फर्मा का अंतिम प्रमेय

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संख्या सिद्धान्त में फर्मा का अंतिम प्रमेय (Fermat's Last Theorem) के अनुसार शून्य के अतिरिक्त a, b तथा c कोई ऐसी धनात्मक पूर्ण संख्याएँ नहीं होतीं जो समीकरण

an + bn = cn -- (१)

को संतुष्ट करें। जहाँ n, 2 से बड़ी कोई धनात्मक पूर्णांक हो। उदाहरण के लिए फर्मा के इस प्रमेय के अनुसार a, b, c कोई तीन धनात्मक पूर्णांक नहीं मिल सकते जिनके लिए,

a3 + b3 = c3 सत्य हो।

किंतु फर्मा ने इस प्रमेय की उपपत्ति नहीं दी। यह प्रमेय सन् १६३७ में दिया गया। बाद में n=4 के लिए फर्मा ने समीकरण (१) की उपपत्ति दी। 1770 ई. में लेनर्ड आइलर ने n=3 के लिए समीकरण (१) की अपूर्ण उपपत्ति दी। इसके टूटे हुए चरणों को बाद के गणितज्ञों ने पूर्ण किया। १९९५ तक यह इसकी उपप्त्ति को सबसे कठिन गणितीय समस्या माना जाता था। १९९५ में इसकी पहली त्रुटिरहित उपपत्ति दी गई।

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