पेयर स्केटिंग

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1908 ओलंपिक में शुरूआती स्केटिंग जोड़ी

पेयर स्केटिंग, फिगर स्केटिंग का एक रूप है। अंतरराष्ट्रीय स्केटिंग संघ (आईएसयू) के नियम के अनुसार पेयर टीमों में "एक पुरुष व एक महिला" शामिल होते हैं। पेयर स्केटिंग में शामिल कुछ तत्वों के कारण यह खेल आइस डांसिंग व एकल स्केटिंग से अलग है, इनमें सर के ऊपर से अपने साथी को उठाना, ट्विस्ट लिफ्ट्स, डेथ स्पाईरल्स तथा थ्रो जम्प्स आदि शामिल हैं। टीमें एकल स्केटिंग के तत्वों का प्रदर्शन एक दुसरे के साथ लय में करती हैं। पेयर स्केटिंग कठिन है क्योंकि सामंजस्य का यह स्तर प्राप्त करने के लिए मिलती-जुलती तकनीक तथा प्रदर्शन के सभी तत्वों की समयबद्धता के साथ ही साथ अभ्यास तथा साथियों के बीच परस्पर विश्वास का होना अति-आवश्यक है। इसका उद्देश्य ऐसी छवि प्रस्तुत करना है कि दो लोगों द्वारा एक होकर स्केटिंग करने का आभास हो. पेयर रूप में स्केटिंग की सबसे गंभीर दुर्घटनाएं होना आम है।

फरवरी 1908 में पेयर स्केटिंग सर्वप्रथम वैश्विक प्रतियोगिता के रूप में दिखाई दी, जिसमें जर्मनी की तीन टीमों ने ब्रिटेन तथा रूस की टीमों के साथ सेंट पीटर्सबर्ग में प्रतिस्पर्धा की. ओलम्पिक में सर्वप्रथम प्रदर्शन अक्टूबर 1908 में लंदन में हुआ जिसमें तीन टीमों ने भाग लिया, एक जर्मनी से तथा दो ब्रिटेन से.इस शुरूआती प्रारंभ के बाद से पेयर स्केटिंग उल्लेखनीय ढंग से विकसित हो चुकी है। मौजूदा आधुनिक खेलों में शामिल कुछ तत्व इस खेल में, दशकों बाद, अब तक शामिल नहीं किये गए हैं।

पेयर स्केटिंग के तत्व[संपादित करें]

एक हैंड-टु-हैंड लिफ्ट. एक हाथ की पकड़ के साथ सिर के ऊपर किया जा रहा घूर्णन
एक ट्विस्ट लिफ्ट
हवा में की जा रही थ्रो जम्प
डेथ स्पाइरल में पुनर्प्रवेश
पेयर स्पिन

नोट: आईएसयू नियमावली में महिलाओं को "लेडीज़" के रूप में ही संबोधित किया जाता है।

लिफ्ट[संपादित करें]

पेयर लिफ्ट्स आमतौर पर सर के ऊपर से, घूर्णन करते हुए तथा बर्फ के संपर्क में अर्थात बर्फ पर दूरी तय करते हुए की जाती हैं। अंक लिफ्ट के प्रकार, प्रवेश के प्रकार, बर्फ के क्षेत्र तथा बर्फ पर गति के साथ ही स्थान परिवर्तन, लेडी की स्थिति की उत्कृष्ट, पुरुष का स्थायित्व व मोड़ की स्पष्टता (अर्थात बर्फ की न्यूनतम मात्र का उड़ना), उतारने का प्रकार तथा अनूठी विशेषताएं. लिफ्ट से बाहर आते समय दोनों साथी आमतौर पर एक पैर पर होते हैं। कम दूरी तय किये जाने पर अथवा लिफ्ट के दौरान गति को उल्लेखनीय रूप से कम किये जाने पर मूल्यांकनकर्ता उनके अंक कम कर सकते हैं। अपने अंकों को बढ़ाने के लिए वैकल्पिक रूप से एक कठिन प्रवेश अथवा डिसमाउंट, एक हाथ से छोड़ना, लिफ्ट के दौरान स्थान परिवर्तन, घूर्णन रोकना तथा/अथवा घड़ी की दिशा व इसके विपरीत घूमना आदि किया जाता है।

घूर्णन के बिना की गयी लिफ्टों को कैरी लिफ्ट कहते हैं। पुरुष के कंधे के नीचे से की गयी लिफ्ट को डांस लिफ्ट कहते हैं तथा इसे कोरियोग्राफी के अंक पाने के लिए किया जाता है, इसी प्रकार स्टेशनरी लिफ्ट भी होती हैं, इन्हें "एक स्थान पर रह कर ही", बिना कोई दूरी तय किये किया जाता है।

लिफ्टों का वर्गीकरण पुरुष की पकड़ तथा शुरुआत में लेडी को पुरुष के सर से ऊपर उठाये जाने तक की स्थिति के अनुसार किया जाता है। उदाहरण के लिए, हिप लिफ्ट में, पुरुष लेडी को उसके कूल्हे पर हाथ रख कर उठाता है, जबकि प्रेस लिफ्ट में हाथ-से-हाथ को पकड़ कर उठाया जाता है। सबसे कठिन प्रकार की लिफ्ट एक्सेल लैसो लिफ्ट को माना जाता है, जिसमें पुरुष द्वारा हाथ-से-हाथ को पकड़ कर उठाते समय लेडी एक पूर्ण घूर्णन पूरा करती है।

ट्विस्ट लिफ्ट्स[संपादित करें]

ट्विस्ट लिफ्ट्स, जो सिर्फ पेयर स्केटिंग में पाया जाने वाला तत्व है, यह एक ऐसा प्रचलन है जिसमें पुरुष लेडी को अपने एक्सेल अथवा पैर के पंजे के बल पर उछलने में सहायता करता है जहां पर वह घूर्णन करती है तथा हवा में ही उसे पुरुष द्वारा पकड़ लिया जाता है, फिर वह उसे वापस नीचे बर्फ पर ले आता है। कुछ ट्विस्ट में, लेडी घूर्णन से पहले स्प्लिट का प्रदर्शन करती है। यदि दोनों पैर शरीर की धुरी से कम से कम 45° कोण पर हों तो इससे निष्पादन की ग्रेड ऊंची हो जाती है। कोई जोड़ी यदि कठिन प्रवेश का प्रदर्शन करे, देरी से घूर्णन करे अथवा यदि लेडी अपने सर से ऊपर अपने दोनों हाथों को पकड़े तो जोड़ी को प्राप्त होने वाले अंक बढ़ जाते हैं।

डबल और ट्रिपल ट्विस्ट लिफ्ट्स आमतौर पर उच्च स्तर पर ही देखने को मिलती हैं; प्रथम क्वाड्रापल ट्विस्ट लिफ्ट का प्रदर्शन मरियाना चेर्कासोवा तथा सर्जेई शाकराई द्वारा 1977 की यूरोपियन प्रतिस्पर्धा में किया था।[तथ्य वांछित]

थ्रो जम्प[संपादित करें]

थ्रो जम्प, जो कि पेयर स्केटिंग में ही पाया जाने वाला तत्व है, एक प्रचलन है जिसमें पुरुष लेडी को हवा में उछालने में सहायता करता है तथा वह स्वयं ही नीचे आती है (लैंड करती है). थ्रो जम्प को किसी भी जम्प टेक-ऑफ के साथ किया जा सकता है, इसे डबल्स, त्रिपल्स तथा उच्च स्तर के जोड़ों की टीमों में क्वाड्रापल पेयर टीमों द्वारा किया जा सकता है। टो लूप तथा सैलचाउ को सबसे सरल जम्प मन जाता है जबकि दि लूप व फ्लिप सबसे कठिन मानी जाती हैं; सबसे कठिन थ्रो जम्प दि एक्सेल को माना जाता है। स्कोर निष्पादन की गुणवत्ता से प्रभावित होता है, जिसमें किसी तत्व में जाने की गति के साथ तय की गयी दूरी तथा प्राप्त की गयी ऊंचाई शामिल हैं। पुरुष को प्रवाही रूप से, बिना रुके अथवा श्रम के कारण हांफे बिना स्केट करते रहना चाहिए. कठिन प्रवेश, जैसे कि स्पाइरल द्वारा, प्राप्त अंकों को बढाया जा सकता है।

सबसे कठिन थ्रो जम्प, जिसे किसी प्रतिस्पर्धा में प्रदर्शित किया गया था, थ्रो ट्रिपल एक्सेल जम्प थी। इसे सर्वप्रथम रीना इनोऊ तथा जॉन बौल्डविन जूनियर के द्वारा 2006 की यू. एस. फिगर स्केटिंग प्रतियोगिता में किया गया था। अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में इसका प्रथम प्रदर्शन 2006 के शीतकालीन ओलंपिक्स में किया गया था।

डेथ स्पाईरल्स[संपादित करें]

डेथ स्पाईरल, जो कि पेयर स्केटिंग में ही पाया जाने वाला तत्व है, एक प्रचलन है जिसमें पुरुष एक पाइवट करते हुए लेडी को गहन कोण तक स्विंग करता जाता है, इसमें इनकी स्थिति बर्फ के लगभग क्षैतिज होती है। आउटसाइड एज डेथ स्पाईरल अपने इनसाइड एज रूपों की तुलना में अधित कठिन माने जाते हैं, इनमें से भी फॉरवर्ड आउटसाइड डेथ स्पाईरल सबसे कठिन माना जाता है। शूट-दि-डक अथवा कैच-फुट स्थितियों जैसे कठिन प्रवेश करने से, तत्व के प्रदर्शन के दौरान हाथ की पकड़ को बदलना तथा/अथवा कैच-फुट स्थिति को बनाये रख कर प्राप्त अंकों को बढाया जा सकता है।

पेयर स्पिन्स[संपादित करें]

पेयर स्पिन एक स्पिन है जिसमें दोनों साथी एक ही धुरी के सापेक्ष, एक दूसरे को पकड़े हुए, चक्कर काटते रहते हैं। साथियों द्वारा एक दूसरे को पकड़ने से प्राप्त होने वाला अतिरिक्त संतुलन स्केटर्स को ऐसी स्पिन स्थितियों को प्राप्त करने में सहायता करता है जो अकेले स्केटर द्वारा कठिनाई से, अथवा प्राप्त ही नहीं की जा सकती हैं। घूर्णन गति, सेंटरिंग तथा स्थितियों की गुणवत्ता तथा कठिनाई प्राप्त होने वाले अंकों को प्रभावित करती हैं। जोड़े अप्ररूपी प्रवेश अथवा गाड़ी की दिशा एवं इसके विपरीत दिशाओं में घूर्णन कर सकते हैं।

साइड-बाई-साइड तथा अन्य तत्व[संपादित करें]

एक स्पाइरल सीक्वेंस जिसमें लेडी कैच-फुट स्थिति में तैर रही है तथा पुरुष अराबेस्क में है

पेयर स्केटिंग करने वाले एकल स्केटिंग के तत्वों को भी एक-दूसरे के सामंजस्य के साथ करते हैं। इन तत्वों में शामिल हैं: कूदना, स्पिन, स्टेप अनुक्रम, स्पाइरल अनुक्रम तथा फील्ड की अन्य गतिविधियां.

"एक के रूप में स्केटिंग कर रहे दो लोग" के प्रकाश में, साइड-बाई-साइड तत्व की गुणवत्ता का मूल्यांकन प्रत्येक स्केटर के प्रदर्शन के औसत के रूप में नहीं किया जाता है। इसके बजाय, स्केट करने वालों को साइड-बाई-साइड तत्व एक साथ प्रारंभ करना चाहिए, सामंजस्य बनाये रखते हुए तथा एक दूसरे से पूरे समय सामीप्य बनाये रखते हुए एक साथ समाप्त करना चाहिए.

साइड-बाई-साइड कूदों में, जोड़ों को एक ही कूद पूरे सामंजस्य के साथ तथा एक दूसरे के अधिक से अधिक निकट रहते हुए करनी चाहिए. यदि कोई एक साथी एक कूद को अंडररोटेट करता है, दोनों कूदों को हल्का प्रदर्शन करने वाले के जितने ही अंक प्राप्त होते हैं। चूंकि समय तथा प्रवेश का सामंजस्य बनाये रखना होता है, स्केट करने वाले, जो कि एकल प्रदर्शन में अच्छी कूद कर लेते हैं, साथी के साथ इसे करते समय काफी परिश्रम करते हुए नज़र आते हैं। एकल करने वालों के विपरीत, पेयर स्केट करने वालों के पास कूद में पूरी तरह तैयार होने तक समय लगाने का विकल्प नहीं होता है, अथवा वे इसमें कोई अतिरिक्त अंश भी नहीं जोड़ पाते हैं क्योंकि ऐसा करने पर वे अपने साथी की लय से बाहर हो जायेंगे.

साइड-बाई-साइड स्पिन का मूल्यांकन लयबद्धता तथा समय-ताल के आधार के साथ ही साथ स्थिति-विन्यास की कठिनाई तथा गुणवत्ता, निकटता, सेंतारिंग तथा घूर्णन गति के आधारों पर किया जाता है। ये जोड़े कभी कभी ऊंचे स्वर में चिल्ला कर अपने साथी को शाब्दिक रूप से समय-बद्धता बनाये रखने तथा अनुकूल करने के लिए इंगित करते हैं।

स्पाइरल अनुक्रमों को एक जैसी स्थितियों में ही करने की आवश्यकता नहीं होती है। गति, बर्फ कवरेज, मोड़ के कोण (लीन) व पदों की गुणवत्ता अंकों का निर्धारण करते हैं।

फील्ड की गतिविधियों में स्प्रेड ईगल्स, स्पाईरल्स, ईना बॉवर्स, कैंटीलीवर्स, डांस लिफ्ट्स तथा अन्य सम्मिलित हैं। जोड़े गतिविधियों के संयोजन से विविधता उत्पन्न कर सकते हैं।

अवैध तत्व[संपादित करें]

क्योको आइना तथा जॉन ज़िमरमैन एक हाथ के "डेट्रॉयटर" का प्रदर्शन करते हुए

पेयर स्केटिंग के कुछ गति-कौशल ओलम्पिक-योग्य स्केटिंग से प्रतिबंधित हैं, इसका कारण स्केट करने वालों को पहुंच सकने वाली गंभीर- चोटों का खतरा है। अवैध तत्वों के लिए 6.0 तथा आईएसयू, दोनों मूल्यांकन प्रणालियों में अंक घटाने का प्रावधान है। ये गतिविधियां सिर्फ प्रदर्शनों तथा पेशेवर प्रतियोगिताओं में की जाती हैं।

  • हेडबैंगर अथवा बाउंस स्पिन लेडी के दोनों पैरों को हवा में उठा कर स्विंग कर रहे पुरुष के द्वारा किया जाता है, इसमें लेडी को सिर्फ पुरुष की उसके टखने पर पकड़ का सहारा होता है। लेडी को स्पिन के दौरान आवधिक शैली में ऊंचा उठाया तथा नीचे किया जाता है, कभी कभी उसका सिर बर्फ के निकट खतरनाक रूप से छूने को आ जाता है।
  • डेट्रॉयटर का प्रदर्शन करने के लिए पुरुष महिला को अपने सिर से ऊंचा उठाता है, वह उसे बर्फ के समानांतर पकडे रहता है जबकि वह स्वयं टू-फुट स्पिन कर रहा होता है। यह स्थिति स्पिन का सबसे खतरनाक भाग है क्योंकि पुरुष लेडी को सिर्फ उसके पैरों से आधार प्रदान कर पा रहा होता है। इस गतिविधि को और अधिक नाटकीय तथा खतरनाक बनाने के लिए इसे एक हाथ की पकड़ के साथ भी किया जाता है।

अन्य अवैध गति-कौशलों में शामिल हैं:

  • कलाबाज़ी के प्रकार की कूद
  • गलत पकड़ के साथ की गयी लिफ्ट
  • ऐसी लिफ्ट जिनमें पुरुष के द्वारा 3 ½ से अधिक घूर्णन किये गए हों
  • ऐसे स्पिन प्रचलन जिनमें पुरुष लेडी को हवा में सिर्फ उसका हाथ तथा पेर पकड़ कर घुमाता हो.
  • मोड़-दार तथा घूर्णन प्रचलन जिनके दौरान लेडी को ऐसे घुमाया जाता हो कि उसका स्केटिंग फुट बर्फ से हट जाये
  • ऐसे घूर्णन प्रचलन जिनमें एक साथी की पकड़ दूसरे साथी के पैर, बांह तथा गर्दन पर होती हो
  • एक साथी की दूसरे साथी की ओर लगायी गयी छलांग
  • लेटना तथा लम्बे समय तक तथा/अथवा किसी भी समय बर्फ पर दोनों घुटनों के बल रहना

शब्दावली[संपादित करें]

  • मिरर पेयर्स ऐसी दुर्लभ टीमें होती हैं जो साइड-बाई-साइड तत्वों को विपरीत घूर्णन दिशाओं में कर पाती हैं। ऐसी ही एक जोड़ी थी क्रिस्टी यामागुची (घड़ी की दिशा के विपरीत) तथा रूडी गैलिंडो (घड़ी की दिशा में). जिल वाटसन (घड़ी की दिशा के विपरीत) तथा पीटर ऑपेगार्ड (घड़ी की दिशा में) भी विपरीत दिशों से कूद पाते थे। हाल ही में, टिफ़नी वाईस (घड़ी की दिशा में) तथा डेरेक ट्रेंट (घड़ी की दिशा के विपरीत) भी विपरीत दिशों में घूर्णन करते थे।
  • मिरर स्केटिंग भी मिरर पेयर्स के समान शब्द है, परन्तु यह कूद तथा स्पिन के अतिरिक्त अन्य प्रचलनों के लिए उपयोग किया जाता है। ऐसा प्रचलन करने वाले पहली जोड़ी टीम का श्रेय एंड्री तथा पियरे ब्रुनेट को प्राप्त होता है जिन्होंने सर्वप्रथम इस प्रकार का प्रचलन किया।[1]
  • जब जोड़े के सदस्य एक दूसरे को स्पर्श किये बिना एक जैसी गतिविधियां करते हैं तो इसे शैडो स्केटिंग कहा जाता है।
  • सिमिलर पेयर ऐसी जोड़ी टीम को कहते हैं जिसमें दो पुरुष अथवा दो महिलायें होती हैं। यह मिश्रित जोड़ी के विपरीत होती है। सिमिलर पेयर आईएसयू प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले पाते हैं।

योग्यता[संपादित करें]

अधिकांश प्रतियोगिताओं में स्केट करने वाले उस देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं जिसके नागरिक वे अब तक न बने हों, परन्तु ओलम्पिक में यह लागू नहीं है क्योंकि उसमें नागरिकता आवश्यक है। यदि स्केट करने वाले पहले किसी अन्य देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हों, अंतर्राष्ट्रीय स्केटिंग संघ के नियम उन्हें किसी भी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पिछली प्रतियोगिता की तिथि से दो वर्ष तक शामिल होने से रोकते हैं। हालांकि, साथी खोजने की कठिनाई को कम करने के लिए, इस अवधि को पेयर स्केटर्स (तथा आइस नर्तकों) के लिए एक वर्ष तक कम किया जा सकता है यदि स्केट करने वाले अपने पिछले देश से अनुमति प्राप्त कर ले. यदि पिछला देश मना कर दे, तो दो साल का अपवर्जन लागू होगा.

1996 में, अंतरराष्ट्रीय स्केटिंग संघ ने उम्र सम्बन्धी योग्यता को शामिल किया। विश्व स्तर, यूरोप स्तर, चार महाद्वीपीय स्तर अथवा ओलम्पिक में प्रतिस्पर्धा करने के लिए स्केट करने वालों को पिछले वर्ष की पहली जुलाई को 15 वर्ष पूर्ण करना आवश्यक है, अथवा अन्य वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं के लिए यह आयु 14 वर्ष है। कनिष्ठ-स्तर की प्रतियोगिताओं के योग्य होने के लिए, पेयर स्केटर को पिछले वर्ष की पहली जुलाई को 13 वर्ष पूर्ण करने चाहिए परन्तु यह आयु 19 (महिलाओं के लिए) अथवा 21 (पुरुषों के लिए) से अधिक नहीं होनी चाहिए.[2]

किसी अनाधिकृत प्रदर्शन अथवा प्रतोयोगिता में भाग लेने से स्केट करने वाले अपनी ओलम्पिक पात्रता खो सकते हैं।

दुर्घटनायें[संपादित करें]

यही साथी बहुत निकट से ड्रिफ्ट करे तो साइड-बाई-साइड कैमल स्पिन की परिणति गंभीर चोट के रूप में हो सकती है

सामान्यतया प्रतियोगी पेयर स्केट करने वाले खतरनाक तत्वों के प्रदर्शन के समय हेलमेट अथवा अन्य सुरक्षात्मक उपकरण नहीं पहनते हैं, जबकि उनके स्केट की ब्लेड सिर्फ 4 मिमी (3/16 इंच) चौड़ी होती है। इनमें सर पर लगने वाली चोंटों का काफी अधिक खतरा होता है, जो आमतौर पर लिफ्ट से गिरने के कारण लगती हैं।[3] आईरीना रौडनीना ने 1972 की विश्व प्रतियोगिता में भाग लिया था, प्रतोयोगिता के प्रारंभ होने के एक दिन पहले ही उन्हें आघात लगने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया तथा उन्हें इंट्राक्रेनियल हेमाटौमा हो गया।[4] तातियाना टौटमियानिया 2004 के स्केट अमेरिका में भयानक रूप से गिरीं तथा उन्हें आघात लगा, परन्तु वे गंभीर रूप से घायल नहीं हुईं.[5] जे. पॉल बिंनेबोस को एक लगभग घातक सर की चोट लगी जब वे अपनी साथी को उठाते समय गिर गए; उन्हें आंशिक लकवा भी लगा तथा वे प्रतियोगिता में पुनः सम्मिलित नहीं हो पाए.[6]

साथियों द्वारा एक दूसरे के बहुत निकट आकर ड्रिफ्ट करते समय, विशेष रूप से कैमल स्पिन में, एक दूसरे से चोट लग सकती है। कई महिला पेयर स्केटर्स को इस तत्व को करते समय सिर/चेहरे पर चोट लगी है, इनमें इलेना बेरज्ह्नाया,[7] जेसिका ड्यूब,[8][9] तथा गैलिना मेनियाशेंको[10] शामिल हैं। ऐसी दुर्घटनायें अन्य तत्वों को करते समय भी हो सकती हैं, उदाहरण के लिए साइड-बाई-साइड कूद का अभ्यास करते समय सेडी डेनी दुर्घटनावश जेरेमी बैरेट की काफ को काट बैठीं, इसे ठीक करने में 42 टांके लगाये गए।[11] ऐसे ही साइड-बाई-साइड कूद में मीगन दुहामेल द्वारा क्रेग बंटीन का हाथ कट गया।[12]

ट्विस्ट लिफ्ट भी दोनों साथियों की चोटों का कारण बन सकती है। ट्विस्ट से नीचे आते समय महिला की कोहनी उसके साथी को लग जाती है; ऐसी दुर्घटनाएं अभ्यास के दौरान आम हैं और कभी कभी प्रतियोगिता में भी हो जाती हैं, उदाहरण के लिए 2011 की विश्व प्रतियोगिता में दुहामेल के द्वारा एरिक रैडफोर्ड की नाक टूट गयी।[13][14] कुछ मामलों में, कोहनी के कारण पुरुष अपनी साथी को वापस पकड़ नहीं पाता, उदाहरण के लिए 2009 की विश्व टीम ट्रॉफी में जेसिका ड्यूब व ब्राइस डेविसन.[15] छलांग की ऊंचाई और बल भी महिला के घायल होने का कारण बन सकती है, विशेष रूप से क्वाड थ्रो के दौरान.

विभिन्न जोड़ों के बीच अभ्यास के दौरान टक्करें दुर्लभ हैं। अभ्यास के दौरान, जब उनका संगीत बज रहा हो, किसी जोड़ी को मार्ग प्राप्त करने का अधिकार होता है। अपना मार्ग बदलना किसी जोड़ी के लिए अधिक कठिन है, अतः इकाई के रूप में स्केटिंग कर रहे जोड़े को अलग-अलग स्केटिंग कर रहे व्यक्तियों पर मार्ग का अधिकार प्राप्त होता है।

दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए उच्च स्तर की एकाग्रता की आवश्यकता होती है। जबकि कुछ स्केटर्स दस वर्ष उम्र से ही आइस नृत्य प्रारंभ कर देते हैं, पेयर स्केटिंग में ऐसा कम ही होता है। पेयर स्केटिंग करने वाले आमतौर पर एकल स्केटिंग से प्रारंभ करते हैं तथा पेयर की ओर बाद की आयु में जाते हैं, जबकि महिलायें अपनी प्रारंभिक किशोरावस्था में पेयर में आ जाती हैं, पुरुष कुछ बाद में इसमें आते हैं। कुछ लोग पूर्ण रूप से पेयर स्केटिंग पर ध्यान देते हैं, जबकि कुछ अन्य, विशेष रूप से उत्तरी अमेरिका के लोग, इसके अन्य रूपों की प्रतियोगिता में भी हिस्सा लेते हैं।

संदर्भ[संपादित करें]

  1. एंड्री ब्रुनेट व पियरे ब्रुनेट - ब्रिटैनिका ऑनलाइन एनसाइक्लोपीडिया
  2. "China eyed over 9 athletes' ages". Associated Press (ESPN). February 14, 2011. http://sports.espn.go.com/oly/figureskating/news/story?id=6120559. अभिगमन तिथि: February 14, 2011. 
  3. Klimovich Harrop, JoAnne (October 24, 2004). "Skater injured at Skate America". Pittsburgh Tribune-Review. http://www.pittsburghlive.com/x/pittsburghtrib/s_265308.html. अभिगमन तिथि: November 27, 2010. 
  4. Pushkina, Oksana (October 3, 2004). "Ирина Константиновна Роднина [Irina Konstantinovna Rodnina]" (Russian में). peoples.ru. http://www.peoples.ru/sport/fskating/rodnina/. अभिगमन तिथि: April 23, 2011. 
  5. Yates, Jennifer C. (October 24, 2004). "Scary fall mars Skate America ; Totmianina taken to hospital after". Associated Press (FindArticles). http://findarticles.com/p/news-articles/columbian-vancouver-wash/mi_8100/is_20041024/scary-fall-mars-skate-america/ai_n51299547/. अभिगमन तिथि: November 27, 2010. 
  6. Beiser, H. Darr (December 21, 2010). "Skater Binnebose back on the ice, teaching after brain surgery". USA Today. http://www.usatoday.com/sports/olympics/2010-12-21-j-paul-binnebose-skater_N.htm. अभिगमन तिथि: December 22, 2010. 
  7. Longman, Jere (March 19, 1997). "Russian's Comeback In Pairs Is Stunning". The New York Times. http://www.nytimes.com/1997/03/19/sports/russian-s-comeback-in-pairs-is-stunning.html. अभिगमन तिथि: 6 जून 2010. 
  8. "Statement About Condition of Canadian Pairs Skater Jessica Dube". U.S. Figure Skating. February 8, 2007. http://www.usfigureskating.org/event_story.asp?id=37561. अभिगमन तिथि: April 17, 2011. 
  9. "Skaters recover from slash, ready to defend title". CTV. January 16, 2008. http://www.ctv.ca/servlet/ArticleNews/story/CTVNews/20080116/figure_skaters_080116/20080116?hub=CTVNewsAt11. अभिगमन तिथि: April 17, 2011. 
  10. साँचा:Isu name
  11. Brannen, Sarah S. (February 12, 2011). "Denney, Barrett out of Four Continents". IceNetwork.com. http://web.icenetwork.com/news/article.jsp?ymd=20110212&content_id=16625346&vkey=ice_news. अभिगमन तिथि: February 13, 2011. 
  12. Smith, Beverley (November 15, 2008). "Bad cut can't stop Buntin". The Globe and Mail. http://www.theglobeandmail.com/sports/article723116.ece. अभिगमन तिथि: May 6, 2011. 
  13. Flade, Tatiana (April 27, 2011). "Pang and Tong lead pairs in Moscow". GoldenSkate. http://www.goldenskate.com/articles/2010/w_ps.shtml. अभिगमन तिथि: May 6, 2011. 
  14. "PhotoBlog: Figure skater finishes performance despite taking an elbow to the face". MSNBC. April 27, 2011. http://photoblog.msnbc.msn.com/_news/2011/04/27/6544477-figure-skater-finishes-performance-despite-taking-an-elbow-to-the-face. अभिगमन तिथि: April 27, 2011. 
  15. Ritoss, Robin (April 20, 2009). "Dube and Davison to Return to Canada". Skate Today. http://www.skatetoday.com/2009/04/20/dube-and-davison-to-return-to-canada/. अभिगमन तिथि: April 17, 2011.