न्यूटन विधि

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न्यूटन की विधि को बारबार लगाने से क्रमशः अधिक शुद्ध मूल प्राप्त होते हैं।

संख्यात्मक विश्लेषण में न्यूटन विधि किसी वास्तविक मान वाले फलन के मूल निकालने की एक पुनरावृत्‍तिमूलक विधि (इटरेटिव प्रॉसेस) है जिसके द्वारा मूल के सन्निकट मान से आरम्भ करके क्रमशः अधिक यथार्थ मूल प्राप्त किया जाता है। इसको 'न्यूटन-रैप्सन विधि' (Newton–Raphson method) भी कहते हैं।

एक चर वाले फलनों के लिए इस विधि का वर्णन इस प्रकार है:

माना वास्तविक x के लिए फलन ƒ और इसका अवकलज ƒ ', दिया हुआ है। फलन f का मूल निकालने के लिए सबसे पहले मूल का प्रथम अनुमान x0 लेकर यह विधि शुरू होतीहै। अब निम्नलिखित सूत्र से मूल का अधिक यथार्थ मान (better approximation) x1 निकाला जाता है:

x_{1} = x_0 - \frac{f(x_0)}{f'(x_0)} \,.

इसी प्रक्रिया को बार-बार दोहराया जाता है जब तक मूल का पर्याप्त रूप से यथार्थ मान न प्राप्त हो जाय।

x_{n+1} = x_n - \frac{f(x_n)}{f'(x_n)} \,

विधि का चलित-चित्रण[संपादित करें]

इस विधि को ज्यामितीय रूप से निम्नलिखित चलित-चित्र (एनिमेशन) द्वारा समझा जा सकता है:

NewtonIteration Ani.gif

उदाहरण[संपादित करें]

इस विधि की कार्यप्रणाली समझने के लिए इस उदाहरण का सहारा लिया गया है। माना समीकरण \cos(x) = x^3 का एक धनात्मक मूल निकालना है। अब इस समीकरण का रूप इस प्रकार बदलते हैं:

f(x)=\cos(x)-x^3=0. इसका अवकलज
f'(x)=-\sin(x)-3x^2.

चूँकि x के सभी मानों के लिए \cos(x)\leqslant 1 तथा x>1 के लिए x3>1 अतः इस समीकरण का मूल 0 और 1 के बीच होगा। माना मूल x_0=0,5 है।

\begin{matrix}
  x_1 & = & x_0 - \frac{f(x_0)}{f'(x_0)} & = &0,5-\frac{\cos(0,5) - 0,5^3}{-\sin(0,5) - 3 \times 0,5^2} & \simeq & 1,112\,141\,637\,1 \\
  x_2 & = & x_1 - \frac{f(x_1)}{f'(x_1)} & & \vdots & \simeq & 0,909\,672\,693\,736 \\
  x_3 & & \vdots & & \vdots & \simeq & 0,866\,263\,818\,209 \\
  x_4 & & \vdots & & \vdots & \simeq & 0,865\,477\,135\,298 \\
  x_5 & & \vdots & & \vdots & \simeq & 0,865\,474\,033\,111 \\
  x_6 & & \vdots & & \vdots & \simeq & 0,865\,474\,033\,101 \\
  x_7 & & \vdots & & \vdots & \simeq & 0,865\,474\,033\,102
\end{matrix}

इस मूल के प्रथम 7 अंक वास्तविक मूल के प्रथम 7 अंकों के बराबर हैं। यदि इससे अधिक यथार्थता की आवश्यकता नहीं है तो मूल का यही मान लेकर गणना कार्य समाप्त कर सक्ते हैं।

अ भिसरण (convergence)[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]