फ़ज़ले हक़ खैराबादी

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अल्लामा फ़ज़ले-हक़ खैराबादी भारतीय अध्येता, दार्शिनक, तर्कशास्त्री और अरबी के शायर थे। वे ग़ालिब के क़रीबी दोस्त थे। उन्हें 1857 के स्वाधीनता संघर्ष में लोगों का जी जान से नेतृत्व करने के जुर्म में अंग्रेज़ों ने काला पानी की सज़ा दी। अंडमान में ही उनकी मृत्यु हो गई।[1]

सन्दर्भ[संपादित करें]