पपिस तारामंडल

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पपिस तारामंडल
पपिस तारामंडल में ऍन॰जी॰सी॰ २४६७ नामक क्षेत्र, जहाँ गैस और धूल के भीमकाय बादलों के दरमयान तारों का सृजन हो रहा है

पपिस तारामंडल खगोलीय गोले के दक्षिणी भाग में दिखने वाला एक तारामंडल है। आकाश में क्षेत्र के हिसाब से यह एक काफ़ी बड़ा तारामंडल है।

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

पपिस तारामंडल को अंग्रेजी में भी "पपिस कॉन्स्टॅलेशन" (Puppis constellation) बुलाया जाता है। यह लातिनी भाषा से लिया गया एक शब्द है। किसी नौका की पिछली तरफ़ (यानि उसकी दुम की ओर) बने हुए कमरे की छत को "पूप डॅक" (poop deck) कहा जाता है और इस तारामंडल का नाम उसी से आया है। पूप छत पर खड़े होकर नाव का कप्तान नाव में होने वाली सारी गतिविधियों पर और नौका के आगे और दाएँ-बाएँ के समुद्री क्षेत्र पर नज़र रख सकता है।

तारे[संपादित करें]

पपिस तारामंडल में ९ मुख्य तारे हैं, हालांकि वैसे इसमें ७६ तारों को बायर नाम दिए जा चुके हैं। इनमें से ६ के इर्द-गिर्द ग़ैर-सौरीय ग्रह परिक्रमा करते हुए पाए गए हैं। इस तारामंडल के मुख्य तारे और अन्य वास्तुएँ इस प्रकार हैं[1][2] -

  • ज़ेटा पपिस (ζ Pup) - यह O5Ia श्रेणी का अति-गरम नीला महादानव तारा है, जिसे नेऑस (Naos) भी बुलाया जाता है।
  • ज़ाए पपिस (ξ Pup) - यह एक G श्रेणी का महादानव तारा है, जिसका पारम्परिक नाम ऐज़्मिडिस्के (Asmidiske) है।
  • ऍच॰डी॰ ७०६४२ (HD 70642) - यह एक तारा है जिसके इर्द-गिर्द एक बृहस्पति के अकार का ग़ैर-सौरीय ग्रह पाया गया है। इस ग्रह की परिक्रमा कक्षा कुछ ऐसी है की इसके और इसके केन्द्रीय तारे के बीच में एक वासयोग्य क्षेत्र है जिसमें अगर कोई पृथ्वी जैसा ग्रह हुआ तो वह संतुलित परिस्थितियों में होगा। वैज्ञानिकों को आशा है कि यहाँ उन्हें शायद कोई पृथ्वी-नुमा ग्रह मिल जाए।
  • ऍच॰डी॰ ६९८३० (HD 69830) - इस तारे के इर्द-गिर्द तीन वरुण (नॅप्टयून) के अकार के ग्रह परिक्रमा करते हुए ज्ञात हुए हैं। तारे के बीच के और सबसे बाहर के ग्रहों के बीच में एक क्षुद्रग्रह घेरा (ऐस्टरौएड बॅल्ट) भी मौजूद है।
  • ऍन॰जी॰सी॰ २४२३ (NGC 2423) - यह एक खुला तारागुच्छ है जिसके अन्दर एक लाल दानव तारा है जिसे ऍन॰जी॰सी॰ २४२३-२ (NGC 2423-2) का नाम दिया गया है। इस तारे के इर्द-गिर्द एक बृहस्पति से कम-से-कम १०.६ गुना द्रव्यमान (मास) रखने वाला ग्रह ज्ञात हुआ है जो इस तारे से २.१ खगोलीय इकाईयों के फ़ासले पर उसकी परिक्रमा कर रहा है।
  • ऍच॰डी॰ ६०५३२ (HD 60532) - इस तारे के इर्द-गिर्द दो बृहस्पति जैसे ग्रह परिक्रमा करते मिले हैं।
  • खुले तारागुच्छ - पपिस तारामंडल अपने बहुत से खुले तारागुच्छों के लिए मशहूर है। इनमें से बहुत को मॅसिये वस्तुओं की सूची में भी शामिल किया गया है। ऍम४६ (M46), ऍम४७ (M47), ऍन॰जी॰सी॰ २४५१ और ऍन॰जी॰सी॰ २४७७ इनमें खगोलशास्त्रियों द्वारा जाने-माने हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]