खेल बनाने का निर्देश दिया.कुछ ही वर्षों में NRFU के नियम RFU से भिन्न होने शुरू हो चुके थे, मुख्यतः लाइन-ऑउट की समाप्ति के साथ.इसके फलस्वरूप रक को "प्ले-द-बॉल रक", से बदल दिया गया, जिसने मार्कर पर रोकने वाले और रोके जाने वाले खिलाड़ी के बीच, दो-खिलाड़ी वाली रक प्रतियोगिता की अनुमति दी.एक बार गेंद वाहक को पकड़ लेने के बाद मॉल को रोक दिया जाता था, जिसे प्ले-द-बोल-रक से बदल दिया जाता था.NRFU की पृथक लंकाशायर और यार्कशायर प्रतियोगिता का नोर्थेर्न रग्बी लीग के गठन से 1901 में विलय हो गया, और पहली बार रग्बी लीग नाम आधिकारिक रूप से इंग्लैंड में इस्तेमाल किया गया.


समय के साथ, रग्बी का RFU रूप, जो IRFB से संबद्ध राष्ट्रीय महासंघों के सदस्य क्लबों द्वारा खेला जाता था, रग्बी यूनियन के नाम से जाना गया.


[संपादित करें] सामुदायिक फुटबॉल का वैश्वीकरण

Searchtool.svg मुख्य लेख: History of FIFA

20वीं सदी की शुरूआत में अंतर्राष्ट्रीय नियमावली की बढ़ती लोकप्रियता के साथ सामुदायिक फुटबॉल की देखरेख के लिए एक एकल मण्डल की जरूरत स्पष्ट हो चुकी थी.अंतर्राष्ट्रीय निकाय की स्थापना के लिए इंग्लिश फुटबॉल एसोसिएशन ने कई चर्चाओं की अध्यक्षता की, लेकिन कोई प्रगति होती नज़र नहीं आई.एक अंतरराष्ट्रीय संघ बनाने के लिए सात अन्य यूरोपीय देशों के संघों पर जिम्मेदारी आ गई: फ्रांस, बेल्जियम, डेनमार्क, नीदरलैंड, स्पेन, स्वीडन और स्विट्जरलैंड.पेरिस में 21 मई, 1904 को फेडरेशन इंटरनेशनेल डी फुटबॉल एसोसिएशन (फीफा) की स्थापना की गई.इसके पहले अधक्ष थे रॉबर्ट ग्वेरिन. फ़्रांसीसी नाम और संक्षिप्त रूप, फ्रेंच बोलने वाले देशों के बाहर भी बना रहा.


[संपादित करें] अमेरिकी फुटबॉल का सुधार

रग्बी और अमेरिकी फुटबॉल के दोनों रूपों को गंभीर चोटों के साथ-साथ खिलाड़ियों की बड़ी संख्या में मौतों के कारण जाना जाता था. इसने USA में 20 वीं सदी की शुरूआत में एक राष्ट्रीय विवाद को जन्म दिया और कई कॉलेजों द्वारा अमेरिकी फुटबॉल पर प्रतिबंध लगा दिया गया.फलस्वरूप 1905-06 में 19 महाविद्यालयों द्वारा बैठकों की श्रृंखला आयोजित की गई.सर्वमतानुसार, ऐसा राष्ट्रपति थिओडोर रूजवेल्ट के आदेश पर हुआ. उनको इस खेल का प्रेमी माना जाता था, लेकिन उन्होंने मौतों और विकलांगता की संख्या को कम करने के लिए नियमों को संशोधित ना किए जाने की स्थिति में इसे प्रतिबंधित करने की धमकी दी. इन बैठकों को अब राष्ट्रीय कॉलेजिएट एथलेटिक एसोसिएशन का जनक माना जाता है.


एक प्रस्तावित परिवर्तन खेल के मैदान को विस्तारित करना था. हालांकि, हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने हाल ही में एक कंक्रीट स्टेडियम का निर्माण किया था और इसलिए विस्तीर्ण करने के खिलाफ आपत्ति प्रकट की, इसके बजाय फारवर्ड पास को वैध करने का प्रस्ताव रखा. बैठकों की रिपोर्ट ने टैक्लिंग पर और रग्बी के दो अन्य भेद: फॉरवर्ड पास और समूह रचना खेल पर कई प्रतिबंध लगा दिए.इन बदलावों से तुरंत वांछित असर नहीं हुआ और सिर्फ़ 1908 में 33 अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी मारे गए. तथापि, मृत्यु और चोटों की संख्या में धीरे-धीरे कमी आती गई.


[संपादित करें] दोनों रग्बी कोड में और मतभेद

टीम के खिलाडियों की संख्या 15 से 13 करते हुए 1906 में, रग्बी लीग के नियम उल्लेखनीय रूप से रग्बी संघ से काफ़ी भिन्न हो गए.1907 में, एक उत्साही प्रतिक्रिया प्राप्त करते हुए न्यूजीलैंड के एक पेशेवर रग्बी टीम ने, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन का दौरा किया, और अगले साल ऑस्ट्रेलिया में पेशेवर रग्बी लीग शुरू की गई. हालांकि, पेशेवर खेल के नियम विभिन्न देशों में अलग-अलग थे, और प्रत्येक अंतर्राष्ट्रीय मैच के लिए विभिन्न राष्ट्रीय निकायों के बीच वार्ता सही नियम तय करने के लिए आवश्यक थे. यह स्थिति 1948 तक चलती रही, जब फ्रेंच लीग की शह पर बोर्डौक्स की एक बैठक में, रग्बी लीग इंटरनेशनल फेडरेशन (RLIF) का गठन किया गया.


20वीं सदी के उत्तरार्द्ध में, नियमों में और अधिक बदलाव किया गया. 1966 में, रग्बी लीग के अधिकारियों ने अमेरिकी फुटबॉल की डाउन्स अवधारणा को अपनाया: एक टीम चार से अधिक टैकल तक गेंद पर कब्जा नहीं रख सकती थी.बाद में (1971) टैकल की अधिकतम संख्या बढ़ा कर छह कर दी गई, और रग्बी लीग में इसे सिक्स टैकल नियम के रूप में जाना गया.


1990 के दशक की शुरूआत में पूर्णकालिक पेशेवरों के आगमन और खेल की लोकप्रियता बढ़ने से, दो टीमों के बीच पांच मीटर की ऑफ़-साईड दूरी 10 मीटर हो गई, और अन्य बदलावों में प्रतिस्थापन नियम की जगह विभिन्न अदला-बदली नियमों ने ले ली.


20वीं सदी के दौरान रग्बी यूनियन के नियम भी उल्लेखनीय रूप से परिवर्तित हुए.विशेष रूप से, मार्क्स से गोल को ख़त्म कर दिया गया, 22 मीटर लाइन के बाहर से किए गए सीधे इनटू टच किक, दंड योग्य हो गए, एक अनिर्णित रक या मॉल के दौरान कब्ज़ा निर्धारित करने के लिए नए क़ानून बनाए गए, और लाइन आउट में खिलाडियों के उठने को वैध कर दिया गया.


1995 में, रग्बी यूनियन एक "खुला" खेल बन गया, यानि जहां पेशेवर खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति होती है.हालांकि दोनों कोड के बीच का मूल विवाद अब समाप्त हो गया है - और रग्बी फुटबॉल के दोनों रूपों के अधिकारियों द्वारा पुनः एकीकरण की संभावना का उल्लेख करने के बावजूद - दोनों कोड के नियम और उनकी संस्कृति इस हद तक भिन्न हो गए हैं कि ऐसी किसी घटना की सम्भावना निकट भविष्य में नहीं दिखती.


[संपादित करें] वर्तमान फुटबॉल

एक अमेरिकी फुटबॉल खेल में लाइन ऑफ़ स्क्रिमेज पर खिलाड़ियों का एकत्र होना.

[संपादित करें] अंग्रेज़ी-भाषी देशों में "फुटबॉल" शब्द का प्रयोग

अधिक सूचनार्थ: Football (word)

"फुटबॉल " शब्द जब किसी एक विशेष खेल के संदर्भ में प्रयोग किया जाता है, तो उसका तात्पर्य ऊपर वर्णित किसी भी एक से हो सकता है. इस वजह से फुटबॉल शब्द पर कई मैत्रीपूर्ण विवाद हुए हैं, मुख्यतः इसलिए कि यह अंग्रेज़ी-भाषी देशों के विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न तरीक़े से इस्तेमाल होता है.ज़्यादातर, "फुटबॉल" शब्द का प्रयोग, फुटबॉल के कोड के लिए होता है, जो किसी खास क्षेत्र के अन्दर प्रभावी माना जाता है.अतः, प्रभावी रूप से, "फुटबॉल" शब्द का अर्थ आम तौर पर इस बात पर निर्भर होता है कि उसे कहां इस्तेमाल किया जा रहा है.


संयुक्त राष्ट्र, कनाडा, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में, जहां फुटबॉल के अन्य कोड प्रभावी हैं, सामुदायिक फुटबॉल के लिए "सॉकर" शब्द प्रचलित है, लेकिन "सॉकर" नाम (या "सॉकर फुटबॉल") मूलत: "एसोसियेशन" शब्द का गंवारू संक्षिप्तिकरण है और 45 राष्ट्रीय FIFA सहबद्ध संस्थाओं में, जहां अंग्रेज़ी एक आधिकारिक या प्राथमिक भाषा है, वास्तव में "सॉकर" शब्द का इस्तेमाल केवल तीन (कनाडा, समोअ, और द यूनाइटेड स्टेट्स) अपने संगठन के आधिकारिक नाम में करते हैं. अन्य फुटबॉल का इस्तेमाल करते हैं, (हालांकि सामोअन संघ वास्तव में दोनों का इस्तेमाल करते हैं और ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में, सॉकर निकायों द्वारा "फुटबॉल" शब्द का उपयोग हाल ही का एक परिवर्तन है).


[संपादित करें] गैर अंग्रेज़ी भाषी देशों में "फुटबॉल" शब्द का प्रयोग

वर्तमान में विश्व भर में सामान्य रूप से "फुटबॉल" शब्द और उसका सीधा अनुवाद वैसे तो (जैसे, स्पेनिश में fútbol और जर्मन में Fußball/फूसबॉल ) सामुदायिक फ़ुटबॉल के लिए व्यापक प्रयोग किया जाता है. फ्रांकोफोन क्युबेक में, जहां कनाडाई फुटबॉल ज्यादा लोकप्रिय है, सामुदायिक फुटबॉल को ले सॉकर और कनाडाई कोड को ले फ़ुटबॉल के नाम से जाना जाता है.


[संपादित करें] वर्तमान कोड और परिवार

[संपादित करें] सामुदायिक फुटबॉल और वंशज

Searchtool.svg मुख्य लेख: Variants of association football
मेक्सिको में एक खुले हवा स्थल पर एक इंडोर फुटबाल खेल. रेफरी ने अभी-अभी लाल टीम को एक फ्री किक दिया है.
  • सामुदायिक फुटबॉल को, फुटबॉल , सॉकर , फुटी[उद्धरण वांछित] और फूटी के रूप में भी जाना जाता है.
  • इंडोर/बास्केटबॉल कोर्ट फुटबॉल के विभिन्न प्रकार:
    • फाइव-ए-साइड फुटबॉल - दुनिया भर में विभिन्न नियमों के तहत खेला जाता है जिसमें शामिल हैं:
      • फुटसल्-फीफा द्वारा अनुमोदित फाइव-ए-साइड इंडोर खेल.
      • मिनीवोटबल - पूर्व और पश्चिम फ़्लैंडर्स में खेला जाने वाला फाइव-ए-साइड इंडोर खेल जहां यह बेहद लोकप्रिय है.
      • पापी फुट मध्य अमेरिका में आउटडोर बास्केटबॉल कोर्ट (गोल से बना हुआ) में खेला जाना वाला फाइव-ए-साइड खेल
    • इंडोर सॉकर - लैटिन अमेरिका में खुली जगह पर अक्सर खेला जाने वाला सिक्स-ए-साइड इंडोर खेल जिसे fútbol rápido ("फास्ट फ़ुटबॉल") के रूप में जाना जाता है.
    • मास्टर्स फ़ुटबॉल यूरोप में परिपक्व पेशेवरों (35 साल और ऊपर) द्वारा खेला जाने वाला सिक्स-ए-साइड खेल.
  • पैरालम्पिक फुटबॉल - विकलांग खिलाड़ियों के लिए संशोधित फुटबॉल में शामिल हैं:[५२]
  • बीच सॉकर - रेत पर खेला जाने वाला फुटबॉल जिसे रेत फुटबॉल और सैंड सॉकर के नाम से भी जाना जाता है.
  • स्ट्रीट फुटबॉल - विभिन्न प्रकार के अनौपचारिक फुटबॉल शामिल हैं.
  • रश गोली - फुटबॉल का एक परिवर्तित रूप है जिसमें गोलकीपर की भूमिका सामान्य से ज्यादा लचीली होती है.
  • हेडर और वॉली - इसमें एक ऐसे गोलकीपर के खिलाफ़ गोल करने का लक्ष्य होता है जो सिर्फ़ हेडर और वॉली का उपयोग करता है.
  • क्रैब फुटबॉल - इसमें सामान्य रूप में फुटबॉल खेलते हुए खिलाड़ी अपने हाथ और पैर पर खड़े होते हैं और अपनी पीठ पर घूमते हैं.
  • स्वाम्प फुटबाल - यह खेल दलदल या कीचड़ के मैदान पर खेला जाता है


==== रग्बी स्कूल फुटबॉल और वंशज

====
  • रग्बी फुटबॉल
    • रग्बी लीग - ऑस्ट्रेलिया के राज्यों, न्यू साउथ वेल्स और क्वींसलैंड में और इंग्लैंड में इस खेल के कुछ समर्थकों द्वारा इसे आम तौर पर "फुटबॉल" या "फूटी" के रूप में जाना जाता है. इसे सामान्य रूप से लीग भी कहा जाता है.
    • रग्बी संघ
      • रग्बी सेवेन्स
        रग्बी सेवेंस; मेलबोर्न में 2006 राष्ट्रमंडल खेलों में फिजी बनाम कुक द्वीप
      • टैग रग्बी - रग्बी यूनियन का एक रूप जिसमें वेल्क्रो टैग का उपयोग किया जाता है.
    • बीच रग्बी - रेत पर खेला जाने वाला रग्बी
    • टच रग्बी - रग्बी फुटबॉल के उन रूपों का जातिगत नाम जिसमें टैकल प्रक्रिया मौजूद नहीं है.
  • ग्रिडिरॉन फुटबॉल
    • अमेरिकी फुटबॉल - यूनाइटेड स्टेट्स और कनाडा में इसे फ़ुटबॉल कहते हैं और ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में, ग्रिडिरॉन.टच संस्करण से अलग पहचानने के लिए कभी-कभी इसे "टैकल फ़ुटबॉल" कहा जाता था.
    • इंडोर फुटबॉल, एरीना फुटबॉल - अमेरिकी फुटबॉल का एक इंडोर संस्करण.
    • नाईन-मैन फुटबॉल, एइट-मैन फुटबॉल, सिक्स-मैन फुटबॉल - टैकल फ़ुटबॉल के संस्करण, जो मुख्यतः छोटे उच्च विद्यालयों द्वारा जिनमे 11-मैन टीम के लिए खिलाडियों का अभाव है, खेला जाता है.
    • टच फ़ुटबॉल (अमेरिकी) - गैर-टैकल अमेरिकी फुटबॉल.
      • फ्लैग फुटबॉल - गैर-टैकल अमेरिकी फ़ुटबॉल, टच फ़ुटबॉल की तरह, जिसमें वेल्क्रो की कमर पर लगे बेल्ट पर बंधे ध्वज को बचाव पक्ष द्वारा, एक टैकल को दर्शाने के लिए खींचा जाता है.
    • स्ट्रीट फुटबाल (अमेरिकी) - अमेरिकी फुटबॉल जो बिना उपकरणों के और सरल नियमों के साथ आंगन में खेला जाता है.
    • कनाडाई फुटबॉल - कनाडा में इसे सिर्फ "फुटबॉल" कहा जाता है; कनाडा में संदर्भ के आधार पर "फुटबॉल" का मतलब कनाडाई या अमेरिकी फुटबॉल हो सकता है
      • कनाडाई फ्लैग फ़ुटबॉल - गैर-टैकल कनाडाई फ़ुटबॉल
      • नाईन-मैन फ़ुटबॉल - नाईन-मैन अमेरिकी फुटबॉल के समान, लेकिन कनाडाई नियमों का उपयोग करते हुए, सस्कैच्वान के छोटे विद्यालयों द्वारा खेला जाता है, जहां 12-मैन टीम के लिए खिलाड़ियों का अभाव है.


इन्हें भी देखें: Comparison of American football and rugby league, Comparison of American football and rugby union, Comparison of Canadian and American football, एवं Comparison of rugby league and rugby union


[संपादित करें] आयरिश और ऑस्ट्रेलियाई प्रकार

2005 में अंतर्राष्ट्रीय रुल सीरीज में ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड के बीच टेल्स्ट्रा डोम, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में अंतर्राष्ट्रीय रुल फुटबॉल टेस्ट मैच.

इन कोडों में समान रूप से ऑफ-साइड नियम, भागते वक़्त बॉल को बाउंस या सोलो (टो-किक) करने की जरुरत, फेंकने की बजाय बॉल को पंच कर के हैंडपास या टैप करने और अन्य परम्पराओं का अभाव है.




  • ऑस्ट्रेलियाई रूल्स फुटबॉल - इसे आधिकारिक रूप से "ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल" और अनौपचारिक रूप से "फुटबॉल","फूटी" या "ऑस्ट्रेलियाई रूल्स" जाना जाता हैं. कुछ क्षेत्रों में (ग़लती से) "AFL" कहा जाता है, जो मुख्य आयोजन निकाय और प्रतियोगिता का नाम है.
    • ऑसकिक - छोटे बच्चों के लिए AFL द्वारा डिज़ाइन किया गया ऑस्ट्रेलियाई रूल्स का एक संस्करण
    • मेट्रो फूटी(या मेट्रो रूल्स फूटी) - उत्तरी अमेरिकी शहरों के ग्रिडिरॉन मैदानों में इस्तेमाल के लिए (जहां परंपरागत ऑस्ट्रेलियाई रूल्स खेल के लिए बड़े मैदानों की कमी अक्सर महसूस की जाती है) USAFL द्वारा आविष्कार किया गया एक संशोधित संस्करण.
    • किक-टु-किक
    • नाईन-ए-साइड फूटी - ऑस्ट्रेलियाई रूल्स का एक ज्यादा खुला, प्रचलित प्रकार है, जिसमें कुल 18 खिलाड़ियों और एक आनुपातिक छोटे खेल क्षेत्र (जिसमें स्पर्श और गैर-स्पर्श रूप शामिल है) की आवश्यकता होती है.
    • रेक फूटी - "मनोरंजनात्मक फुटबॉल", AFL द्वारा सृजित ऑस्ट्रेलियाई रूल्स का एक गैर-स्पर्श संपर्क संस्करण जो टैकल को टैग से प्रतिस्थापित करता है.
    • टच ऑसी रूल्स - सिर्फ़ ब्रिटेन में खेला जाने वाला एक ग़ैर-स्पर्श ऑस्ट्रेलियाई रूल्स का स्वरूप
    • समोआ रूल्स - समोआ परिस्थितियों के अनुरूप ढला एक स्थानीय संस्करण, जैसे रग्बी फुटबॉल मैदान का उपयोग
    • मास्टर्स ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल (a.k.a.सूपरूल्स ) - 30 वर्ष से अधिक उम्र वाले खिलाड़ियों की प्रतियोगिता के लिए सीमित, कम स्पर्श संस्करण
    • महिला ऑस्ट्रेलियाई रूल्स फुटबॉल - महिला प्रतियोगिता के लिए शुरू किया गया कम स्पर्श का एक संस्करण जो एक छोटी बॉल से खेला जाता है.
  • गेलिक फुटबॉल - मुख्यतः आयरलैंड में खेला जाता है कभी-कभी इसे "फुटबॉल" या "गाह" (गेलिक एथलेटिक एसोसिएशन के संक्षिप्तिकरण से) नाम से उल्लिखित किया जाता है
  • अंतर्राष्ट्रीय रूल्स फुटबॉल - गेलिक और ऑस्ट्रेलियाई रूल्स खिलाड़ियों के बीच खेल के लिए प्रयुक्त एक समझौता कोड


इन्हें भी देखें: Comparison of Australian rules football and Gaelic football


[संपादित करें] जीवित मध्ययुगीन गेंद खेल

चित्र:RoyalShrovetideFootballMob.jpg
2006 रॉयल श्रोवटाइड फुटबॉल मैच में गेंद को हवा में मारा गया.(फोटोग्राफर: गैरी ऑस्टिन.)
[संपादित करें] ब्रिटेन के अंदर


[संपादित करें] ब्रिटेन के बाहर


[संपादित करें] UK के जीवित स्कूल खेल

चित्र:RendallsHarrowFootball.jpg
हैरो स्कूल में एक खेल के बाद हैरो फुटबॉल खिलाड़ी.

UK पब्लिक (स्वतंत्र) स्कूल में अभी भी खेले जाने वाले खेल


[संपादित करें] हाल के आविष्कार और संकर खेल

  • कीपी उप्पी (कीप अप)
    फुटबॉल को पैर, घुटने, छाती, कंधे और सिर से बाजीगरी करने की कला है.
    • फ़ुटबैग
      एक छोटा बीन बैग या रेत बैग, जिसका प्रयोग हैकि सैक सहित (जो एक व्यापार चिह्न है) कई कीपी उप्पी के विभिन्न रूपों में किया जाता है.
  • फ्रीस्टाईल फुटबॉल
कीपी उप्पी का एक आधुनिक रूप, जहां फ्री स्टाईल वाले अपने मनोरंजन मूल्य और प्रवीणता की अभिव्यक्ति के लिए श्रेणीकृत किए जाते हैं.


[संपादित करें] FA नियमों पर आधारित
[संपादित करें] रग्बी के आधार पर
[संपादित करें] संकर खेल


[संपादित करें] टेबलटॉप खेल और अन्य मनोरंजन

[संपादित करें] फुटबॉल के आधार पर (सॉकर)
[संपादित करें] रग्बी के आधार पर
[संपादित करें] अमेरिकी फुटबॉल के आधार पर
[संपादित करें] ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल के आधार पर


[संपादित करें] यह भी देखें


[संपादित करें] नोट

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  7. ७.० ७.१ ७.२ ७.३ ७.४ फ्रांसिस पीबॉडी मगोउन, 1929, "मध्यकालीन इंग्लैंड और मध्य अंग्रेजी साहित्य में फुटबॉल" (अमेरिकन ऐतिहासिक समीक्षा , v. 35, No. 1).
  8. ८.० ८.१ ऑनलाइन एटिमोलोजी शब्दकोष (कोई तिथि नहीं), "फुटबॉल"
  9. विवेक चौधरी, "आठ नंबर की कमीज़ में मोटा लड़का कौन है?"(गार्जियन , फ़रवरी 18, 2004.)
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  19. फुटबॉल में गेंद उठाने का प्रारम्भिक उदाहरण अंग्रेज़ी लेखक विलियम होन, के लेखन में 1825 या 1826, में मिलता है जब उन्होंने सामाजिक टीकाकार सर फ्रेड्रिक मोर्टन ईडन को उद्धृत करते हुए, स्कोन, स्कॉट्लैंड में खेले जाने वाले "फुटबॉल" के सम्बन्ध में लिखा:
    यह खेल ऐसा था: किसी भी समय अगर किसी के हाथ में गेंद आ जाए, वह उसके साथ दौड़ता [sic] है जब तक कि कोई विरोधी दल का व्यक्ति उससे छीन ना ले: अगर वह ख़ुद को विरोधी टीम के चंगुल से छुड़ाने में सफल रहता है तो वह आगे दौड़ सकता है: अगर नहीं, तो वह गेंद को अपने से दूर फ़ेंक देता था, यदि नहीं तो विरोधी दल के लोग उससे गेंद छीन लेते थे, लेकिन किसी भी व्यक्ति को पैर से प्रहार करने की अनुमति नहीं थी. विलियम होन,1825 - 26 , "द एवरी डे बुक","फ़रवरी 15 ." प्रवेश तिथि: मार्च 15, 2007.)
  20. द सरे क्लब बेल का लंदन में जीवन और स्पोर्टिंग क्रॉनिकल (लंदन, इंग्लैंड), रविवार, 07 अक्टूबर, 1849; pg. 6.न्यू रीडरशिप
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  26. मेलबॉर्न की रोयल केलीडोनियन सोसायटी का इतिहास
  27. सॉकर बॉल वर्ल्ड - प्रारंभिक इतिहास (9 जून, 2006 को प्रयुक्त)
  28. Mr लिंडन का सही नाम विवादित है, और साथ ही साथ फूलने वाले ब्लैडर के निर्माण का सही समय भी. ऐसा लगता है कि उसने सामुदायिक और रग्बी फुटबॉल, दोनों के लिए इसे बनाया था.हालांकि, फुटबाल को समर्पित साइटें दर्शाती हैं कि वह HJ लिंडन के नाम से जाना जाता था, जो वास्तव में रिचर्ड्स लिंडन का बेटा था, और 1862 में उसने गेंद का निर्माण किया (सन्दर्भ: सॉकर बॉल वर्ल्ड) जबकि रग्बी साइटों में उसे रिचर्ड लिंडन कहा गया है जिसने 1870 में गेंद का निर्माण किया (सन्दर्भ: गार्जियन लेख). दोनों सहमत हैं कि उनकी पत्नी सुअर के ब्लैडर को फुलाने के प्रयास में मारी गई.यह जानकारी जिन वेब साइटों से उत्पन्न है वह अविश्वसनीय हो सकती है, और जवाब केंद्रीय पुस्तकालयों में पुस्तकों के शोध से ही पाया जा सकता है.
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  31. ब्लैकवुड की पत्रिका, W. ब्लैकवुड द्वारा प्रकाशित, 1862, पृष्ठ 563
  32. बेल का लंदन में जीवन और स्पोर्टिंग क्रॉनिकल (लंदन, इंग्लैंड), शनिवार, 07 जनवरी, 1865, 2,229 अंक: "शेफ़ील्ड पार्टी, बहरहाल, अंत में, आगे बढ़ गया और Mr जे वाइल्ड की कुछ वैज्ञानिक गतिविधियों के माध्यम से, महान "जयकार के बीच एक गोल किया"
  33. लन्दन में बेल का जीवन, 26 नवम्बर 1865, अंक 2275: "हम वास्तव में इस वैज्ञानिक खेल की रिकॉर्डिंग करने से, जहां शेफ़ील्ड के पुरुष एक दूसरे को सहारा दे रहे हैं, खुद को रोक नहीं सकते.
  34. Wall, Sir Frederick (2005)। 50 Years of Football, 1884-1934। Soccer Books Limited।
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  36. फुटबॉल का इतिहास
  37. बेल का लंदन में जीवन और स्पोर्टिंग क्रॉनिकल, 18 दिसंबर 1869
  38. बेल का लंदन में जीवन और स्पोर्टिंग क्रॉनिकल, 5 नवम्बर 1870, अंक 2
  39. बेल का लंदन में जीवन और स्पोर्टिंग क्रॉनिकल, 18 नवम्बर 1871, अंक 2, 681
  40. बेल का लंदन में जीवन और स्पोर्टिंग क्रॉनिकल, 17 फरवरी, 1872, अंक 2694
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[संपादित करें] संदर्भ

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  • ग्रीन, जोफ्री (1953); द हिस्ट्री ऑफ़ फुटबॉल एसोसिएशन ; नाल्डरेट प्रेस, लंदन.
  • विलियम्स, ग्राहम (1994); द कोड वार , योर प्रकाशन, ISBN 1-874427-65-8


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