परमहंस योगानन्द

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परमहंस योगानन्द
rahmenlos

परमहंस योगानन्द बीसवीं सदी के एक आध्यात्मिक गुरू और संत थे। उन्होंने अपने अनुयायियों को क्रिया-योग का उपदेश दिया तथा पूरे विश्व में उसका प्रचार तथा प्रसार किया। योगानंद के अनुसार क्रिया योग ईश्वर से साक्षात्कार की एक प्रभावी विधि है, जिसके पालन से अपने जीवन को संवारा और ईश्वर की ओर अग्रसर हुआ जा सकता है।

जन्म[संपादित करें]

परमहंस योगानन्द का जन्म मुकुन्दलाल घोष के रुप में ५ जनवरी १८९३, को गोरखपुर, उत्तरप्रदेश में हुआ।

पारिवारिक पृष्ठभूमि[संपादित करें]

योगानन्द के पिता भगवती चरण घोष बंगाल नागपुर रेलवे में उपाध्यक्ष के समकक्ष पद पर कार्यरत थे। योगानन्द अपने माता पिता की चौथी सन्तान थे। उनकी माता पिता महान क्रियायोगी लाहिड़ी महाशय के शिष्य थे।

== बचपन yoganand ji ke guru ka nam yukteshwargiri ji maharaj h .

अध्ययन[संपादित करें]

साधना-पथ[संपादित करें]

गुरु[संपादित करें]

युक्तेश्वर गिरि

ईश्वर-साक्षात्कार[संपादित करें]

अनुयायी और शिष्य[संपादित करें]

उपदेश[संपादित करें]

क्रिया योग