परिमाप

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द्विबीमीय आकृतियाँ जिन रेखाखण्डों से घिरी होती हैं
(अर्थात मिलकर बनी होती हैं)
उन सभी के लम्बाइयों का योग परिमाप या परिमिति कहलाता है।

परिमाप शब्द दो शब्दो से मिलकर बना है - परि और माप। 'परि' का अर्थ होता है "चारों ओर" और माप का अर्थ होता है "मापना"। अर्थात किसी आकृति के सभी भुजाओं के माप को परिमाप (Perimeter) कहते हैं। जैसे- आयत का परिमाप उसकी चारों भुजाओं के योग के बराबर होता है; वर्ग का परिमाप उसकी भुजा का चार गुना होता है; आदि।

हम किसी भी आकृति का परिमाप उसके सभी भजाओं की लम्बाई को जोड़कर ज्ञात कर सकते है।

कुछ सूत्र[संपादित करें]

आकृति सूत्र चर (variables)
वृत्त 2 \pi r\, जहाँ r त्रिज्या है।
त्रिभुज a + b + c\, जहाँ a, b और c त्रिभुज की भुजाओं की लम्बाइयाँ हैं
वर्ग 4l जहाँ l भुजा की लम्बाई है।
आयत 2l+2w जहाँ l लम्बाई है और w चौड़ाई है।
समबाहु बहुभुज n \times a\, where n is the number of sides and a is the length of one of the sides.
समबहुभुज 2nb \sin(\frac{\pi}{n}) where n is the number of sides and b is the distance between center of the polygon and one of the vertices of the polygon.
सामान्य बहुभुज a_{1} + a_{2} + a_{3} + \ldots + a_{n} = \sum_{i=1}^{n}a_{i} where a_{i} is the length of the i-th (1st, 2nd, 3rd ... n-th) side of an n-sided polygon.

इन्हें भी देखें[संपादित करें]