प्रेशर कुकर

विकिपीडिया, एक मुक्त ज्ञानकोष से

यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
साधारण भारतीय अल्युमिनियम प्रेशर कुकर
प्रेसर कुकर के विभिन्न अवयव

ऐसा कोई भी वर्तन जिसमें भोजन पकाने के लिये वायुमंडलीय दाब से अधिक दाब उत्पन्न करके खाना बनाने की व्यवस्था हो उसे प्रेसर कुकर या दाबित रसोइया कहते हैं। प्रेसर कूकर में भोजन जल्दी बन जाता है क्योंकि अधिक दाब होने के कारण पानी १०० डिग्री सेल्सिअस से भी अधिक ताप तक गरम किया जा सकता है क्योंकि अधिक दाब पर पानी का क्वथनांक अधिक होता है।

[संपादित करें] लाभ

Indian food.jpg
यह एक शृंखला है जो
भारतीय व्यंजनों के बारे में है।
बनाने की विधियाँ एवं सामग्री

इतिहास बर्तन

क्षेत्रीय व्यंजन
उत्तर-भारत

पंजाबी उत्तर प्रदेश
राजस्थानी मुगलई -
पहाड़ी बिहारी
बंगाली कश्मीरी

दक्षिण भारत

केरल तमिल
आंध्र प्रदेश कर्नाटक
हैदराबाद-

पूर्वी भारत

उड़ीसा छत्तीसगढ़
आदिवासी-झारखंड, उड़ीसा

पूर्वोत्तर भारत

सिक्किम असमिया
त्रिपुरी नागा

पश्चिम भारत

गोआ गुजराती मराठी
मालवानी/कोंकणी पारसी

अन्य

इंडो-चाइनीज फास्ट-फूड ·
नेपाली महाद्वीपीय खाना
एंग्लो-इंडियन सिंधी जैन

सामग्री एवं प्रकार

मुख्य भोजन नाश्ते
मिठाइयां एवं डेजर्ट
पेय पदार्थ मसाले

यह भी देखें:

भारतीय खानसामे
{{भारतीय खाना }}

संदूक संपादन करें
  • भोजन पकाने में कम समय लगता है (समय की बचत)
  • कम जल का खर्च
  • ईंधन कम खर्च होता है।
  • अधिक ताप पर भोजन बनने के कारण सभी कीटाणु मारे जाते हैं।
  • प्रेसर कुकर एक कारगर स्टेरिलाइजर (कीटाणुनाशी) के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।
  • प्रेसर कुकर से खाना पकाने में ताप का वितरण समान रूप से होता है। अतः पूरा भोजन समान रूप से पकता है।
  • अधिक ऊंचाई वाले स्थानों (जैसे पहाड़ों पर) इससे बहुत लाभ मिलता है क्योंकि बिना दाब के वहाँ भोजन पकाने पर पानी १०० डिग्री सेल्सिअस से भी कम ताप पर उबलने लगता है जिससे भोजन पकाने में अधिक समय एवं असुविधा का सामना करना पड़ता है।
  • बर्तन धोने की तकलीफ् बी कम होती है क्योंकि बर्तन/खाना जलता नहीं है।
  • प्रेसर कुकर का ढक्कन बहुत टाइट बन्द होता है। इसलिये इसमें रखकर भोजन को कहीं ले जाने में भी सुविधा होती है। भोजन या इसका रस बाहर नहीं आता।
  • जरूरत पडने पर इसका ढक्कन हटाकर सामान्य तरीके से भी इसका प्रयोग किया जा सकता है।
एक आधुनिक प्रेसर कुकर

[संपादित करें] वाह्य सूत्र